नए अस्पताल भवन बन रहे हैं, पुराने अस्पतालों में अब तक नहीं भेजे चिकित्सक

नए अस्पताल भवन बन रहे हैं, पुराने अस्पतालों में अब तक नहीं भेजे चिकित्सक

Sanjeev Dubey | Publish: Nov, 10 2018 03:50:37 PM (IST) | Updated: Nov, 10 2018 03:50:38 PM (IST) Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

- जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञों के ३७ पद खाली पड़े, रोगियों को नहीं मिल रहा बेहतर इलाज

हरदा. जिले के तीनों विकासखंडों के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं देने के लिए संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल ने गत वर्ष २३ नए उप स्वास्थ्य केंद्र बनाने की मंजूरी दी थी, जिनकी टेंडर प्रक्रिया पूर्णहो गई है। संभवत: जनवरी माह से काम शुरूहो सकता है। किंतु सरकार द्वारा करोड़ों रुपए के भवन तो बनाए जा रहे हैं, लेकिन उनमें चिकित्सकों की व्यवस्था नहीं की जा रही है। वर्तमान में जिला अस्पताल लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी पूरी नहीं हो पाईहै। लिहाजा, नए उप स्वास्थ्य केंद्र बनने के बाद इनमें भी चिकित्सकों की व्यवस्था होना मुश्किल दिख रहा है। जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में स्वीकृत प्रथम श्रेणी के विशेषज्ञों के ३७ पद आज भी खाली पड़े हुए हैं। महज द्वितीय श्रेणी के एक, दो डॉक्टरों से ही अस्पतालों का संचालन किया जा रहा है।
स्वीकृत ४४ पदों में से ७ ही कार्यरत्
उल्लेखनीय है कि स्थानीय सरकारी अस्पताल को जिला अस्पताल का दर्जामिले सालों हो गए हैं, लेकिन आज भी लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है। सालों से स्वीकृत विशेषज्ञों के पद अब तक नहीं भरे गए हैं। ऐसी स्थिति में मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों अथवा इंदौर, भोपाल, खंडवा जाकर इलाज करवाना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, जिला टीकाकरण अधिकारी, जिला परिवार कल्याण अधिकारी के स्वीकृत ४ पदों में से 2 खाली पड़े हुए हैं।इसके अलावा जिला चिकित्सालय में चिकित्सा विशेषज्ञ, शल्य क्रिया विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग, निश्चेतना, नेत्र रोग, अस्थि रोग, रेडियोलॉजिस्ट, पैथालॉजिस्ट, नाक, कान, गला रोग, दंत रोग एवं क्षय रोग विशेषज्ञ के २० पदों में से ५ ही भरे हुए हैं, बाकी के १५ पद रिक्त हैं। ट्रामा सेंटर में स्वीकृत 3 में से तीनों की खाली हैं।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खिरकिया में स्वीकृत 6 पद ही रिक्त पड़े हुए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 3, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हंडिया और टिमरनी में स्वीकृत 4-4 विशेषज्ञों के पद वर्षों से खाली पड़े हुए हैं। पूरे जिले में प्रथम श्रेणी के स्वीकृत ४४ विशेषज्ञों में से केवल ७ ही भरे हुए हैं।

उप स्वास्थ्य केंद्रों में ही होगा महिलाओं का प्रसव
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की कार्ययोजना अंतर्गत वर्ष २०१६-१७ में तीनों विकासखंडों में नवीन उप स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण की स्वीकृति मिली थी। इसमें हंडिया विकासखंड अंतर्गत ११, खिरकिया में ९ और टिमरनी ब्लाक में ३ बनाए जाएंगे। वर्तमान में हरदा, खिरकिया और टिमरनी ब्लाक में ६२ उप स्वास्थ्य केंद्र हैं। नए उप स्वास्थ्य केंद्रों में ग्रामीणों को गांवों में ही इलाज देने के साथ ही महिलाओं की डिलेवरी कराने की व्यवस्था रहेगी, जिसे आदर्श प्रसव केंद्रों का का नाम दिया जाएगा। किंतु इसके बाद भी कई गांव ऐसे थे जहां पर केंद्र नहीं होने से ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करके इलाज कराने के लिए दूसरे गांवों के उप स्वास्थ्य केंद्रों में जाना पड़ रहा था। इस समस्या को देखते हुए शासन ने २३ गांवों में नए उप स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण की मंजूरी दी है। एक स्वास्थ्य केंद्र लगभग ३० लाख रुपए की लागत से बनाया जाएगा। किंतु स्टॉफ की व्यवस्था नहीं होने से केंद्र बेकार साबित होंगे।

एक केंद्र से चार गांवों को मिलेगा लाभ
जानकारी के अनुसार जिले में बनने वाले नए उप स्वास्थ्य केंद्रों को सरकर ने वर्ष २०११ की जनगणना के अनुसार मंजूरी दी है।एक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत चार गांव आएंगे। जहां की जनसंख्या ५ हजार या उससे अधिक रहेगी। मंजूर हुए केंद्रों में दो एएनएम के साथ ही मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कक्ष, महिलाओं की डिलेवरी के लिए दो पलंगों की व्यवस्था रहेगी। वहीं स्टॉफ के रहने के लिए कमरे बनेंगे। सभी स्वास्थ्य केंद्र आंगनबाड़ी केंद्रों के पास या स्कूलों के करीब में बनाए जाएंगे। एक स्वास्थ्य केंद्र में चार कमरों का निर्माण होगा।

यहां बनाए जाएंगे नए उप स्वास्थ्य केंद्र
हंडिया ब्लाक - गांव हीरापुर, अबगांवकला, गहाल, हरदाखुर्द, कचबैड़ी, पलासनेर, रातातलाई, नांदरा, उड़ा, सुखरास, कांकरिया।
खिरकिया ब्लाक - मांदला, कड़ौलाराघौ, भगवानपुरा, बेडिय़ाकला, बम्हनगांव, पीपल्या खूदिया, पोखरनी, जूनापानी भवरदी, जटपुरामाल।
टिमरनी ब्लाक लोधीढाना, मनियाखेड़ी, छीपानेर।
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इनका कहना है
जिला अस्पताल से लेकर तहसीलों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रथम श्रेणी अधिकारियों, विशेषज्ञों के खाली पदों को भरने के लिए शासन से लगातार मांग की जा रही है। किंतु अभी तक खाली पद नहीं भरे जा सकें हैं, जिससे रोगियों को विशेषज्ञों का लाभ नहीं मिल रहा है। हर महीने शासन को चिकित्सकों के रिक्त पद भरे जाने के लिए पत्रलिखे जा रहे हैं।
डॉ. मनीष शर्मा, चिकित्साधिकारी, जिला अस्पताल, हरदा
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शासन ने जिले में २३ नए उप स्वास्थ्य केंद्र बनाने को मंजूरी दी थी। संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल से उनके निर्माण की टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो गई है। विधानसभा चुनाव के बाद भवनों का निर्माण शुरू हो जाएगा।
दिनेश कुमार सूर्यवंशी, इंजीनियर, जिला अस्पताल, हरदा

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