मेडिकल कॉलेज की नींव खुदाई का कार्य नहीं हुआ शुरू, अभी सेटअप करने में लगेगा वक्त


मेडिकल कॉलेज की नींव खुदाई का कार्य नहीं हुआ शुरू, अभी सेटअप करने में लगेगा वक्त
- श्राद्धों में पीएम व सीएम ने किया था वर्चुअल शिलान्यास

हनुमानगढ़. मेडिकल कॉलेज की नींव खुदाई का कार्य शुरू नहीं हुआ है। कंपनी के प्रतिनिधि अभी सेटअप तैयार करने में लगे हैं।

By: adrish khan

Updated: 11 Oct 2021, 10:02 PM IST


मेडिकल कॉलेज की नींव खुदाई का कार्य नहीं हुआ शुरू, अभी सेटअप करने में लगेगा वक्त
- श्राद्धों में पीएम व सीएम ने किया था वर्चुअल शिलान्यास

हनुमानगढ़. मेडिकल कॉलेज की नींव खुदाई का कार्य शुरू नहीं हुआ है। कंपनी के प्रतिनिधि अभी सेटअप तैयार करने में लगे हैं। इसके बाद ही नींव का कार्य शुरू होगा। दिल्ली की कंपनी एसपीजी के दर्जन भर कर्मचारियों के रहने व मशीनों के लिए गोदाम आदि की व्यवस्था करने में लगे है। इसके बाद ही कार्य शुरू हो पाएगा। हालांकि मेडिकल कॉलेज का निर्माण कंपनी को १५ माह में पूरा करना होगा। मेडिकल कॉलेज का निर्माण 325 करोड़ की लागत से होगा। इसमें केन्द्र तथा राज्य सरकार के बीच 60/40 के अनुपात में लागत वहन की जाएगी। इसमें केंद्र सरकार 195 करोड़ रुपए व राज्य सरकार 130 करोड़ रुपए प्रोजेक्ट पर खर्च करेगी। चिकित्सा महाविद्यालय की क्षमता 100 एमबीबीएस सीट होगी। चिकित्सा महाविद्यालय के भवन का निर्माण हनुमानगढ़-संगरिया बाइपास 40 बीघा में किया जा रहा है। चिकित्सा महाविद्यालय जी प्लस 3 का भवन होगा। इसका निर्माण एसपीजी इन्फ्रा लिमिटेड नई दिल्ली को 15 माह के भीतर करना होगा। इसके साथ महात्मा गांधी स्मृति राजकीय जिला चिकित्सालय इसकी मुख्य इमारत होगी। नेशनल मेडिकल कमीशन की एलओपी स्टेज पर जिला चिकित्सालय हनुमानगढ़ में 400 बेड व 30 आपातकालीन बेड संचालित होंगे। इसलिए जिला चिकित्सालय हनुमानगढ़ में नवीनीकरण का कार्य किया जाएगा। गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज का वर्चुअल शिलान्यास गत तीस सितंबर को पीएम मोदी व सीएम अशोक गहलोत ने किया था। श्राद्ध होने के कारण एसपीजी कंपनी ने नींव का काम शुरू करने की बजाए पौधरोपण किया था और खुदाई कार्य नवरात्र में शुरु करने की बात कही थी।

अभी तक नहीं किया तय
इधर, जिला अस्पताल का कायाकल्प भी होना है। जिला अस्पताल की इमारत छह मंजिला होगी। अभी तक इसको लेकर भी अंतिम निर्णय लिया जाना है। इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट पर सहमति हो चुकी है। अभी सीडीआर (कंस्पेच्युअल डिजाइन रिपोर्ट) पर मंथन जारी है।

यह मिलेगी सुविधा
महाविद्यालय में शैक्षणिक भवन, रेजीडेंट, नर्सेज व इंटर्न छात्रावास, प्राचार्य निवास, शिक्षक आवास तथा खेलकूद मैदान का निर्माण किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के आरंभ होने से स्वास्थ्य सुुविधाओं में विस्तार होगा। ऑपरेशन थिएटर मेें भी सुविधा बढ़ेगी और वार्ड में रोगियों की देखभाल भी पहले से बेहतर होगी। मेडिकल कॉलेज खुलने से शहर के नागरिकों को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों के अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। इससे धन व समय दोनों की बचत होगी। मेडिकल कॉलेज से हनुमानगढ़ को कई रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सक भी मिलेंगे। वर्तमान में न्यूरो फीजिएशन व न्यूरो सर्जन नहीं होने के कारण दुर्घटना के जख्मी को बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में रैफर किया जाता है। मेडिकल कॉलेज खुलने से इस तरह के रैफर केसों में काफी हद तक कमी आएगी। इसके अलावा हार्ट, ईएनटी, न्यूरो, ग्रेस्ट्रोलोजिस्ट इत्यादि चिकित्सकों की सेवाएं मिल सकेंगी।

adrish khan Reporting
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