जहां सिंचाई का ऐलान नहीं हुआ वहां पहुंचा नहर का पानी

- माचक उप नहर से जुड़े गांवों के किसानों ने ऐतराज जताया

By: gurudatt rajvaidya

Published: 07 Apr 2020, 08:01 AM IST

हरदा। जल संसाधन विभाग ने लाइनिंग कराने को कारण बताते हुए जिस उप नहर से सिंचाई का ऐलान नहीं किया था वहां भी पानी पहुंच गया। यह खबर जब माचक उप नहर से जुड़े गांवों के किसानों को लगी तो उन्होंने इस पर ऐतराज जताया। हालांकि बाद में पानी की सप्लाई बंद कर दी गई।
उल्लेखनीय है कि विभाग ने जिले में 25 हजार हेक्टेयर में नहर का पानी देने का ऐलान किया है। इसमें लेफ्ट ब्रांच केनाल (एलबीसी) का 12500 और इतना ही हंडिया ब्रांच केनाल (एचबीसी) का रकबा शामिल है। ऐलान में उन उप नहरों से जुड़े रकबे को छोड़ दिया गया है जहां लाइनिंग की जाना है। हरदा संभाग की सोनतलाई, रेवापुर व माचक उप नहर में भी विभाग ने पानी नहीं देने का कहा था। मीडिया के माध्यम से जारी सूची में भी इसका जिक्र था। सोमवार को एलबीसी से जुड़े सोनतलाई माइनर में जब पानी पहुंचा तो माचक उप नहर से जुड़े गांवों के किसानों ने इस पर ऐतराज जताया। उनका कहना रहा कि जब लाइनिंग के नाम पर उन्हें पानी नहीं दिया जा रहा तो फिर बगैर ऐलान के सोनतलाई उप नहर में पानी कैसे छोड़ा गया। इस उप नहर में इतना पानी छोड़ दिया कि बहाव कांकरिया तक पहुंच गया था।
ओवरफ्लो से नुकसान को रोकने छोड़ा गया पानी
इस संबंध में विभाग के हरदा संभाग कार्यपालन यंत्री राकेश दीक्षित व एसडीओ वायएस यादव ने बताया कि चेन क्रमांक ४२८३.६ पर एलबीसी का एंड पाइंट है। ज्यादा पानी आ जाए तो उसे नदी-नाले में छोड़ा जाता है। यहीं से पहतगांव और सोनतलाई उप नहर निकली है। ऐलान के अनुसार पहतगांव उप नहर में पानी छोड़ा गया था। एलबीसी पर ऊपरी क्षेत्रों में मोटर पंप नहीं चलने से पानी का उपयोग उम्मीद अनुसार नहीं हुआ। इसके चलते एंड पाइंट पर पानी बढ़ गया। इससे पानी खेतों में भराने की आशंका थी। नुकसान से बचने के लिए ही सोनतलाई उप नहर में पानी छोड़ा गया था। इसे बंद किया जा चुका है।
जो मूंग की बुवाई कर देंगे उन्हें हो सकता है नुकसान
सोनतलाई उप नहर में पानी पहुंचने से इस अवधि में जो किसान ग्रीष्मकालीन मूंग की बुवाई कर देंगे उन्हें नुकसान हो सकता है। इसका कारण यह है कि यहां दोबारा पानी नहीं छोड़ा जाएगा। फसल की सिंचाई में परेशानी आ सकती है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सोनतलाई उप नहर से जुड़े गांवों के किसानों ने बोवनी की तो यह उनकी जिम्मेदारी बनती है कि सिंचाई कैसे करेंगे।
1598 क्यूसेक पानी मिला
चेन क्रमांक 3008 (उंद्राकच्छ) स्थित एलबीसी और एचबीसी के वितरण केंद्र पर सोमवार शाम 1598 क्यूसेक पानी मिला। इसमें ऐ ७४४ क्यूसेक एलबीसी और ८५४ क्यूसेक एचबीसी में छोड़ा गया।
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gurudatt rajvaidya Bureau Incharge
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