थोड़ी सी हवा आंधी में खुली, बिजली कंपनी के मेंटनेंस की पोल

कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है बिजली की समस्या
बिजली कटौती से नागरिकों में आक्रोश व्याप्त

By: बृजेश चौकसे

Published: 07 Jun 2018, 11:36 AM IST

खिरकिया. हवा आंधी का दौर शुरू होते ही नगर में बिजली व्यवस्थाओं की पोल खुल गई हैै। मानसून को लेकर बिजली कंपनी द्वारा प्री मानसून बारिश के पूर्व एवं पोस्ट मानसून बारिश के बाद का मेंटनेंस कराने की बात कही जाती है। लेकिन नगर में बढ़ती जा रही बिजली की समस्या को देखते हुए मेंटनेंस कहीं से कहीं तक नहीं दिखता है। गत दिवस नगर में चली तेज हवा आंधी कई स्थानों के तार टूट कर गिर गए, तो कुछ स्थानों पर कनेक्शन बाक्स ही जल गए। हवा आंधी चलने के बाद दर्जनों बार बिजली बाधित हो रही है। इस दौरान घंटों बिजली बंद रखी गई। जानकारी के अनुसार मानसून के पूर्व कराए जाने वाले मेंटनेंस की धीमी गति के चलते नागरिकों को बिजली समस्याओं से जूझना पड़ रहा है, पहले तो कंपनी द्वारा समय रहते मेंटनेंस नहीं किया। अब हवा आंधी चल रही तो जगह जगह तार टूट रहे है। जिन्हें सुधारने को ही मेंटनेंस का नाम दिया जा रहा है।
दर्जनों बार गुल हुई बिजली, नागरिक त्रस्त -
बिजली समस्या नहीं थमने से नागरिक त्रस्त है। कंपनी की लचर व्यवस्थाओं के चलते वे रोष व्यक्त कर रहे है। गत दिवस नगर में दिन भर बिजली की आंख मिचौली चलती रही। इसके बाद रात में भी कई बार बिजली गुल हुई। वही बुधवार को दिन में दर्जनों बार बिजली की आवाजाही लगी रही। कंपनी द्वारा मेंटनेंस एवं सुधार के नाम पर अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। इसके अलावा सुबह 9 बजे एवं शाम 5 बजे के बाद अघोषित रूप से कटौती की जा रही है। जबकि 24 घंटे लगातार बिजली दिया जाना चाहिए।
पेड के टकरा रहे तार, नहीं हुई छंटाई -
मानसून के पूर्व मेेंटनेंस के दौरान पेड़ों से तार टकराने से बचाने के लिए विभाग द्वारा पेड़ों की छंटाई की जाती है, लेकिन नगर मं कई स्थानों पर पेड़ों की डालों के बीच से तार होकर गुजर रहे है। ऐसे में हवा आंधी चलने पर पेड़ों की टहनियां टूटने के साथ तार भी टूट जाते है, जिससे नगर में बिजली गुल जाती है। लेकिन मानसून के पूर्व यह कार्य नहीं कराया गया है। जिससे बिजली संबंधी समस्या खड़ी हो रही है।
अधिकारी व लाइनमैन करते है अप-डाउन -
बिजली की लचर व्यवस्था का कारण अधिकारी व लाइनमैनों का अप-डाउन करना भी माना जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि कई लाईनमैन अप-डाउन करते है, अपनी शिकायत लेकर पहुंचने पर लाइनमैन नहीं मिलते है। रात में तो कोई लाइनमैन मौजूद ही नहीं रहते है। लाइनमैनों के अलावा अधिकारी भी मुख्यालय पर नहीं रहते है, ऐसे में उन्हें बिजली कटौती तक की जानकारी नहीं होती है। समाजसेविका संध्या बायवार, सुनील गौर, असलम खान आदि ने बताया कि नागरिकों द्वारा बिजली अधिकारियों को समस्याओं से अवगत भी कराया जाता रहा है, लेकिन वे इसे अनसुना कर देते है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भी समय समय पर व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश दिए तो गए थे, लेकिन कंपनी के अधिकारियों द्वारा उनके निर्देशों की भी अवहेलना कर दी जाती है। जिसका खामियाजा बिजली कटौती के रूप में नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
इनका कहना है-
तार टूटने के कारण बिजली सप्लाई बाधित हो रही है। बारिश को देखते हुए मेंटनेंस का कार्य जारी है। अधिकारी व लाइनमैन अपडाउन नहीं करते है, ड्यूटी समय पर कार्यालय में ही रहते है।
एनएस सोमकुंवर, एई, विविकं खिरकिया

बृजेश चौकसे
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