सुस्ती भगाने पर बढऩे लगा पसीने का मोल,मनरेगा में अब मिल रही पहले से अधिक मजदूरी

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हनुमानगढ़. मनरेगा में अब औसत मजदूरी दरों में बढ़ोतरी होने लगी है। पसीने का मोल निरंतर इसी तरह बढऩे पर मजदूरों की आर्थिक स्थिति भी सुधरने की उम्मीद है। मजदूरों को पूरे काम के बदले पूरा दाम दिलाने को लेकर सरकार स्तर पर मुहिम चलाई जा रही है।

 

By: Purushottam Jha

Updated: 11 Jan 2021, 10:00 AM IST

सुस्ती भगाने पर बढऩे लगा पसीने का मोल,मनरेगा में अब मिल रही पहले से अधिक मजदूरी
-औसत मजदूरी दर में बढ़ोतरी से मनरेगा मजदूरों की आर्थिक स्थिति सुधरने की उम्मीद
हनुमानगढ़. मनरेगा में अब औसत मजदूरी दरों में बढ़ोतरी होने लगी है। पसीने का मोल निरंतर इसी तरह बढऩे पर मजदूरों की आर्थिक स्थिति भी सुधरने की उम्मीद है। मजदूरों को पूरे काम के बदले पूरा दाम दिलाने को लेकर सरकार स्तर पर मुहिम चलाई जा रही है। इसमें अब मनरेगा योजना के अधिकारियों व अभियंताओं की सुस्ती भगाने पर मजदूरों को होने वाले औसत मजदूरी भुगतान रेट में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
नियमानुसार मनरेगा में प्रदेश में औसत मजदूरी २२० रुपए प्रतिदिन निर्धारित है। लेकिन सरकारी तंत्र की लापरवाही से मजदूरों को पूरी मजदूरी अब तक नहीं मिल पा रही। अब राज्य सरकार स्तर पर सोलह दिसम्बर से पूरा काम, पूरा दाम अभियान शुरू किया गया है। इसका कुछ असर कई जिलों में नजर आने लगा है। हनुमानगढ़ जिले की बात करें तो अभियान शुरू होने से पूर्व नवम्बर माह में यहां पर १६९ रुपए औसत मजदूरी के हिसाब से मजदूरों को भुगतान मिल रहा था। लेकिन अभियान चलाने के बाद अब 31 दिसम्बर को औसत मजदूरी की दर बढ़कर १८४ रुपए प्रतिदिन हो गई है। औसत मजदूरी दर को पंद्रह फरवरी तक २२० रुपए तक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार का सबसे बड़ा साधन मनरेगा योजना ही बनी थी। हजारों प्रवासी मजदूर जब लौटे तो उन्हें गांवों में मनरेगा में मजदूरी दी गई। इस तरह आपदा के समय रोजगार की दृष्टि से मनरेगा संजीवनी साबित हुई। इसे देखते हुए सरकार अब मनरेगा में पूरी मजदूरी दिलाने को लेकर मुहिम चला रही है। जिसका असर भी अब कई जिलों में नजर आने लगा है।

इन जिलों में सुधार
मनरेगा योजना में अभियान चलाने के बाद प्रदेश के कई जिलों में औसत मजदूरी दर में सुधार आया है। इसमें अलवर जिले में अभियान शुरू होने से पहले यानी सोलह दिसम्बर से पूर्व यहां पर औसत मजदूरी दर की स्थिति १९१ रुपए थी, जो ३१ दिसम्बर को बढ़कर १९८ रुपए हो गई है। इसी तरह बारां जिले में १६६ से बढ़कर २०२, बंूदी में १७१ से २०१, चितौडग़ढ़ में १६७ से बढ़कर १८४, चूरू में १६५ से १९०, दौसा में १८८ से २०७, धौलपुर में १८२ से २००, हनुमानगढ़ में १६९ से १८४, जयपुर में १८१ से बढ़कर १९९, झालावाड़ में १९२ से बढ़कर २०४, झुंझुंनू में १६५ से १८०, करौली में १४६ से १५४, पाली में १७६ से बढ़कर १९२, सवाईमाधोपुर में १६६ से बढ़कर २०८ व सिरोही जिले में १७० से बढ़कर १९४ रुपए औसत मजदूरी हो गई है।

नवम्बर में यह थी स्थिति
मनरेगा योजना में नवम्बर २०२० में ज्यादातर जिलों में औसत मजदूरी दर काफी कम थी। इसमें अजमेर जिले में १४७, अलवर में १९०, बांसवाड़ा में १७९, बारां १४७, बाड़मेर में २०६, भरतपुर में १७७, भीलवाड़ा में १७८, बीकानेर में १८२ रुपए औसत मजदूरी मिली। इसी तरह बूंदी में १८०, चितौडग़ढ़ १७६, चूरू १७५, दौसा में १७२, धौलपुर में १८५, डूंगरपुर १७९, हनुमानगढ़ में १६५, जयपुर में १७४, जैसलमेर में १८६, जालोर १७०, झालावाड़ १८४, झुंझुंनू १७१, जोधपुर १६७, करौली १८०, कोटा १६२, नागौर १७५, पाली १६२, प्रतापगढ़ १७५, राजसमंद १९३, सवाईमाधोपुर १८७, सीकर १८३, सिरोही १८६, श्रीगंगानगर १५४, टोंक १८०, उदयपुर जिले में औसत मजदूरी १७४ रुपए प्रतिदिन थी।


भुगतान की स्थिति
जिला परिषद कार्यालय के अनुसार मनरेगा योजना में एक अप्रैल २०२० से सात जनवरी २०२१ तक हनुमानगढ़ जिले में एक अरब ६२ करोड़ ८७ लाख रुपए का भुगतान हो चुका है। इसमें ज्यादातर राशि श्रम मद में भुगतान की गई है। जबकि निर्माण मद में बहुत कम राशि स्वीकृत हुई है।

.....फैक्ट फाइल....
-मनरेगा में नवम्बर माह में हनुमानगढ़ में मजदूरों को मिल रही थी १६९ रुपए औसत मजदूरी।
-अब हनुमानगढ़ जिले में मजदूरों को मिल रही है १८४ रुपए औसत मजदूरी।
-हनुमानगढ़ जिले में वर्तमान में मनरेगा में प्रगतिरत कार्यों की संख्या ९५५१ है।
-हनुमानगढ़ जिले में मनरेगा में सात जनवरी २०२१ तक एक अरब ६२ करोड़ ८७ लाख रुपए का हुआ भुगतान।

...वर्जन....
सक्रियता ला रही नतीजे
मनरेगा में पूरा काम-पूरा दाम अभियान चलाया जा रहा है। इसके बाद मनरेगा में औसत मजदूरी रेट में बढ़ोतरी भी हो रही है। फरवरी तक इसे २२० रुपए करने का लक्ष्य है। इसे लेकर हम लगातार जिला परिषद टीम को सक्रिय बनाए हुए हैं।
-रामनिवास जाट, सीईओ, जिला परिषद हनुमानगढ़

Purushottam Jha Reporting
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