आखिर क्यों किसान हैं पानी के लिए मोहताज और सता रही चिंता....

-45 दिन बाद भी दूसरा पानी उपलब्ध नहीं है।

नौसर। किसानों को पानी नहीं मिलने की समस्या से आ रही शिकायतों के बाद रविवार को अधीक्षण यंत्री सुनील कुमार ने हंडिया शाखा नहर एवं अजनई उपनहर पहुंचकर निरीक्षण किया और पानी वितरण की स्थिति का जाएजा लिया। जल उपभोक्ता संस्था बाजनिया दीपचंद नवाद अध्यक्ष द्वारा अजनई उपनहर में ठेकेदार द्वारा की गई लापरवाही से कम पानी चलने सहित अन्य कमी से अधीक्षण यंत्री को अवगत कराया गया व किसानों की समस्याएं बताईं जिन्हें जल्द ही दूर करने का आश्वासन अधिकारी ने दिया।
वर्तमान में हरदा जिले की फसलों में 45 दिन होने के बाद भी दूसरा पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जिससे फसल उत्पादन में भारी गिरावट आएगी। इस संबंध में हरदा जिले के जनप्रतिनिधियों ने जल वितरण व्यवस्था पर कई बार सवाल भी उठाया है कि सिवनी मालवा एवं इटारसी संभाग हरदा की तुलना में डेढ़ गुना अधिक पानी ले रहा है। हरदा जिले का सिंचित रकबा 102254 हेक्टेयर वहीं सिवनी मालवा एवं इटारसी संभाग का सिंचित रकबा 99937 हेक्टेयर है। तवा डैम से कई दिनों से 4537 क्यूसेक पानी चल रहा है जिसमें से हरदा जिले को लगभग 1900 क्यूसेक ही पानी मिल पा रहा है जबकि सिवनी मालवा एवं इटारसी संभाग को 2600 क्यूसेक पानी मिल रहा है। 2 साल पहले तवा बांध आधा भरा होने के बाद भी इतने समय में लगभग 90 फीसदी रकबे में तीसरा पानी हो गया था। पिछले वर्षों की तुलना में हरदा जिले के मुख्य जल वितरण बिंदु 3008 पर इस वर्ष पानी कम मिला है।

Rahul Saran Reporting
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