scriptWhen Hanumangarh's child scientists showed their skills in Rashtrapati | राष्ट्रपति भवन में दिखाया हुनर तो हनुमानगढ़ के बाल वैज्ञानिकों का बढ़ा उत्साह | Patrika News

राष्ट्रपति भवन में दिखाया हुनर तो हनुमानगढ़ के बाल वैज्ञानिकों का बढ़ा उत्साह

locationहनुमानगढ़Published: Sep 10, 2023 10:56:59 am

Submitted by:

adrish khan

पिछले चार साल में इंस्पायर अवार्ड के लिए चयनित जिले की दो होनहार बालिकाओं के राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रीय प्रदर्शनी में अपनी प्रतिभा दिखाने के बाद बाल वैज्ञानिकों में उत्साह है।

राष्ट्रपति भवन में दिखाया हुनर तो हनुमानगढ़ के बाल वैज्ञानिकों का बढ़ा उत्साह
राष्ट्रपति भवन में दिखाया हुनर तो हनुमानगढ़ के बाल वैज्ञानिकों का बढ़ा उत्साह
राष्ट्रपति भवन में दिखाया हुनर तो हनुमानगढ़ के बाल वैज्ञानिकों का बढ़ा उत्साह
- जिले के दो बाल वैज्ञानिकों का राष्ट्रीय स्तरीय इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी में चयन के बाद विद्यार्थियों में उत्साह
- इंस्पायर पंजीयन का आंकड़ा पांच हजार पार
हनुमानगढ़. पिछले चार साल में इंस्पायर अवार्ड के लिए चयनित जिले की दो होनहार बालिकाओं के राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रीय प्रदर्शनी में अपनी प्रतिभा दिखाने के बाद बाल वैज्ञानिकों में उत्साह है। इसके चलते इंस्पायर अवार्ड पंजीयन एवं चयन के मामले में जिला लगातार अन्य की तुलना में आगे बना हुआ है। फिलहाल शिक्षा सत्र 2023-24 इंस्पायर अवार्ड के लिए पंजीयन की प्रक्रिया चालू है।
अब तक जिले से पांच हजार से अधिक विद्यार्थियों का पंजीयन हो चुका है। हालांकि गत वर्षों की तुलना में यह संख्या कम है। मगर अभी पंजीयन की अंतिम तिथि में समय शेष है तथा शिक्षा अधिकारी निरंतर पंजीयन बढ़ाने के प्रयासों में जुटे हुए हैं। ऐसे में संभावना है कि अभी पंजीयन की संख्या में काफी बढ़ोतरी होगी।
1037 स्कूल शामिल
प्रभारी अधिकारी इंस्पायर अवार्ड तथा एडीईओ माध्यमिक रणवीर शर्मा ने बताया कि अभी तक जिले के 1770 विद्यालयों में से 1037 विद्यालयों ने इंस्पायर अवार्ड के लिए 5076 विद्यार्थियों का नॉमिनेशन किया है। अभी भी 700 से अधिक विद्यालय बकाया है जिन्होंने विद्यार्थियों का पंजीयन नहीं कराया है। अभी पंजीयन की अंतिम तिथि 20 सितम्बर घोषित की हुई है। प्रत्येक विद्यालय को न्यूनतम पांच विद्यार्थियों के आइडिया का नॉमिनेशन कराने को कहा गया है। इंस्पायर अवार्ड नॉमिनेशन की गति बढ़ाने के लिए पीईईओ को प्रतिदिन न्यूनतम एक विद्यालय एवं यूसीईओ को न्यूनतम 5 विद्यालयों के विद्यार्थियों के पांच-पांच आइडिया अपलोड कराने को कहा गया है।
इनसे मिल रही प्रेरणा
टाउन निवासी बालिका आफरीन प्लास्टिक की खाली बोतलों का पुन: उपयोग करते हुए पतली रस्सी बनाने का मॉडल बनाकर इंस्पायर अवार्ड राष्ट्रीय प्रदर्शनी में अपना हुनर दिखा चुकी है। पिछले दिनों उसका राज्य के चार और बाल वैज्ञानिकों के साथ जापान जाने के लिए चयन किया गया था। इसके अलावा गत वर्ष बालिका पिंद्रपाल कौर के सेफ्टी गैस चूल्हे के मॉडल का चयन राष्ट्रीय स्तरीय इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी के लिए किया गया था। उफान आने से खाने व अन्य तरल पदार्थ से चूल्हा बुझने तथा गैस निकले से होने वाली दुर्घटनाओं पर यह मॉडल रोक लगाता है। इन बालिकाओं की उपलब्धि व चयन से जिले के होनहार प्रोत्साहित हैं तथा इंस्पायर अवार्ड को लेकर सकारात्मक माहौल है।
कितना पुरस्कार व चयन
प्रत्येक स्कूल में कक्षा 6 से 10 तक अध्ययनरत 10 से 15 आयु वर्ग के विद्यार्थी शिक्षकों के माध्यम से मौलिक विचारों को वेबसाइट पर अपलोड कर सकते हैं। यह पुरस्कार विज्ञान व गणित के ज्ञान पर आधारित है। विद्यार्थी का आइडिया बेजोड़ होने पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग उसे पेटेंट भी कराता है। जिला स्तरीय प्रदर्शनी में शामिल विद्यार्थियों में से दस प्रतिशत का चयन राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के लिए होता है। इस प्रदर्शनी से भी दस फीसदी का चयन राष्ट्रीय प्रदर्शनी के लिए किया जाता है। चयनित विद्यार्थी को प्रोजेक्ट में सुधार आदि पर खर्च के लिए 50 हजार रुपए मिलते हैं।
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