विभागीय अधिकारी को शिकायत करने के बाद टेल क्षेत्र में पहुंचा नहर का पानी

कई किसान मनमाने तरीके से दे रहे थे मूंग फसल में चौथा पानी

By: gurudatt rajvaidya

Published: 24 May 2020, 08:02 AM IST

आलमपुर. जल संसाधन विभाग द्वारा ग्रीष्मकालीन मूंग के लिए निर्धारित क्षेत्र में नहरों का पानी छोडऩे की घोषणा की गई थी। इससे इन क्षेत्र के किसानों ने अपने खेतों में मूंग की बोवनी कर दी। बावजूद इसके टेल क्षेत्र के किसानों को नहर से पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। इसकी शिकायत किसानों द्वारा विभागीय अधिकारियों से करने के बाद विभाग द्वारा टेल क्षेत्र में पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
टेल क्षेत्र के खेतों में नहीं हुआ तीसरा पानी
वर्तमान में टेल क्षेत्र के किसानों का मूंग की फसल में तीसरा पानी नहीं हुआ है। जबकि ऊपर के किसानों द्वारा मूंग में चार पानी दिए जा चुके हैं। इन किसानों द्वारा मनमाने तरीकों से पानी देने से टेल क्षेत्र में पानी नहीं पहुंचने से मूंग की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही से कुछ किसान मनमाने तरीके से पानी ले रहे हैं। टेल क्षेत्र के किसान दिन-रात नहरों पर घूमकर पानी के जतन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पानी नहीं मिल रहा है।
एसडीओ ने पटवारी व ग्रामीणों की मदद से बनाई व्यवस्था-
बेहरागांव एवं आलमपुर माइनर के टेल क्षेत्र के किसानों ने इस समस्या से नहर विभाग के एसडीओ गौतम पोर्ते को अवगत कराया। जिस पर उन्होंने पटवारी रामोतार राठौर एवं हरेराम पटवारे को मौके पर पहुंचाकर टेल क्षेत्र किसानों की समस्या का समाधान करने को कहा। उन्होंने निमियागांव माइनर पर गेट लगवाया। आलमपुर उपशाखा के ऊपर के जिन किसानों का चौथा पानी चल रहा था उसे बंद कराया। उनके हेडअप तोड़कर टेल क्षेत्र के किसानों को पानी दिलाया। जो किसान चौथा पानी दे रहे थे उन्हें पटवारी राठौर द्वारा समझाइश दी कि पहले टेल क्षेत्र के किसानों के खेतों तक तीसरा पानी पहुंचने दे। यदि चौथा पानी दोबारा शुरू किया जाता पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। टेल क्षेत्र के किसानों का तीसरा पानी होने के बाद ही फसल में चौथा पानी लगता है तो चालू कर सकते हैं। इस प्रकार आलमपुर एवं बेहरागांव माइनर से लगे टेल क्षेत्र के किसानों को नहर विभाग के कर्मचारियों द्वारा व्यवस्था बनाकर पानी दिलाया गया। किसानों ने बताया कि यदि यह व्यवस्था कुछ दिनों पहले से बना दी जाती तो अभी तक टेल क्षेत्र के किसानों का भी तीसरा पानी हो सकता था। यह व्यवस्था बनाने में किसान अनिल फुलरे, रामभरोस बांके, रत्नेश बांके, मुकेश फुलरे, अनिल बांके, बृजमोहन दोगने, गोविंद देवड़ा, गोलू पटेल, पुरुषोत्तम बांके, सतीश देवड़ा, मोनू ऊढाले आदि ने भी सहयोग किया।

gurudatt rajvaidya Bureau Incharge
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