कांग्रेसियों ने अर्धनग्न होकर किया सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

किसानों को फसल बीमा और मुआवजे की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

By: gurudatt rajvaidya

Published: 26 Aug 2020, 08:02 AM IST

टिमरनी. प्राकृतिक प्रकोप एवं बीमारियां लगने से किसानों की सोयाबीन फसल 3-4 दिन ही पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। इससे किसानों को लाखों रुपए का नुकसान होगा। किसानों को फसलों का मुआवजा एवं बीमा राशि प्रदान करने की मांग को लेकर मंगलवार कांगे्रस कार्यकर्ताओं एवं किसानों ने हाथ में सोयाबीन के पौधे लेकर व अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। स्टेशन चौराहे से अर्धनग्न होकर निकले कांग्रेसी सरकार खिलाफ नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने नायब तहसीलदार संदीप गौर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस नेता अभिजीत शाह ने कहा कि किसानों की खरीफ की सोयाबीन, उड़द, मूंग, मक्का की फसल विगत 3-4 दिन में पूरी खराब हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी तब शिवराज चौहान विपक्ष में बैठकर कमलनाथ सरकार से ४० हजार रुपए हेक्टेयर के मान से मुआवजा और बीमा क्लेम की मांग कर रहे थे। लेकिन अब खुद की सरकार में किसानों को ना तो बीमा क्लेम और ना ही मुआवजा दे रहे हैं। ना ही खराब हुई फसलों का सर्वे कराया जा रहा है। अब वादा निभाने का समय आ गया है। मुख्यमंत्री अपने आप को किसानों का नेता एवं बेटा कहते हंै, लेकिन अब वे किसानों की सुद नहीं ले रहे हैं।
सरकार ने अभी तक बीमा कंपनी का ही नहीं किया चयन-
शाह ने कहा कि सरकार ने अभी तक कोई भी बीमा कंपनी को चयनित नहीं किया है। इसका मतलब किसानों की फसलों का बीमा ही नहीं हुआ है। जबकि फसल बीमा जून जुलाई में हो जाना चाहिए था। भाजपा की सरकार कमीशन और घूसखोरी के चक्कर में अभी तक बीमा कंपनी नहीं ढूंढ पाई। अब किसानों की खराब फसल का बीमा कौन करेगा। किसानों को होने वाली समस्याओं के लिए शिवराज सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि 2019-20 में खराब हुई फसल के मुआवजा की शेष राशि एवं बीमा क्लेम की राशि तत्काल किसानों के खातों में जमा कराई जाए। आरबीसी 6/4 के अंतर्गत किसानों को मुआवजा एवं बीमा क्लेम की राशि 1 माह के में दी जाए। इस दौरान सुभाष जायसवाल, राहुल जायसवाल, विवेक मौर्य, संजय पंवार, विक्रम राजपूत, महेंद्र मौर्य, शैलेन्द्र वर्मा,भवानी राजपूत, अजीतसिंह आदि सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता व किसान मौजूद थे।
रहटगांव में मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
रहटगांव. प्रदेश किसान कांग्रेस उपाध्यक्ष अभिजीत शाह के नेतृत्व में किसानों व कांग्रेसियों ने किसानों को राहत राशि फसल बीमा का लाभ देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार संगीता महतो को ज्ञापन सौंपा। शाह ने कहा कि 2018 का फसल बीमा भी किसानों को नहीं मिला है। वर्ष 2019 का 75 प्रतिशत राहत राशि फसल बीमा की राशि सभी किसानों को प्रदान की जाए। इस दौरान शशिकांत वर्मा, राजेंद्रसिंह सोलंकी, अनिल वर्मा ,विपिन नामदेव, नरेंद्र देवहरे, पुरुषोत्तम भारद्वाज, विजयशंकर पाठक, देवीसिंह राजपूत, शाहिद अली, जयराम चौहान, संतोष गौर, विजय सूरमा, सूरजसिंह राजपूत, कपिल अग्रवाल, कपिल पालीवाल, कालूराम कुशवाह आदि मौजूद थे।
भाकिसं ने सौंपा ज्ञापन
