पेड़ पर लटका था युवक का शव, पैर नोंच-नोंच कर खा गए थे जानवर

22 दिन से लापता था, छह दिन तक ढूंढने के बाद नहीं मिलनेपर दी थी थाने में सूचना

हंडिया. 22 दिन से लापता एक युवक का शव जंगल में पेड़ पर लटका मिला। उसके शव के निचले हिस्से को जानवर नोंचकर खा गए थे। शव की पहचान कपड़ों के आधार पर हुई। वह घर से बिना बताए कहीं चला गया था। छह दिन तक तलाश करने के बाद परिजनों ने थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है, लेकिन अभी तक इसका कारण सामने नहीं आया है।
घर में छोड़कर पिता गया था महुआ बीनने
पुलिस ने बताया कि ग्राम रातातलाई से करीब २2 दिनों से लापता युवक का शव जंगल में पेड़ पर फांसी के फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलने पर पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। जानकारी के मुताबिक रातातलाई निवासी जगदीश कर्मा 4 अप्रैल को अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ महुआ बीनने जंगल गए थे। उस समय वे अपने बेटे माखन (22) को घर में ही छोड़ गए थे। वापस लौटने पर माखन घर नहीं मिला। 6 दिनों तक तलाश करने के बाद जब उसका पता नहीं चला तो जगदीश एवं उनके परिजनों ने हंडिया थाने पहुंचकर माखन के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराई।

दोनों पैर थे गायब
थाना प्रभारी एसएस बघेल ने बताया कि शनिवार शाम जगदीश जंगल की ओर पगडंडी के रास्ते जा रहा था। तब उसे पेड़ पर अपने बेटे माखन का शव लटका दिखाई दिया। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को शव लटका होने की सूचना दी। बघेल ने बताया कि करीब 20 दिन पुराना शव होने से पूरी तरह से चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था। मृतक के पिता ने कपड़े के आधार पर अपने पुत्र की शिनाख्त की है। मृतक के पैरों को जंगली जानवर खा गए हैं। पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है।
जहरीला पदार्थ खाने से ग्रामीण की मौत
हरदा. छोटी हरदा निवासी उमेश पिता रामनारायण जाट (५०) ने शनिवार रात को अज्ञात कारणों से घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगडऩे पर परिजनों द्वारा उसे जिला अस्पताल लाया गया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मर्ग कायम कर जांच में लिया है।

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बृजेश चौकसे
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