तो निकालना पड़ा मौत के आठ दिन बाद कब्र से शव

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हनुमानगढ़. खेत में निर्माण कार्य के दौरान हाई वोल्टेज विद्युत तार की चपेट में आने से युवक की मौत मामले में सदर थाना पुलिस ने मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया। गांव पक्का सारणा की कल्याण भूमि में आठ दिन पहले दफनाए गए शव का गोलूवाला सीएचसी प्रभारी डॉ. नरेन्द्र बिश्नोई ने पोस्टमार्टम किया।

By: adrish khan

Published: 30 Jun 2020, 08:32 PM IST

तो निकालना पड़ा मौत के आठ दिन बाद कब्र से शव
- करंट से युवक की मौत मामले में शव का पोस्टमार्टम
- मृतक के परिजनों ने घटना के तीन दिन बाद खेत मालिक पर दर्ज कराया था मामला
हनुमानगढ़. खेत में निर्माण कार्य के दौरान हाई वोल्टेज विद्युत तार की चपेट में आने से युवक की मौत मामले में सदर थाना पुलिस ने मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया। गांव पक्का सारणा की कल्याण भूमि में आठ दिन पहले दफनाए गए शव का गोलूवाला सीएचसी प्रभारी डॉ. नरेन्द्र बिश्नोई ने पोस्टमार्टम किया। इसके बाद शव को पुन: दफना दिया गया। महेश कुमार (26) पुत्र दयाराम मेघवाल निवासी वार्ड 8, पक्का सारणा की 22 जून को करंट लगने से मौत हो गई थी। इस संबंध में मृतक के परिजनों ने घटना के तीन दिन बाद खेत मालिक के खिलाफ लापरवाही से घटना कारित करने का मामला दर्ज कराया था।
पुलिस के अनुसार दयाराम मेघवाल ने 25 जून को मामला दर्ज कराया था कि गांव के ही ताराचन्द पुत्र हरीराम मेघवाल की चक 29 एमएमके स्थित कृषि भूमि में कमरे का निर्माण कार्य चल रहा था। वहां उसका पुत्र महेश कुमार मजदूरी करने गया हुआ था। 22 जून को निर्माण कार्य के दौरान ताराचन्द ने महेश कुमार से कहा कि उसने लाइट कटवा दी है। वह कमरे के किनारे से गुजर रही हाई वोल्टेज विद्युत तार पर प्लास्टिक की पाइप चढ़ा दे। इस कार्य के लिए अनुमति भी ले रखी है। मगर महेश ने यह कार्य करने से मना कर दिया। आरोप है कि खेत मालिक ताराचन्द ने उसे दबाव डालकर जबरन विद्युत तार पर प्लास्टिक की पाइप चढ़ाने के लिए मजबूर किया। महेश को पता नहीं था कि तार में करंट है व कार्य के दौरान करंट की चपेट में आ गया। इससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। उसे जिला अस्पताल ले गए, वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के पिता दयाराम ने पुलिस को बताया कि उसे घटना की जानकारी राजू व गुरमेल मिस्त्री ने दी। सब सदमे में थे। ताराचन्द ने उसके व परिजनों के खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। जबकि खेत मालिक की लापरवाही से ही महेश की जान गई।
पहले कार्रवाई से इनकार
पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को खेत मालिक ताराचन्द के खिलाफ आईपीसी की धारा 304ए के तहत मामला दर्ज किया। सदर थाना प्रभारी लखवीर सिंह ने बताया कि घटना के दिन पुलिस ने मृतक के परिजनों से कार्रवाई के लिए पूछा तो उन्होंने पुलिस कार्रवाई से इनकार करते हुए शव को दफना दिया। फिर तीन दिन बाद मामला दर्ज करवा दिया। मामला दर्ज होने के बाद शव को बाहर निकलवा कर पोस्टमार्टम के लिए उपखण्ड अधिकारी की अनुमति ली गई। अनुमति मिलने के बाद अनुसंधान अधिकारी एएसआई रामपाल सरां की मौजूदगी में मंगलवार को पोस्टमार्टम करवाया गया।

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