कृषि विभाग का सहायक संचालक 50 हजार की रिश्वत लेते धराया- देखें वीडियो

poonam soni

Updated: 08 Dec 2019, 04:14:30 PM (IST)

Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

हरदा। लोकायुक्त पुलिस ने शनिवार शाम को शहर के नेहरू स्टेडियम क्षेत्र से कृषि विभाग के सहायक संचालक रमेश कुमार अखंडे को 50 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। आरोपी ने कीटनाशक दुकान के संचालक से नमूने रफादफा करने के एवज में 2 लाख रुपए की मांग की थी। बाद में 1 लाख 20 हजार रुपए देना तय हुआ। फरियादी दुकानदार ने पहली किश्त के 50 हजार रुपए दिए थे। जिसे लेते हुए सहायक संचालक और एक दलाल को पकड़ा गया।

यह थी घटना
लोकायुक्त डीएसपी संजय जैन ने बताया कि फरियादी राहुल कुमार गुर्जर निवासी ग्राम छीरपुरा की रहटगांव में कीटनाशक की दुकान है। गुर्जर ने 4 दिसंबर को लोकायुक्त पुलिस को शिकायत की थी कि सहायक संचालक कृषि रमेश कुमार अखंडे 30 नवंबर को उसकी दुकान पर आए और सैंंपल लेकर चले गए थे। उन सैंपल को जांच के लिए न भेजने के एवज में अखंडे ने पहले 2 लाख रुपए की मांग की थी। बाद में वह 1 लाख 20 हजार रुपए लेने पर सहमत हुआ। रिश्वत मांगने की बात रिकार्ड की गई। इसके बाद लोकायुक्त की 12 सदस्यीय टीम ने अखंडे को रंगे हाथ पकड़ा।

कीटनाशक दुकान से लिए सैंपल को रफादफा करने के बदले में मांगे थे 2 लाख रुपए, 1 लाख 20 हजार देना तय हुआ था, पहली किश्त के लिए थे 50 हजार रुपए

लोकायुक्त कार्रवाई को भांपते ही भागे दोनों आरोपी
डीएसपी जैन ने बताया कि फरियादी गुर्जर ने जैसे ही रिश्वत के रुपए दिए वैसे ही टीम वहां पहुंची। यह भांपते ही सहायक संचालक अखंडे व दलाल झरबड़े भागने लगे। टीम ने उन्हें कुछ दूर जाकर दबोच लिया। इसके बाद सर्किट हाउस में उन्हें ले जाकर आगे की कार्रवाई की गई।

पिछले महीने रिश्वत लेते पकड़ाया था लिपिक
जिले में रिश्वतखोरी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ज्ञात हो कि लोकायुक्त पुलिस की टीम ने 1 नवंबर की दोपहर खाद्य विभाग के लिपिक जितेंद्र कुमार चौधरी को अपने ही विभाग के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी आशीष आजाद से 8 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था। लिपिक ने स्थानांतरित हो चुके अधिकारी का वेतन सहित अन्य भुगतान कराने रिश्वत मांगी थी। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी आजाद ने कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित केंटीन में चौधरी को रिश्वत के 8 हजार दिए थे।

आरोपी के घर पहुंची लोकायुक्त की टीम
सर्किट हाउस में कार्रवाई के बाद लोकायुक्त की टीम आरोपी सहायक संचालक रमेश कुमार अखंडे पिता महाजन सिंह (45) के महाराणा प्रताप वार्ड राजपूत छात्रावास के पास स्थित मकान पर भी गई। यहां मामले के संबंधी जांच की गई। कार्रवाई में निरीक्षक उमा कुशवाह, संजय शुक्ला व मनोज पटवा सहित 12 सदस्य शामिल रहे।

बगैर लिखापढ़ी के लेकर गए थे सैंपल
दुकान संचालक गुर्जर ने बताया था कि कीटनाशक दुकान से सैंपल लेने के दौरान अखंडे ने लिखापढ़ी नहीं की। उससे कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराए गए थे। इसके बाद नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला न भेजने के एवज में रुपए मांगे गए।

दलाल के हाथ में दिलाई राशि
लोकायुक्त डीएसपी जैन ने बताया कि सहायक संचालक अखंडे के साथ किशोर झरबड़े निवासी मोहनपुर (रहटगांव) भी था। अखंडे ने अपने दलाल के रूप में गुर्जर से पैसे दिलाए। दलाल झरबड़े मूल रूप से किसान है। उसकी पत्नी कृषि मित्र के रूप में सेवा देती है।

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