वार्डों का सीमाकंन नहीं आया पसंद तो दर्ज कराएं आपत्ति

नगरपालिका और नगर परिषद के वार्डों का पुनर्गठन


अस्थाई सूचियां जारी, 15 तक दर्ज होंगी आपत्तियां



By: Manoj

Published: 07 Jul 2019, 12:26 PM IST

हनुमानगढ़. स्वायत्त शासन विभाग के आदेश पर जिला मुख्यालय की हनुमानगढ़ नगर परिषद और जिले की संगरिया, पीलीबंगा, रावतसर, नोहर एवं भादरा नगर पालिकाओं वार्डों के पुनर्गठन ओर पुन: सीमांकन की अस्थाई सूचियां जारी कर दी गई हैं। इन पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, जन संगठन और आम जन अपनी आपत्तियां 15 जुलाई तक दर्ज करवा सकेंगे। इन पर जांच और सुनवाई के बाद स्थाई सीमांकन होगा। वार्डों के पुनर्गठन के बाद बने क्षेत्रफल की सूचियां शुक्रवार को जारी हुई और शनिवार को इन्हें नगरपालिका कार्यालयों में चस्पा कर दिया गया है।

जंक्शन और टाउन में दर्ज होगी प्रक्रिया
हनुमानगढ़ नगर परिषद की नई जनगणना के आधार पर जनसंख्या एक लाख 50 हजार ९५८ है। इसके आधार पर 45 वार्डों को बढ़ा कर 60 वार्ड किया गया है। इसके तहत टाउन में २८ और जंक्शन में 32 वार्ड किए गए हैं। पहले टाउन में 22 और जंक्शन में 23 वार्ड थे। जंक्शन और टाउन के लिए सूचियां अलग-अलग लगाई गई हैं। टाउन के लिए मुख्य नगर परिषद कार्यालय और जंक्शन में उप कार्यालय में सूचियां लगाई गई हैं। इनमें वार्डों का क्षेत्रफल दर्शाया गया है। इन पर किसी को आपत्ति हो तो वह लिखित में अपने तर्क और दावे के साथ नगर परिषद में आपत्ति दर्ज करवा सकता है।

४५ से 60 हो गए वार्ड, मगर सीमांकन एक सा नहीं
हनुमानगढ़ नगर परिषद के 45 वार्डों के क्षेत्रफल को 60 में तब्दील कर दिया गया है लेकिन फिर भी क्षेत्रफल एक सामान नहीं रखा गया है। 60 में से अभी भी 20 वार्ड ऐसे हैं, जिनका क्षेत्रफल बहुत छोटा बताया जा रहा है। 10 वार्ड ऐसे हैं, जिनके क्षेत्रफल को अभी भी सही किए जाने की आवश्यकता बताई जा रही है। उदाहरण के तौर पर वार्ड संख्या एक पिछले कार्यकाल में भी क्षेत्रफल की दृष्टि से बहुत ज्यादा बड़ा था और इस बार भी वह बहुत ज्यादा बड़ा है।

भादरा. नगरपालिका क्षेत्र में वर्ष 2011 के आधार पर स्वायत्त शासन विभाग के निर्देश पर भादरा नगरपालिका क्षेत्र के 30 वार्डों को 40 वार्डों में निर्धारित करने को लेकर नगरपालिका द्वारा गठित की गई कमेटी में 40 वार्डों के सीमांकन प्रस्ताव तैयार कर नगरपालिका के सूचना बोर्ड पर चस्पा कर दिये है। नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी दलीप पूनियां के अनुसार नवगठित वार्डों के सीमांकन पर किसी भी व्यक्ति को कोई आपत्ति हो तो 15 जुलाई तक अपनी आपत्ति लिखित में नगरपालिका में प्रस्तुत कर सकते है। दूसरी तरफ नगरपालिका की ओर से 40 वार्डों के सीमांकन को लेकर पालिका की राजनीति की सरगर्मियां बढ़ गई है। अनेक नये चहरे पालिका की राजनीति में आने को आतुर नजर आ रहे है। नये वार्ड सीमांकन को लेकर अपने जनसम्पर्क व अस्तित्व की समीक्षा शुरू हो गई है।

