भाजपा विधायक का अपराधी जनपद पंचायत उपाध्यक्ष बेटा जिलाबदर

कमल पटेल ने लगाए कांगे्रस पर राजनीतिक द्वेष से कार्रवाई कराने के आरोप

हरदा. भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री कमल पटेल के आपराधी बेटे सुदीप पटेल को गुरुवार को कलेक्टर ने जिला बदर करने के आदेश जारी किए। सुदीप खिरकिया जनपद पंचायत का उपाध्यक्ष है। उस पर 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं। प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद वह कांग्रेस नेता सुखराम बामने को मोबाइल पर जातिगत गालीगलौच और धमकाने के मामले में आडियो वायरल होने पर चर्चा में आया था। इस मामले में उसका सरेंडर होना और जमानत का विरोध नहीं होने पर छूट जाना भी चर्चा में रहा था। जिला बदर की कार्रवाई होने के बाद विधायक पिता ने कांग्रेस पर राजनीतिक द्वेषतावश कार्रवाई कराने का आरोप लगाया है। जिला दण्डाधिकारी एस. विश्वनाथन आदतन अपराधी सुदीप पिता कमल पटेल (32) निवासी बारंगा तहसील खिरकिया थाना छीपावड़ को एक साल के लिए जिला हरदा एवं उससे लगे समीपवर्ती जिले होशंगाबाद, खंडवा, देवास, सीहोर, बैतूल की राजस्व सीमाओं से निष्कासित किया है। उस पर मारपीट, एससी, एसटी एक्ट उल्लंघन सहित 19 प्रकरण दर्ज हैं। इनमेंं 28 अप्रैल २०१९ को कांग्रेस नेता सुखराम बामने के साथ सुदीप द्वारा मोबाइल पर गालीगलौज कर धमकाने सहित पूर्व विधायक डॉ. आरके दोगने द्वारा दर्ज कराए गए प्रकरण भी शामिल हैं।

दुर्गेश जाट हत्याकांड में भी आरोपी
सुदीप बहुचर्चित दुर्गेश जाट हत्याकांड में भी आरोपी है। इस मामले की जांच सीबीआई ने की है। यह प्रकरण अभी सीबीआई की विशेष अदालत में विचाराधीन है।

भाजपा सरकार में जिला बदर होने पर लगाए थे आरोप
प्रदेश में भाजपा सरकार में भी 23 मई 2017 को तत्कालीन कलेक्टर श्रीकांत बनोठ ने भी सुदीप को जिलाबदर किया था। लेकिन उसे हाईकोर्ट से राहत मिल गई थी। तब उनके पिता पूर्व मंत्री ने कलेक्टर के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अपनी ही सरकार को भी कटघरे में खड़ा किया था। तब अचानक पटेल ने नर्मदा में हुए अवैध उत्खनन का मुद्दा उठाकर अपनी ही सरकार को घेरा और तत्कालीन कलेक्टर और तत्कालीन एसपी आदित्य प्रताप सिंह व तत्कालीन खनिज अधिकारी मुमताज खान पर खनन माफिया से मिलीभगत का आरोप लगाया था। इतना ही नहीं हरदा व देवास जिले में नर्मदा में हुए अवैध उत्खनन के खिलाफ 20 मई २०१७ को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में पिटीशन भी दायर कर दी थी।

पहले सम्मान किया, फिर कार्रवाई
पूर्व कलेक्टर के आदेश को हाईकोर्ट ने शून्य घोषित किया था। यह कार्रवाई कोर्ट की अवमानना है। प्रशासन कांग्रेस की कठपुतली बनकर काम कर रहा है। भुआणा उत्सव में प्रशासन ने सुदीप का स्वागत किया था। तब कांग्रेसियों ने कलेक्टर पर आरोप लगाए थे, इस दबाव में यह कार्रवाई की, ताकि वे खुश हो जाएं। सुदीप गुंडा नहीं है। पुलिस झूठे केस बनाकर ऐसा कर रही है। इस मामले में हम फिर हाईकोर्ट की शरण लेंगे। - कमल पटेल, विधायक

rakesh malviya
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