रहटगांव. भारतीय किसान इकाई द्वारा तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार संगीता महेतो को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें अतिवृष्टि एवं जलभराव के कारण खराब हुई फसलों का सर्र्वे कराकर बीमा राशि एवं मुआवजा प्रदान करने की मांग की।
भारतीय किसान संघ ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
टिमरनी/करताना. भारतीय किसान संघ तहसील टिमरनी के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार धर्मेंद्र चोकसे को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन की प्रति कृषि मंत्री कमल पटेल, सांसद, विधायक एवं जिलाधीश को भी प्रेषित की। इसमें संघ के तहसील अध्यक्ष दीपचंद नवाद ने बताया कि वर्तमान में तहसील के सभी ग्रामों में सोयाबीन, मूंग, उड़द की फसल अज्ञात बीमारी के कारण पूर्ण रूप से बर्बाद हो चुकी है। जिसका सर्वे कराकर किसानों को राजस्व की धारा 6/4 के अंतर्गत मुआवजा एवं फसल बीमा योजना का लाभ दिलाया जाए। 2018-19 की बीमा राशि किसानों को शीघ्र दिलाई जाए। वर्ष 2019 का शेष मुआवजा किसानों को तुरंत दिया जाए। जो किसान खरीफ फसल के बीमा से वंचित हैं उनकी फसल का बीमा कराने के लिए सभी बैंकों और सहकारी समितियों को निर्देशित कर बीमा प्रीमियम जमा करने की बढ़ाई गई तारीख 31 अगस्त तक प्रीमियम जमा कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकार की राशि उपलब्ध नहीं कराई गई तो संगठन आरपार की लड़ाई के लिए तैयार रहेगा। इस दौरान नरेंद्र दोगने, विजय मलगया, विनोद पाटिल, श्याम पाटिल, रेवाशंकर दोगने, परमानंद दोगने, रामकृष्ण राजपूत, बलवीर राजपूत, शैतानसिंह राजपूत, छोटू पटेल लछोरा, संतोष चौहान, पुरुषोत्तम गुल्लास, जगदीश राजपूत आदि मौजूद थे।
सोयाबीन फसल का सर्वे कराकर राहत राशि देेने की मांग
खिरकिया. सोयाबीन की खराब हुए फसल का सर्वे कराकर राहत व बीमा राशि प्रदान की मांग को लेकर चौकड़ी एवं लोधियाखेड़ी के किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमे उन्होंने बताया कि सोयाबीन की फसल पिछले दिनों में सूखकर खराब हो गई है। पीली होने के कारण उनमें फल नहीं आ रहे हैं। ऐसे में किसानों के खेतों का सर्वे कराकर उन्हें सहायता एवं बीमा राशि दिलाई जाए। साथ ही सेवा सहकारी समिति चौकड़ी में कुछ किसानों का वर्ष 2019-20 में चना उपज का भुगतान नही हुआ है। उन्हें भी भुगतान कराया जाए। इस दौरान संतोष बेनिवाल, जीवनराम गौर, राजेश गौर, ओमप्रकाष विश्नोई, दीपक राजपूत, फूलचंद, कमलेश राजपूत आदि मौजूद थेे।
वनांचल में भी आदिवासियों की नष्ट हो गई फसलें
बालागांव. गांव सहित आसपास के क्षेत्र के अलावा वनांचल के गांवों में भी सोयाबीन की फसल खराब हो चुकी हैं। लाखादेह पंचायत के सरपंच नरेन्द्र देवहारे ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से वनांचल की सोयाबीन फसल नष्ट हो चुकी हैं। ग्राम चुरनी के कृषक साबुलाल सिलारे ने बताया कि सात हजार रुपए क्विंटल का सोयाबीन बीज खरीदा था दवाई, निदाई सहित कई रुपए खर्च हो गये हैं। इससे लागत तो दूर की बात जितने में बीज लिया था उतना भी निकलना मुश्किल नजर आ रहा है। ग्राम बापचा के किसान हरिराम कोरकु रामप्रसाद भुसारे लाखादेह के किसान भुरेलाल धुर्वे, संतोष सिरसाम रामचन्द्र सिरसाम, रामेश्वर धुर्वे, गोविंद बरकडे, समेत वनांचल के सभी किसानों की मांग हैं कि जल्द से जल्द फसल का सर्वे कर उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों ने आरोप लगाया है कि कृषि विभाग की टीम ने उनके खेतों में पहुंचकर फसलों का निरीक्षण नहीं किया है।

gurudatt rajvaidya Bureau Incharge
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