कुछ जागरूक नागरिकों का कहना है कि वर्ष 2011 की जनगणना के 8 वर्ष बाद वार्डों के पुनर्गठन की प्रक्रिया विलम्ब से शुरू की गई है, जबकि स्वायत्त शासन विभाग को यह प्रक्रिया वर्ष 2012 में शुरू कर वार्डों का पुनर्गठन यदि कर दिया जाता तो कस्बे में विकास की गति को बढ़ावा मिलता वहीं पर 10 नये पार्षद पालिकामण्डल में सम्मिलित होते व पालिका की राजनीति भी प्रभावित होती है। स्वायत्त शासन विभाग की उदासीनता प्रत्येक पालिका कार्यप्रणाली में देखने का मिलती आ रही है वहीं पर राजस्थान सरकार भी स्वायत्त शासन विभाग पर आज तक नकेल नहीं डाल पायी है।

पालिका के 25 वार्डों के स्थान पर अब 35 होंगे वार्ड
पीलीबंगा. नगर पालिका चुनाव के लिए वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर अधिसूचना 10 जून 2019 के अनुरूप वार्डो के पुर्नगठन के निर्देश जारी करने के पश्चात पालिका में निर्धारित सीटों की जनसंख्या के अनुसार वार्डों का गठन एवं पुर्नसीमांकन का कार्य नगर पालिका में किया जा रहा है। वार्डों के विस्तार किए जाने से पालिका के कई वार्ड प्रभावित होंगे। राज्य सरकार के निर्देशानुसार कस्बे की नगर पालिका में 25 वार्डों के स्थान पर अब 35 वार्ड होंगे। वार्ड पुर्नसीमांकन का कार्य कर रहे टीम के सदस्य ज्ञान सर्वटा ने बताया की नगर पालिका के वार्ड 1, 2, 3, 4, 5, 6, 22, 23 एवं 25 के मतदाता सबसे अधिक प्रभावित होंगे। जानकारी के अनुसार लखुवाली के वार्ड एक व दो में से एक नया वार्ड और जोड़ा जा रहा है।

वहीं वार्ड 4,5,6 में से तीन वार्ड नए बनाए जा रहे हैं। इसी तरह से कस्बे की बीरबल विहार कॉलोनी, जंभेश्वर कॉलोनी, नहरी व सांसी बस्ती का एक अलग ही वार्ड बनाया जा रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष राजकुमार फंडा के अनुसार वार्डों का पुर्नसिमांकान करने के लिए पालिका कर्मचारियों की एक टीम का गठन किया गया है। पालिका क्षेत्र में वार्डो के गठन के सम्बन्ध में वार्डो की सीमा निर्धारित करेंगे तथा सीमा निर्धारण के प्रारूप एवं नक्शें पर आपत्ति आमंत्रित करेंगे तथा प्राप्त आपत्तियों का निराकरण करेंगे। यह कार्य समयावधि में पूर्ण किया जाकर वार्डो के सीमा निर्धारण एवं प्रारूप के प्रकाशन के पश्चात् वार्डो के गठन के सम्बन्ध में अधिशाषी अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत सभी आपत्तियों को मय दस्तावेजों को टिप्पणी के साथ राज्य सरकार को प्रेषित किया जाएगा। (नसं.)


वार्डों के सीमांकन को लेकर मांगी आपत्तियां
रावतसर. राज्य सरकार के निर्देशानुसार स्थानीय नगरपालिका क्षेत्र के 25 वार्डों को बढ़ाकर 35 वार्ड किए जाना प्रस्तावित है। इसे लेकर स्थानीय नगरपालिका प्रशासन ने समिति का गठन किया है। कमेटी ने कनिष्ठ अभियंता की देखरेख में 25 वार्डों का निरीक्षण कर 35 वार्डों के सीमांकन कार्य व नक्शा कार्य पूर्ण कर लिया है। समिति के सदस्यों ने शुक्रवार शाम सीमांकन का कार्य पूर्ण कर प्रस्तावों सहित नक्शा सूची आमजन के अवलोकन के लिए नगरपालिका नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दी। अधीशासी अधिकारी पृथ्वीराज जाखड़ ने बताया कि इस संबंध में किसी को आपत्ति हो तो वह 15 जुलाई तक आपत्ति दर्ज करवा सकता है। इसके बाद 15 जुलाई से 22 जुलाई तक प्रस्ताव राज्य सरकार को भिजवा दिए जाएंगे। फिर 23 जुलाई से 6 अगस्त तक स्वायत्त शासन विभाग अनुमोदन करेगा। 7 से 19 अगस्त तक समस्त प्रस्तावों को राजपत्र में प्रकाशित करवा दिया जाएगा।


पुनर्सीमांकन प्रस्ताव पर कांग्रेस शांत, भाजपा में हलचल तेज
भाजपाई खेमा जुटा आपत्तियां चिन्हित करने में
नोहर. नगर पालिका वार्डों के पुनर्सीमांकन के लिए तैयार प्रस्ताव शनिवार को सार्वजनिक कर दिया गया। नगरपालिका कार्यालय में शनिवार सुबह ३० वार्ड संख्या को बढ़ाकर ४० करने का खाका चस्पा कर दिया गया। इसे लेकर नागरिकों में खासा उत्साह देखा गया। वहीं पालिका क्षेत्र के पुराने ३० वार्ड को ४० वार्ड में तब्दील करने के बाद राजनीतिक दल भी इसे सियासी दृष्टि से देखकर लाभ-हानि का आकलन करते रहे। पुनर्सीमांकन की सूची चस्पा होने के साथ ही राजनीतिक गलियारों में सियासी उबाल सा आ गया है। इसे लेकर जहां कांग्रेस शांत दिखाई दे रही है, वहीं भाजपा में अधिक हलचल है।

यद्यपि पुनर्सीमांकन का यह प्रस्ताव अभी प्राथमिक तौर पर सार्वजनिक किया गया है। इसमें बदलाव के लिए निर्धारित मापदंड के अनुसार आपत्ति प्रस्तुत की जा सकती है। पुनर्सीमांकन के प्राधिकृत अधिकारी दलीप पूनिया ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से तय मापदंड पर वार्ड वाइज पुनर्सीमांकन किया गया है। प्रस्ताव की सूची सार्वजनिक होने के बाद अब 1५ जुलाई तक इसमें दावे व आपत्तियां प्रस्तुत की जा सकती है।

इसमें पूरी सावधानी बरती गई है। फिर भी अगर कोई तय मापदंड को प्रमाणित करती आपत्ति आएगी तो उस पर निष्पक्ष रूप से कार्रवाई की जाएगी। नगरपालिका प्रशासन की ओर से शनिवार को चस्पा किए गए पुनर्सीमांकन प्रस्ताव में वार्ड 1 में मोड़वाली ढाणी सिखान, वार्ड 2 में ग्रेफ कार्यालय क्षेत्र, वार्ड 3 में आरएसडी स्कूल क्षेत्र, वार्ड 4 में गांधी मूर्ति क्षेत्र, वार्ड 5 में कब्रिस्तान गेट क्षेत्र, वार्ड 6 में साहवा बाइपास चौधरी होटल क्षेत्र, वार्ड ७ में किसान कॉलोनी ईदगाह के पास का क्षेत्र, वार्ड ८ में इनायत की चक्की क्षेत्र, वार्ड ९ में पुराना कंदोई पेच क्षेत्र व वार्ड 1० में महावीर पटवारी के मकान का क्षेत्र शामिल किया गया है।

