scriptTown will have to unite, will not allow district hospital to be includ | टाउन को एकजुट होना होगा, जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में नहीं होने देंगे शामिल | Patrika News

टाउन को एकजुट होना होगा, जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में नहीं होने देंगे शामिल


टाउन को एकजुट होना होगा, जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में नहीं होने देंगे शामिल
- जिला अस्पताल के भवन को छह मंजिला किया जाना था, वहीं होना चाहिए, बैठक में बोले टाउनवासी
- बनाई संघर्ष समिति, करेंगे आंदोलन
हनुमानगढ़. टाउन स्थित महात्मा गांधी स्मृति राजकीय जिला चिकित्सालय को मेडिकल कॉलेज में शामिल करने के निर्णय का विरोध करते हुए सोमवार को टाउन में नागरिकों की बैठक हुई।

हनुमानगढ़

Updated: November 15, 2021 09:16:20 pm


टाउन को एकजुट होना होगा, जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में नहीं होने देंगे शामिल
- जिला अस्पताल के भवन को छह मंजिला किया जाना था, वहीं होना चाहिए, बैठक में बोले टाउनवासी
- बनाई संघर्ष समिति, करेंगे आंदोलन
हनुमानगढ़. टाउन स्थित महात्मा गांधी स्मृति राजकीय जिला चिकित्सालय को मेडिकल कॉलेज में शामिल करने के निर्णय का विरोध करते हुए सोमवार को टाउन में नागरिकों की बैठक हुई। बैठक टाउन के मुख्य बाजार स्थित अग्रसैन पार्क के समक्ष हुई। करीब दो घंटे तक चली बैठक में नागरिकों ने राजनीतिक पार्टियों से ऊपर उठकर टाउन के लोगों को एकजुट होने की अपील की और संघर्ष समिति का भी गठन किया। वक्ताओं ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की मुख्य इमारत जिला अस्पताल होगी, यह तय किया गया था। इसके लिए बकायदा 48 पेजों की फाइल भी तैयार की गई थी। नक्शे के मुताबिक जिला अस्पताल की इमारत छह मंजिला थी और इसमें मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण करने की भी योजना बनाई गई थी। आरोप लगाया कि कुछ लोगों के दबाव में यह योजना निरस्त कर दी गई है और जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में शामिल करने की योजना बना दी गई। जिससे टाउन के लोगों में रोष है। भाजयुमो के देवेन्द्र पारीक ने कहा कि राजकीय मेडिकल कॉलेज की घोषणा से जिले के लोगों में खुशी का माहौल था। लेकिन कुछ लोगों की सोच ने टाउन को लोगों के साथ विश्वासघात कर दिया। जिला चिकित्सालय को दो बार कायाकल्प अवार्ड व क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेट से भी जिला अस्पताल को नवाजा जा चुका है। इसी के आधार पर ही मेडिकल कॉलेज स्वीकृत हुआ था। करीब सौ करोड़ की लागत से इसका कायाकल्प कर मेडिकल कॉलेज का रूप दिया जाना था। जगह का बहाना बनाकर जिला चिकित्सालय को टाउन से स्थानांतरित किया जा रहा है। लेकिन टाउन क्षेत्र की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा के डॉ. संदीप सहारण ने कहा कि राजकीय जिला चिकित्सालय को टाउन में नहीं रखा गया तो इसके खिलाफ बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा और राज्य सरकार को झुकना पड़ेगा। आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज के आसपास इनके लोगों ने जमीनी खरीद ली है। इन जमीनों को औने-पौने दामों में खरीदा गया और अब जिला अस्पताल को वहां लेजाकर मौटा मुनाफा कमाने की योजना है। एडवोकेट नितिन छाबड़ा ने कहा कि टाउन के राजकीय जिला चिकित्सालय में केवल रोगियों का ही इलाज नहीं होता बल्कि इस अस्पताल से जुड़े लोगों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा। सुखदेव सिंह ने कहा कि टाउन को पूरी तरह उजाडऩे के कयास शुरू हो चुके हैं। इसका विरोध किया जाएगा। पार्षद प्रदीप ऐरी ने कहा कि सभी सरकारी कार्यालय जंक्शन क्षेत्र में स्थित हैं। टाउन क्षेत्र में एकमात्र राजकीय जिला चिकित्सालय है, उसे भी जंक्शन में स्थानांतरित किए जाने की तैयारी की जा रही है। अगर ऐसा होता है कि कई लोगों का रोजगार खत्म हो जाएगा। आसपास के गांवों से आने वाले मरीज व उनके परिजन भी परेशान होंगे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से यह देखने में आ रहा है कि टाउन क्षेत्र में सुविधाओं में कटौती कर जंक्शन क्षेत्र में सुविधाओं में बढ़ोतरी की जा रही है। बैठक में केमिस्ट एसोसिएशन के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेम सेतिया, व्यापारी अमृतलाल गर्ग, सूरजभान मित्तल, मदन पूनिया, अरोड़वंश समाज टाउन अध्यक्ष इन्द्रजीत चराया, शराफत अली, जुगलकिशोर गौड़, नासिर खान, मदन बांठिया आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।
टाउन को एकजुट होना होगा, जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में नहीं होने देंगे शामिल
टाउन को एकजुट होना होगा, जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में नहीं होने देंगे शामिल
जनसहयोग से एकत्रित करोड़ों बर्बाद
वक्ताओं ने कहा कि इस जिला अस्पताल में गत वर्षों में जनसहयोग की राशि से करोड़ों रुपए के विकास कार्य हुए हैं। इसमें अमरनाथ सेवा समिति की ओर से एक करोड़ की अधिक लागत से धर्मशाला बनाकर जरूरतमंदों को खाना व रहने की सुविधा मुहैया करवाई जा रही है। जिला अस्पताल में सुविधाओं का अभाव था। नागरिकों ने आगे कर इसमें सहयोग किया और इसकी दशा बदली। अभी हाल मे ही राज्य व केंद्र सरकार की ओर से लाखों की लागत से ऑक्सीजन प्लांट व ऑक्सीजन पाइप लाइन वार्डों तक पहुंचाई गई है। दानदाताओं की ओर से बैड भेंट किए गए हैं। लेकिन लोगों के साथ विश्वासघात किया जा रहा है और यहां सिर्फ एमसीएच यूनिट, एनआईसीयू व टीबी यूनिट संचालित होगी। आरोप लगाया कि बाद में धीरे-धीरे कर इसे भी शिफ्ट कर दिया जाएगा और जिला अस्पताल को डिस्पेंसरी का रूप दे दिया जाएगा। बैठक के अंत में गुरुवार को दोपहर दो बजे तक बाजार बंद रखने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि जबरन बाजार बंद नहीं करवाया जाएगा।

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