बनाएंगे प्लान, ताकि बांधों में भंडारित पानी का अधिकतम हो सके इस्तेमाल, आज बीबीएमबी की होगी बैठक

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हनुमानगढ़. वर्तमान में बांधों में पानी की अच्छी आवक के बावजूद राजस्थान की नहरों को मांग के अनुसार पानी नहीं मिल रहा है। गत १४ फरवरी को दिल्ली में हुई बैठक में बीबीएमबी चैयरमेन ने संबंधित राज्यों के प्रतिनिधियों को बांधों में भंडारित पानी का ब्यौरा देकर, इसका अधिकाधिक इस्तेमाल करने को लेकर कहा था।

 

बनाएंगे प्लान, ताकि बांधों में भंडारित पानी का अधिकतम हो सके इस्तेमाल, आज बीबीएमबी की होगी बैठक
- पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के अधिकारी होंगे शामिल
हनुमानगढ़. वर्तमान में बांधों में पानी की अच्छी आवक के बावजूद राजस्थान की नहरों को मांग के अनुसार पानी नहीं मिल रहा है। गत १४ फरवरी को दिल्ली में हुई बैठक में बीबीएमबी चैयरमेन ने संबंधित राज्यों के प्रतिनिधियों को बांधों में भंडारित पानी का ब्यौरा देकर, इसका अधिकाधिक इस्तेमाल करने को लेकर कहा था। बीबीएमबी चैयरमेन ने कहा था कि शेयर से अधिक पानी यदि किसी राज्य को चाहिए तो वह भी अपना इंडेट हमें भेज दे। ताकि अधिकाधिक पानी का इस्तेमाल हो सके। इस दौरान राजस्थान के मुख्य अभियंता ने नहरों की क्षमता के अनुसार पानी चलाने का प्रस्ताव बनाकर बीबीएमबी को सौंप दिया।
लेकिन इसके बाद भी इंडेंट के अनुसार पानी नहीं मिलने पर इसकी शिकायतें रही। इसे देखते हुए बीबीएमबी ने अब पंजाब पर दबाव बनाने के लिए बीस फरवरी को चंडीगढ़ में संबंधित राज्यों की समन्वय बैठक बुलाई है। इसमें संबंधित राज्यों की जरूरत के हिसाब से नहरी पानी देने की रूपरेखा बनाई जाएगी। राजस्थान की तरफ से बैठक का प्रतिनिधित्व जल संसाधन उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के एक्सईएन दिवाकर पांडे करेंगे। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इंदिरागांधी नहर में १२०००, गंगकैनाल में २५०० तथा भाखड़ा में १२०० क्यूसेक पानी चलाने को लेकर राजस्थान ने प्रस्ताव बनाकर भिजवाया है।
इस इंडेंट के अनुसार पंजाब पानी देने पर सहमत होता है तो राजस्थान के किसानों को काफी फायदा होगा। लेकिन पंजाब बार-बार आग्रह करने के बावजूद नहरों की सुरक्षा का हवाला देकर राजस्थान की मांग के अनुसार पानी छोडऩे में आनाकानी कर रहा है। इससे राजस्थान के किसानों को मांग के अनुसार सिंचाई पानी नहीं मिल पा रहा है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि बांधों में आवक ठीक होने के कारण अभी लेवल का स्तर संतोषजनक है। आगे मई-जून में आवक बढऩे पर बांध को मजबूरी में खाली करना पड़ सकता है। इसे देखते हुए बीबीएमबी चैयरमेन इस प्रयास में हैं कि भंडारित पानी का अधिकाधिक उपयोग संबंधित राज्य कर सकें, इसके लिए पंजाब को सक्रिय किया जाए। हालांकि बीबीएमबी के प्रयासों का नतीजा कुछ नजर आने लगा है। १९ फरवरी २०२० को राजस्थान को मिलने वाले सिंचाई पानी की मात्रा में सुधार आया है।

जल स्तर में सुधार
पौंग बांध के जल स्तर में इस बार काफी सुधार आया है। इसके तहत १९ फरवरी २०१९ को पौंग बांध का लेवल १३४६.१८ फीट था। जबकि १९ फरवरी २०२० को इस बांध का जल स्तर १३६३.६७ फीट हो गया है। इसी तरह रणजीत सागर बांध का जल स्तर १९ फरवरी २०२० को ५०८ मीटर व भाखड़ा बांध का जल स्तर १६१७.०५ फीट था।

बंदी को लेकर सक्रिय
इंदिरागांधी नहर में आगे मार्च के अंतिम सप्ताह से ७० दिन की बंदी ली जावेगी। इसमें चालीस दिन तक बंदी अवधि में पेयजल दिया जाएगा। जबकि इसके बाद पूर्ण बंदी रहेगी। बंदी अवधि में किस जिले की कितनी पेयजल भंडारण व्यवस्था है, इसे जांचने को लेकर जल संसाधन विभाग के अधिकारी जिलेवार समीक्षा कर रहे हैं। इसमें पीएचईडी के अधिकारियों के साथ कलक्टर के साथ समन्वय बना रहे हैं। मुख्य अभियंता ने बताया कि जोधपुर, जैसलमेर, चूरू के अलावा बुधवार को बीकानेर में भी बैठक ली गई। इसमें पेयजल भंडारण की समीक्षा की गई है।

Purushottam Jha Reporting
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