दो माह बाद भी नहीं हो रही पान मसालों की जांच

- नाम का प्रतिबंध

हनुमानगढ़. प्रदेश में दो अक्टूबर गांधी जयंती से प्रतिबंधित मेग्रिशियम, कार्बोनेट व निकोटिन वाले तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया। मगर सेहत के लिए हानिकारक माने जाने वाले पान मसालों में प्रतिबंधित पदार्थों की मिलावट की जांच के लिए चिकित्सा विभाग ने अब तक सैम्पल लेने की कार्रवाई शुरू नहीं की है।

इससे बाजार में बिकने वाले पान मसालों की प्रकृति का सही पता नहीं चल पा रहा। पान मसालों में प्रतिबंधित तत्वों की मिलावट पर रोक की सूचना के बाद बड़े पैमाने पर थोक वितरकों ने इनका स्टॉक कर कालाबाजारी शुरू कर दी थी। लगातार बाजार में पान मसाले की सप्लाई की जा रही है।

नोहर कस्बे के एसबीआई गांधी चौक शाखा मार्ग, पीपल गट्टा, सिंधी बाजार, सिंधी मंदिर क्षेत्र आदि में दर्जनों थोक विक्रेता बिना किसी बिल व पंजीयन के बड़े स्तर पर पान मसाला सप्लाई कर रहे हैं। इस संबंध में खाद्य सुरक्षा अधिकारी हरिराम वर्मा ने बताया कि प्रतिबंधित पान मसाले की जांच के लिए नमूना संग्रहण समय-समय पर किया जाता है। संग्रहित नमूनों में से एक अमानक मिल चुका है। शीघ्र ही जिले भर से पान मसालों के नमूने संग्रहित किए जाएंगे। (नसं.)

Show More
Manoj Bureau Incharge
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned