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हनुमानगढ़

कृषि विभाग ने किसानों को दी चेतावनी, कपास का उत्पादन हो सकता है प्रभावित

Farmer News : गत वर्ष जिले में बीटी कपास में गुलाबी सुण्डी की गंभीर समस्या आई थी। इससे कपास का उत्पादन प्रभावित हुआ था। इसी कारण विभाग की ओर से लगातार जागरूक किए जाने के बावजूद भी बीटी कपास का बुवाई क्षेत्र लगभग 40 प्रतिशत ही रही है।

हनुमानगढ़Jun 27, 2024 / 01:59 pm

Kirti Verma

Farmer News : गत वर्ष जिले में बीटी कपास में गुलाबी सुण्डी की गंभीर समस्या आई थी। इससे कपास का उत्पादन प्रभावित हुआ था। इसी कारण विभाग की ओर से लगातार जागरूक किए जाने के बावजूद भी बीटी कपास का बुवाई क्षेत्र लगभग 40 प्रतिशत ही रही है। इस बीच गुलाबी सुंडी आने के संकेत मिलने लगे हैं। इसे देखते हुए विभाग द्वारा फरवरी माह से ही लगातार गुलाबी सुण्डी प्रबन्धन उपायों की जानकारी दी जा रही है। गत वर्ष के गुलाबी सुण्डी कीट की प्युपा अवस्था को नष्ट करके जीवन चक्र को बाधित करने के लिये बनच्छटी प्रबन्धन के बारे में बताया गया है। जिस पर बहुत सारे कृषकों द्वारा बनछटी प्रबन्धन किया गया है। फिर भी कुछेक कृषकों द्वारा बनछटी प्रबन्धन पर ध्यान नहीं दिये जाने और विभाग द्वारा अगेती बुवाई नहीं करने की समय-समय पर जारी चेतावनी के बावजूद भी कुछ क्षेत्रों में कृषकों द्वारा कपास फसल की अगेती बुवाई की गई। इस अगेती बुवाई की गई फसल में सिंचाई पानी की पर्याप्त उपलब्धता और समय पर सिंचाई होने के बावजूद भी अत्यधिक गर्मी के कारण पौधों में फूल निकले। इस प्रकार के कुछेक खेतों में गुलाबी सुण्डी का प्रकोप देखा गया है।
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सोशल मीडिया पर चल रही वीडियो से किसानों को नहीं घबराने की सलाह दी है। विभाग की सलाह है कि अगेती बुवाई की गई फसल में किसान गुलाबी सुण्डी प्रबन्धन प्रारभ करें। सप्ताह का एक दिन निश्चित करके साप्ताहिक अन्तराल पर कीटनाशी रसायनों का छिड़काव करें। गुलाबी सुण्डी ग्रसित रोजेटेड फूल, टिण्डे अगर है तो उन्हे तोड़कर नष्ट कर देवें जिससे इस कीट का जीवन चक्र बाधित होगा। समय पर बुवाई की गई फसल में इसका प्रकोप नहीं हो। 60 दिवस की अवस्था तक नीम आधारित कीटनाशक (300-1500 पीपीएम) 5 एमएल एवं 1 ग्राम कपड़े धोने का पाउडर प्रति लीटर में घोल बनाकर छिड़काव करें। विभाग स्तर पर चेतावनी दी है कि किसी भी सूरत में वर्तमान फसल स्थिति में बीटी कपास में सिंथेटिक एवं रेडिमिक्स कीटनाशी रसायनों का प्रयोग नहीं करें। अगर कोई आदान विक्रेता सिंथेटिक या रेडिमिक्स कीटनाशी रसायन खरीदने को बाध्य करतें हैं तो तुरन्त विभाग को सूचित करें।
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किसानों की समस्याओं से करवाया अवगत
भारतीय किसान यूनियन टिकैत जिला हनुमानगढ़ ने बुधवार को जिला कलक्टर को किसानों की विभिन्न मांगों के सबन्ध में जिलाध्यक्ष रेशम सिंह माणुका के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि गत वर्ष नरमे की फसल को गुलाबी सुंडी द्वारा बहुत ज्यादा नुकसान किसानो को हुआ था जिस पर राज्य सरकार द्वारा 1125 करोड़ मुआवजे की घोषणा की थी। लेकिन अभी तक किसी भी किसान को मुआवजा राशि नहीं दी गई। इस समस्या को राज्य सरकार को अवगत करवाने की बात कही। हनुमानगढ़ जिले में इस बार मूंगफली की बिजाई किसानो द्वारा की गई है। इसलिए हनुमानगढ़ जिले की सभी मंडियो में खरीद केन्द्र शुरू हो। मूंग की सरकारी खरीद 1 सितबर से शुरू करने की मांग की। धान की फसल अल्यधिक होती है जिसकी सरकारी खरीद भी 15 सितबर तक हर हाल में शुरू करवाने की मांग की। कृषि क्षेत्र में पूरी बिजली देने की मांग की।

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