वार्ड 11 में रामा मैरिज पैलेस, वार्ड 12 में साहवा अड्डा क्षेत्र, वार्ड 1३ अरड़की मार्ग, वार्ड 1४ आसमीन वीडियो क्षेत्र, वार्ड 1५ पुराना पोस्त ठेका, वार्ड 1६ पूर्व पालिकाध्यक्ष मंजूर अली टाक का मकान क्षेत्र, वार्ड 1७ घंटाघर क्षेत्र, वार्ड 1८ श्रीराम वाटिका क्षेत्र, वार्ड 1९ मटोरिया गैरेज क्षेत्र व वार्ड 2० जाजू मंदिर क्षेत्र सम्मिलित किया गया है। इसी तरह वार्ड 21 राजकीय बालिका विद्यालय क्षेत्र, वार्ड 22 में पुष्करणा धर्मशाला क्षेत्र, वार्ड 2३ में जोगीआसन स्कूल क्षेत्र, वार्ड 2४ में कली भट्टा क्षेत्र, वार्ड 2५ में शरीफ की चक्की क्षेत्र, वार्ड 2६ में सुथार टैंट हाउस क्षेत्र, वार्ड 2७ में श्याम बाबा कॉलोनी क्षेत्र, वार्ड 2८ में पारीक डेयरी क्षेत्र, वार्ड 2९ में कल्याण भूमि गेट क्षेत्र व वार्ड ३० में डागा भवन क्षेत्र को शामिल किया है। वार्ड ३1 में श्री गोशाला क्षेत्र, वार्ड ३2 में मंगतु आटा चक्की क्षेत्र, वार्ड ३३ में पंचायत समिति मार्ग, वार्ड ३४ में मीणा भवन क्षेत्र, वार्ड ३५ में सैनी समाज श्मशान भूमि क्षेत्र, वार्ड ३६ में ज्ञान मंदिर स्कूल दक्षिण क्षेत्र, वार्ड ३७ में विद्युत निगम क्षेत्र, वार्ड ३८ में जांगिड़ सुथार धर्मशाला क्षेत्र, वार्ड ३९ में एनडीबी कॉलेज क्षेत्र तथा वार्ड ४० में मॉडल टाऊन आदि क्षेत्र को शामिल किया गया है।(नसं.)


आबादी विस्तार के चलते आउटर में बढी वार्डो की संख्या
परिसीमन से बदल गया संगरिया के वार्डो का स्वरुप
अनेक वार्डो का हुआ विस्तार
छ: सदस्सीय कमेटी ने किया निर्णय
संगरिया. स्थानीय नगरपालिका क्षेत्र में राजस्थान सरकार के आदेश के अनुसार वार्ड की संख्या 25 से बढाकर 35 करने की प्रक्रिया का पहला चरण पूर्ण कर दिया गया है। इसके तहत शहर की 36619 आबादी को आधार मानते हुए वार्ड की संख्या 25 से बढाकर 35 कर दी गई है। परिसीमन कार्य के लिए छ: सदस्यों की टीम का गठन किया गया था जिसमें कनिष्ठ अभियंता सुरेंद्र प्रताप प्रभारी व श्याम धारणियां सह प्रभारी रहे। इस टीम में सदस्य रुप में कार्यालय सहायक अरविंद खन्ना, लिपिक सुभाष चंद्र बिश्रोई, रामनारायण पंवार स्वच्छता निरीक्षक तथा पूर्व कार्यालय सहायक विनोद कुमार मोयल को शामिल किया गया था। इस टीम द्वारा प्रस्तुत रिर्पोट को नगरपालिका व उपखण्ड अधिकारी कार्यालय में लगाकर छ: जुलाई से 15 जुलाई तक आमजन की आपत्तियां सुनी जाएगी। स्थानीय नगरपालिका के चुनाव में एक वर्ष का ही समय शेष रहा है इसके तहत यह बदलाव शहर की राजनीति के लिए अधिक महत्वपूर्ण है। यहां नगरपालिका चुनाव अगस्त 2020 में होने है।(नसं.)

