कर्ज में डूबी नगर परिषद को फिर से तारने की तैयारी


कर्ज में डूबी नगर परिषद को फिर से तारने की तैयारी
- ४४ करोड़ ऋण चुकाने के लिए नप लेकर आएगी दो आवासीय योजना


हनुमानगढ़. कर्ज में डूब चुकी नगर परिषद को तारने की कवायद शुरू की गई है। करीब २८ करोड़ का ऋण बटौरने के लिए नगर परिषद दो आवासीय योजना लेकर आई है। हालांकि इनमें से एक योजना की कागजी कार्रवाई निकाय चुनाव से पहले से की जा चुकी थी। जिसे अब अंतिम रूप दिया जा रहा है। नप अब दूसरी आवासीय योजना लाने की तैयारी में जुटी है। दोनों आवासीय योजना से करीब दस करोड़ की आमदनी होने का आकंलन है। इसी तरह आवासीय योजना की प्रस्तावित भूमि के पास आवासीय स्कीम के अंतर्गत नीलामी के जरिए भी नप भूखंडों का आवंटन करेगी। इनसे करीब बीस करोड़ की आमदनी होने का अनुमान है। इनमे से एक आवासीय योजना जंक्शन स्थित अग्रसैन भवन के पीछे इसी १६ दिसंबर से लाई जा रही है। इस योजना के तहत नगर परिषद १६२ भूखंडों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से करेगी। गौरतलब है कि नगर परिषद पर करीब ४४ करोड़ का कर्ज है। इसमें हुडको से कुल २८ करोड़ का ऋण स्वीकृत है। इसमें बीस करोड़ ऋण की स्वीकृति जंक्शन स्थित अग्रसैन भवन के पीछे ९८.२ बीघा भूमि पर ले रखी है। अभी तक नप तीन किश्तों में करीब ११ करोड़ के ऋण से विकास कार्य करवा चुकी है। इसके अलावा गत विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत १६ करोड़ रुपए की राशि हनुमानगढ़ के लिए स्वीकृत की गई थी। राज्य सरकार ने यह राशि भी हुडको से बतौर ऋण के रूप ंमें हनुमानगढ़ नगर परिषद को दिलाई थी।

कैनाल कॉलोनी में भी आवासीय योजना
गत वर्षों में सिंचाई विभाग से मिली बीस बीघा भूमि पर भी नगर परिषद आवासीय योजना लाने जा रही है। इसके लिए कागजी कार्रवाई की जा रही है। नियमों के अनुसार बीस बीघा भूमि में से करीब ५० प्रतिशत भूमि पर आवासीय क्षेत्र स्थापित होगा। इस भूमि पर भूखंड ईड्ब्ल्यूस ( आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग) व एलआईजी (निम्न आय वर्ग) के लिए भी आरक्षित किए जाएंगे। टाउन प्लानर की ओर से इस भूमि पर आवासीय योजना के साथ-साथ नक्शे को भी हरी झंडी दे चुके हैं। लेकिर्न इड्ब्ल्यूस व एलआईजी के नियमों के तहत एक शर्त आड़े आने पर स्वायत्त शासन विभाग से अब स्वीकृति ली जाएगी।

सात बीघा भूमि का आवंटन
जंक्शन नगर परिषद उपकार्यालय के पास इंडियन ऑयल की सात बीघा भूमि को भी कैनाल कॉलोनी की आवासीय योजना में शामिल किया जा रहा है। इस भूमि पर नगर परिषद आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग व निम्न आय वर्ग के नागरिकों को भूखडों का आवंटन करेगी।

भूमि हैंडओवर करने की तैयारी
तिलक सर्किल के पास सिंचाई विभाग की सात बीघा भूमि है। इस भूमि को भी नगर परिषद हैंडओवर करने की जा रही है। नगर परिषद इस भूमि पर शापिंग सेंटर का नक्शा स्वीकृत कर भूखंडों का आवंटन नीलामी के माध्यम से करेगी। उक्त दोनों योजना के तहत नगर परिषद को करीब दस करोड़ रुपए की आमदनी होने का अनुमान है।

९८.२ बीघा भूमि पर होंगे ३८७ भूखंड
जिला कलक्ट्रेट के सामने ९८.२ बीघा भूमि पर हुडको से बीस करोड़ के ऋण को चुकाने के लिए विभिन्न श्रेणियों में ३८७ भूखंडों का आवंटन किया जाएगा। इनमे से आवासीय योजना के तहत १६२ भूखंडों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से १५ जनवरी के बाद करेगी। इससे पूर्व नगर परिषद १६ दिसंबर से आवंटन प्रक्रिया में आवेदन करने वाले आवेदकों से निर्धारित शुल्क लेकर फार्म जमा करेगी। १६२भूखंडों का साइज २५ गुणा ४९ होगा। इनसे नगर परिषद को करीब छह करोड़ की आमदनी होगी। इसके अलावा ४९ गुणा ८९ के ४६ भूखंड, ३९ गुणा ६९ के ५५, ३४ गुणा ६९ के २९ व ३० गुणा ६४ के ९५ भूखंडों का आवंटन लॉटरी प्रक्रिया के बाद नीलामी से करेगी। लॉटरी के बाद शेष २२५ भूखंडों से २० करोड़ की आमदनी होने की उम्मीद है।


ला रहे हैं दूसरी आवासीय योजना भी
नगर परिषद पर करोड़ों का कर्ज है। इससे उभरने के लिए शहर में दो आवासीय योजना लाई जा रही है। एक आवासीय योजना अग्रसैन भवन के पीछे जो पहले से प्रस्तावित है व दूसरी आवासीय योजना कैनाल कॉलोनी में लाने की तैयारी है। इससे नप को करोड़ों की आमदनी होने के साथ-साथ नागरिकों को रियायती दरों पर भूखंड भी मिल सकेंगे। इसके अलावा तिलक सर्किल के पास भी नगर परिषद को सात बीघा भूमि हैंडओवर होने वाली है। इस भूमि पर व्यावसायिक योजना के तहत भूखंडों की नीलामी की जाएगी।
गणेश बंसल, सभापति, नगर परिषद

Anurag thareja Reporting
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