सफेद मक्खी से फसल पर मंडराया संकट, फसल में फेला रोग

सोयाबीन मे पीला मोजेक और उड़द में इल्ली प्रकोप बढ़ा, फसलों पर कीटनाशक का छिड़काव भी बेअसर, सोयाबीन की फलियों में दाने नहीं आए

By: sanjeev dubey

Published: 11 Sep 2017, 04:37 PM IST

टिमरनी. कम बारिश से सोयाबीन और उड़द फसल पर संकट मंडरा रहा है। वर्तमान में सफेद मक्खी से फैलने वाला रोग पीला मोजेक तेजी से बढ़ रहा है। पिछले वर्षो में यह रोग सोयाबीन में दिखाई देता था, लेकिन अब उड़द फसल को भी अपनी चपेट में लेकर बर्बाद कर रहा है। लेकिन इस पर कीटनाशक बेअसर साबित हो रहा है। इसके चलते जिले का किसान बेहद परेशान है। हर गांव से पीला मोजेक रोग के फैलने की खबर लगने के बाद कृषि वैज्ञानिकों की टीमें लगातार भ्रमण कर रही हैं। जानकारी के अनुसार विकासखंड के आसपास पीला मोजेक रोग का असर कई गांवों में दिखाई दे रहा है। ग्राम राजाबरारी के अलावा अन्य गांवों में इस रोग ने फसलों को तबाह करना शुरू कर दिया है। कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के बाद भी रोग पर कीटनाशकों का असर नहीं हो पा रहा है। इसके चलते किसान बेहद परेशान है। उल्लेखनीय है कि इस बार विकासखंड में 59449 हेक्टेयर में खरीफ की बोवनी हुई है। ब्लाक में करीब उड़द 31571, सोयाबीन 2148 6 , मक्का 3528 , धान 733, अरहर 1122, मंूग 235 सहित अन्य फसलें 76 0 हेक्टेयर में बोई गई हैं।
लाखों का नुकसान होगा
किसानों ने बताया कि कम बारिश की वजह से फसलों की स्थिति बिगड़ती जा रही है। फसलें सूखने के साथ कीट पतंगों और रोगों से ग्रसित हो रही हैं। एक ह?ते के अंदर यदि पानी नहीं आता है तो फसलें पूरी तरह से चौपट हो जाएंगी। इससे किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कृषि विभाग को अवगत कराया जा रहा है, लेकिन रोगों को बचाने के सही तरीके नहीं बताने से फसलों को नुकसान पहुंचता जा रहा है।

इल्ली प्रकोप भी बढ़ रहा
किसानों ने बताया कि उड़द फसल में इल्ली का इतना प्रकोप बढ़ गया है कि फसल खराब होने लगी है। फसल को बचाने के लिए हजारों रुपए का कीटनाशक छिड़काव किया जा रहा है, लेकिन इसका कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है।इधर, सोयाबीन फसल में पीला मोजेक रोग से फसल के पत्ते पीले होकर गिर रहे हैं। वहीं फलियों में दाने नहीं आ रहे हैं। सैकड़ों एकड़ में लगी फसल को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है।
वैज्ञानिकों ने बताए फसलों को बचाने के तरीके
- बालागांव, मगरधा में कृषक संगोष्ठी आयोजित
बालागांव. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन वर्ष 2017-18 के तहत उड़द फसल प्रदर्शन प्रक्षेत्र दिवस ग्राम बालागांव एवं मगरधा में मनाया गया। साथ ही कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कृषि वैज्ञानिक डॉ. ओमप्रकाश भारती, एके यादव, सहायक तकनीकी प्रबंधक अनिल गर्ग द्वारा किसानों को पूर्व में बुआई के लिए 1900 रुपए में 20 किलो उड़द बीज एवं बीज उपचार दवा एवं कीटनाशक प्रदान किए गए थे। जिसकी शासकीय प्रक्रिया के बाद पात्र हितग्राहियों के बैंक खाते में राशि सब्सिडी के रूप में जमा करा दी गई। कृषि वैज्ञानिक डॉ. भारती ने किसानों को बीज उपचार, कीटो से बचाव के तरीके, फसलों की गुणवत्ता बनाने के तरीके, किस फसल को कितने पानी और कब देने चाहिए जैसे विभिन्न तरीके बताए। किसानों ने भी विभागीय अधिकारियों से फसलों की बुआई से लेकर उत्पादन तक होने वाली परेशानियों से अवगत कराया। संगोष्ठी में भाकिसं के जिला उपाध्यक्ष बालकृष्ण ०मलगाया, कृषक मित्र प्रेमनारायण गौर, नन्हेलाल भाटी, संतोष गौर, सतीश गौर, शिवनारायण भाटी, मुरलीधर गौर, जगदीश मालवीय, रामकृष्ण गुर्जर, दीनदयाल गौर, राधेश्याम गौर सहित अन्य किसान उपस्थित थे।

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