संक्रमण रोकने को दो जगह चला रहे सब्जी मंडी

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हनुमानगढ़. कोरोना संक्रमण का कहर शहर में दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि हर दिन थोक में पॉजिटिव रोगी मिल रहे हैं। शहर के बाजारों में भले ग्यारह बजे बाद भीड़ कम हो जाती है। मगर सब्जी का खुदरा कारोबार पूरे दिन चलता है।

 

By: Purushottam Jha

Published: 04 May 2021, 09:36 PM IST


-शहर में अब दो जगह सब्जी मंडी हो रही संचालित
-गत वर्ष मंडी समिति को प्राप्त हुई थी करीब साठ लाख रुपए की राशि

हनुमानगढ़. कोरोना संक्रमण का कहर शहर में दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि हर दिन थोक में पॉजिटिव रोगी मिल रहे हैं। शहर के बाजारों में भले ग्यारह बजे बाद भीड़ कम हो जाती है। मगर सब्जी का खुदरा कारोबार पूरे दिन चलता है। सब्जी मंडी में बढ़ रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अब मंडी समिति प्रशासन ने दो जगहों पर सब्जी मंडी का संचालन कर रहा है। इसमें स्थाई सब्जी मंडी के अलावा पास में ही डीईओ माध्यमिक कार्यालय परिसर में दुकान नंबर अंकित करके अस्थाई रूप से सब्जी मंडी का संचालन किया जा रहा है।
इसमें रोजाना लगने वाली सब्जियों की बोली लग रही है। जबकि फल व आलू-प्यास का थोक कारोबार स्थाई सब्जी मंडी में ही संचालित हो रहा है। मंडी समिति हनुमानगढ़ के सचिव सीएल वर्मा ने मंगलवार को नई अस्थाई सब्जी मंडी परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मौजूद लोगों से कोरोना गाइड लाइन की पालना करने की बात कही। साथ ही दुकान संचालकों को भी पाबंद किया कि वह खुद व खरीदारी करने आने वाले लोगों के लिए मास्क लगाने व सेनेटाइजर की व्यवस्था करें। जिससे संक्रमण को बढऩे से रोका जा सके।

नियम पालना में मुस्तैदी
जंक्शन सब्जी मंडी में व्यवस्था बनाने में आपदा प्रबंधन विभाग की टीम के अलावा ट्रेफिक पुलिसकर्मी भी सहयोग कर रहे हैं। ग्यारह बजते ही टीम सब्जी मंडी को खाली करवाने लगती है। कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए जरूरी है कि सोशल डिस्टेसिंग की पालना हो। नियम की पालना करवाने में दोनों टीमें मुस्तैदी से जुटी हुई है।

इतने का कारोबार
हनुमानगढ़ मंडी समिति को सब्जी मंडी से गत वर्ष करीब साठ लाख रुपए का राजस्व मिला था। किसान कल्याण फीस के नाम से यह राशि वसूल की गई। गत वर्ष दो प्रतिशत राशि निर्धारित थी। लेकिन बाद में विरोध के बाद इस राशि को अब एक प्रतिशत कर दिया गया है। इससे गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष मंडी समिति को सब्जी मंडी से कम राजस्व मिल सकता है। हालांकि राजस्व संग्रह कारोबार पर निर्भर करता है।

गिरे सब्जियों के भाव
कोरोना संक्रमण बढऩे के बाद वीकेंड कफ्र्यू लगने से सब्जियों के भाव गिरे हैं। लोकल स्तर उपजने वाली सब्जियों के मंडी में आने से भाव कम हुए हैं। जंक्शन सब्जी मंडी यूनियन के ओम प्रकाश सैनी ने बताया कि इस समय प्याज थोक में बारह से पंद्रह रुपए किलो, आलू ग्यारह रुपए किलो, टमाटर चार रुपए, शिमला मिर्च सात रुपए किलो, भिंडी अठारह रुपए प्रति किलो मिल रहा है।

Purushottam Jha Reporting
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