सरकारी खरीद शुरू होने तक प्राइवेट बोली रखेंगे बंद

Purushotam Jha | Updated: 09 Oct 2019, 11:21:54 AM (IST) Hanumangarh, Hanumangarh, Rajasthan, India

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हनुमानगढ़. सीसीआई अधिकारी अब भी कपास की सरकारी खरीद शुरू करने में आनाकानी कर रहे हैं। बुधवार को तय समझौते के तहत खरीद शुरू करनी थी, लेकिन सुबह ग्यारह बजे तक मंडी में खरीद शुरू नहीं हो पाई। आक्रोशित किसानों ने सरकारी खरीद शुरू होने तक प्राइवेट खरीद भी बंद कर दी।

 

सरकारी खरीद शुरू होने तक प्राइवेट बोली रखेंगे बंद
-किसानों का निर्णय, सीसीआई अधिकारी अब भी खरीद शुरू करने में कर रहे आनाकानी
हनुमानगढ़. सीसीआई अधिकारी अब भी कपास की सरकारी खरीद शुरू करने में आनाकानी कर रहे हैं। बुधवार को तय समझौते के तहत खरीद शुरू करनी थी, लेकिन सुबह ग्यारह बजे तक मंडी में खरीद शुरू नहीं हो पाई। आक्रोशित किसानों ने सरकारी खरीद शुरू होने तक प्राइवेट खरीद भी बंद कर दी। इससे मंडी समिति के अधिकारी भी पसोपेश की स्थिति में हैं।
गौरतलब है कि काफी संघर्ष के बाद मंगलवार को आखिरकार सीसीआई के अधिकारी कपास की सरकारी खरीद करने को तैयार हो गए थे। इसके तहत मंगलवार को दोपहर तीन बजे बाद सीसीआई अधिकारियों ने नरमा-कपास की नमी जांचने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। सीसीआई के खरीद अधिकारी गुरदीप सिंह ने बताया कि मंगलवार को कुल ७१ ट्रालियां कपास की बिकने के लिए आई। इनमें नमी जांचने पर २३ ट्रालियों में नमी ८ से १२ प्रतिशत तक मिली। जबकि शेष ट्रालियों में १३ से १९ प्रतिशत तक नमी मिली। जिन ट्रालियों में बारह प्रतिशत तक नमी मिली है, उन किसानों को आधार कार्ड, बैंक खाता व गिरदावरी साथ लाने के लिए कहा गया है। बुधवार को आवश्यक दस्तावेज साथ लाने पर सभी प्रक्रिया पूर्ण करके किसानों को निर्धारित अवधि में भुगतान करने को तैयार हुए थे।
माकपा नेता रघुवीर वर्मा ने आरोप लगाया कि सीसीआई के अधिकारी जिस मशीन को लेकर नमी जांच रहे हैं, वह विश्वनीय नहीं है। एक ट्रॉली में अलग-अलग नमी मिलने की बात अधिकारी कह रहे हैं। जो खुद ही मशीन की विश्वनीयता पर सवाल खड़े करती है। किसान नेता लगातार मशीनों में गड़बडी होने का आरोप लगा रहे हैं। व्यवस्थित तरीके से कपास खरीद शुरू नहीं करने की स्थिति में किसानों ने आगे आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

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