इस वार्ड का कुछ नहीं बदला
जहां एक ओर पूरे शहर के सभी वार्डो में कुछ न कुछ बदलाव हुआ है परंतु शहर का एक वार्ड ऐसा भी है जो पिछले चुनाव के अनुसार कुछ भी बदलाव नहीं हुआ। वार्ड 15 में एक भी गली न तो जोड़ी गई है न ही हटाई गई है। यहां तक वार्ड संख्या भी पिछले बार की तरह पन्द्रह ही रह गई है। इसी प्रकार शहर के चौटाला रोड स्थित ग्रामोत्थान विद्यापीठ क्षेत्र का वार्ड 24 भी बिना बदलाव वाला वार्ड है परंतु इसका नम्बर अवश्य 24 से बदलकर 33 कर दिया गया है।(नसं.)

परकोटे के मध्य को वार्ड
स्थानीय रेलवे स्टेशन के नजदीक का व रियासतकालीन पूर्वी द्वार के साथ वाली मुख्य गली की वार्ड संख्या प्रारंभ में सात, उसके पश्चात 9, उसके पश्चात 12 तथा उसके पश्चात 14 हुई जो पिछले करीब तीन दशक से जारी थी। नए परिसीमन में इस वार्ड की संख्या बदल कर 18 हो जाएगी।(नसं.)

रेल लाईन पार के बढ़े वार्ड: शहर के विस्तार के साथ-साथ नगरपालिका में भागीदारी में भी रेल लाईन पार क्षेत्र की भागीदारी बढी है। इसी के चलते जहां पिछले चुनाव में रेलवे लाईन पार क्षेत्र में 16 को कुछ भाग सहित 19 से 24 तक के वार्ड शामिल है। परिसीमन के पश्चात इसमें वार्ड 24 से 33 तक का क्षेत्र 11 वार्ड हो जाएंगा।(नसं.)

पहले दिन कमजोर रहा रुझान
आपत्ति दर्ज कराने के प्रथम दिन आमजन में परिसीमन को लेकर रुझान कमजोर देखने को ही मिला। पूरे दिन में कुछ ही लोग नए वार्ड सीमांकन का अवलोकन करने पहुंचे। संभावना है सोमवार से इस कार्य में गति आएगी व आमजन उत्सुकता के साथ इसको अवलोकन करेंगे। आमचर्चा में अवश्य वार्ड के बदलाव की चर्चा चलती रही।(नसं.)

ऐसे बढी संख्या
पूर्व पार्षद लूनाराम मित्तल ने बताया कि सत्तर के दशक में वार्ड की संख्या आठ होती थी परंतु दो वार्ड में दो-दो पार्षद चुने जाते थे। पूर्व नगरपालिकाध्यक्ष सीताराम सोमानी ने बताया कि नब्बे के दशक में शहर के वार्डो की संख्या 13 हुआ करती थी परंतु बोर्ड 15 सदस्यों का होता था जिसमें निर्वाचित 13 सदस्यों द्वारा 2 कोप्शन सदस्यों को चुना जाता था। प्रमोद जैन व रामावतार वर्मा ने बताया कि 1990 में यह संख्या बढकर 20 तथा सन 2000 में बढकर यह 25 हो गई। 2020 चुनाव में यह संख्या बढकर 35 हो जाएगी।(नसं.)

900 से 1200 के मध्य रखा है लक्ष्य
वार्ड के निर्धारण में महत्वपूर्ण मामला जनसंख्या का है। कुल जनसंख्या के अनुरुप 35 वार्ड में विभाजित करने पर यह औसत 1046 प्रति वार्ड बैठता है इसके चलते प्रत्येक वार्ड को 900 से 12सौ की सीमा के मध्य रखा गया है। अरविंद खन्ना ने बताया कि यथासंभव भौगोलिक स्थिति के हिसाब से भी इसे आयताकार बनाने का प्रयास किया गया है व अधिकांश वार्डो को एकरुपता दिखाई गई है।(नसं.)

Manoj Bureau Incharge
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