लॉकडाउन में मनरेगा के तहत जिले के 10453 मजदूरों को मिला रोजगार, बाहर से आए 400 परिवारों के नए कार्ड भी बने

- गांवों में शुरू हुए जल संवर्धन, सड़क निर्माण सहित अन्य कार्य, मजदूरों की संख्या रोज बढ़ रही

By: gurudatt rajvaidya

Updated: 10 May 2020, 09:24 AM IST

सुरेश बादर, हरदा। कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन के कारण एक ओर रोजगार छिना तो दूसरी ओर लोगों को काम भी मिला है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत शनिवार तक जिले के 10453 लोगों को काम मिला है। यह आंकड़ा बीते तीन साल के औसत से दोगुना से भी ज्यादा है। यानि गांवों में रोजगार के अवसर मिले हैं। उल्लेखनीय है कि फिलहाल बड़े शहरों में कई फैक्ट्रियां व अन्य उद्योग बंद हंै। बड़े निर्माण कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में दूसरे प्रदेशों एवं शहरों में काम करने वाले प्रवासी मजदूर अपने घरों को वापस लौट रहे हैं। यह वह स्थिति है जब उनके हाथों में काम नहीं है। परिवार का भरणपोषण करना कठिन हो गया है। इस स्थिति में उन्हें अपने गांवों में ही रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास जिले में गति पकड़ रहा है।
400 परिवारों के नए कार्ड बने
शासन के निर्देशानुसार ग्राम पंचायतों में इन प्रवासी मजदूरों के मनरेगा के जॉब कार्ड बनाए जा रहे है। जिले में अब तक 400 कार्ड नए बने हैं या लंबे समय से बंद कार्डों का नवीनीकरण किया गया है। इन कार्डों के माध्यम से 1600 लोगों को रोजगार मिलेगा। जो जॉबकार्डधारी पहले मनरेगा में काम नहीं करते थे, वे भी अब आगे आ रहे हंै।
रोज बढ़ रही मजदूरों की संख्या
मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों की संख्या रोज बढ़ रही है। शासन के निर्देश पर जिला पंचायत ने 20 अप्रैल से इस योजना पर काम शुरू हुआ। 21 अप्रैल को 159 मजदूरों को काम दिया। 1 मई को इनकी संख्या बढ़कर 6848 हो गई। वहीं 5 मई को 8056 मजदूरों को काम मिला। 9 मई को इनकी संख्या 10453 हो गई।
सभी 210 ग्राम पंचायतों में चल रहा काम
जिले की २१० ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत करीब ३० हजार कार्डधारी परिवार हैं। इसमें करीब ६२ हजार मजदूरों दर्ज हैं। लॉकडाउन में मनरेगा के कार्यों में मिली छूट के बाद से सभी ग्राम पंचायतों में काम शुरू हो गया है।
पिछले तीन वर्षों में औसत दोगुना से ज्यादा मजदूरों को मिला काम
विगत तीन सालों में अप्रेल में औसत २२ से २४ सौ मजदूरों एवं मई में करीब साढ़े चार हजार मजदूरों को ही काम मिल सका था। अब यह आंकड़ा बढ़कर 10 हजार के पार हो गया है।
4007 में से 1660 कार्यों की शुरुआत
जिला पंचायत द्वारा अधिक से अधिक मजदूरों का रोजगार उपलब्ध कराने की मंशा से निर्धारित ४००७ कार्यों में से १६६० की शुरुआत की जा चुकी है। इसमें कपिल धारा कुआं, पौधारोपण, सड़क निर्माण, तालाब गहरीकरण, जलसंर्वधन जैसे कार्य कराए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी हितग्राही को ९० दिन की मजदूरी दी जा रही है।
मजदूरों को अब तक 40000 मास्क बांटे
आजीविका मिशन के महिला स्वसहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे मास्क हर मजदूर को दिए जा रहे हैं। अब तक 40000 मास्क बांटे जा चुके हैं। इनमें जॉबधारियों के अलावा अन्य मजदूर भी शामिल हैं। हर कार्यक्षेत्र पर हाथ धुलाई की भी व्यवस्था है। साथ ही मेट उन्हें सोशल डिस्टेसिंग का पालन कराता है, ताकि वे कोरोना वायरस के संक्रमण से बचे रहें।
फैक्ट फाइल
- 100 दिन का रोजगार मिलता है परिवार को योजना के तहत।
- 190 रुपए प्रतिदिन मजदूरी दी जाती है योजना में। 31 मार्च तक यह 176 रुपए प्रतिदिन थी।
इनका कहना है
हमारा लक्ष्य बाहरी मजदूरों को काम देना है। इस पर फोकस रहेगा। साथ ही स्थानीय मजदूरों को भी रोजगार की दिक्कत न हो इसके लिए ज्यादा से ज्यादा काम शुरू कराए जा रहे हैं।
- दिलीप कुमार यादव, सीईओ, जिला पंचायत हरदा

gurudatt rajvaidya Bureau Incharge
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned