वर्षों बाद भी नहीं हो सका बायपास मार्ग का निर्माण, पथरीले पत्थरों से होकर गुजरते हैं राहगीर

लंबे समय से की जा रही बायपास मार्ग निर्माण की मांग

By: sanjeev dubey

Published: 18 Dec 2018, 11:51 AM IST

खिरकिया. नगर को सीधे स्टेट हाइवे से जोडऩे वाला खिरकिया-पोखरनी बायपास का निर्माण नहीं किया जा सका है। नागरिकों एवं ग्रामीणों की मांग के बावजूद मार्ग निर्माण को लेकर रास्ता प्रशस्त नहीं होता दिखाई दे रहा है, जिससे खासी परेशानियों का सामनाा करना पड़ रहा है। नगर से आवागमन करने के लिए वाहन चालकों को कच्चे बायपास मार्ग के चलते रहवासियों के लिए नगर तक पहुंचना कई मुश्किलों भरा होता है। खिरकिया से पोखरनी होकर यह मार्ग सीधे होशंगाबाद खंडवा स्टेट हाइवे को जोड़ता है। बावजूद उसके यातायात सुविधाओं के अभाव मे ग्रामीणों या तो परेशानियां उठाना पड़ता है या फिर कई किमी का चक्कर लगाना पड़ता है। जानकारी के अनुसार पोखरनी के ग्रामीणों को नगर पहुंचने के लिए निर्मित कच्चे बायपास मार्ग की स्थित बदहाल हो रही है। स्टेट हाइवे से उन्हें 2 किमी दूरी पर स्थित नगर में पहुंचने के लिए कई किमी का फेरा लगाना पड़ता है। ऐसे में अब ग्रामीणों द्वारा बायमार्ग मार्ग के निर्माण की मांग की जा रही है। वर्तमान में मार्ग से आवागमन करने के लिए राहगीरों को जान-जोखिम में डालनी पड़ रही है। दिन-ब-दिन मार्ग की बिगड़ती स्थिति दुघर्टनाओं को आमंत्रण दे रही है। मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हंै। गिट्टी, पत्थर बाहर निकल आए हंै। वहीं पुलिया खस्ताहाल हो गई है, जिस पर से आवागमन करना अब मुश्किल हो रहा है, बावजूद इसके ग्रामीण इसका उपयोग कर रहे हंै तो उन्हें काफी मशक्कत के बाद सफर करना पड़ रहा हैै।

जान-जोखिम में डालते हैं स्कूली बच्चे
खिरकिया-पोखरनी बायपास मार्ग निर्माण के लिए प्रस्तावित इस मार्ग से निर्माण के अभाव में बदहाली के चलते प्रतिदिन स्कूली बच्चे जान-जोखिम में डालते हैं। पोखरनी से खिरकिया स्कूल आने के लिए विद्यार्थियों को पोखरनी के समीप नाले की क्षतिग्रस्त पुलिया से होकर आावागमन करना पड़ता है। शाम को बच्चे घर लौटते तो उन्हें फिर यही स्थिति से गुजरना पड़ता है। ऐसे में परिजनों को भय बना रहता है। बारिश के दिनों में तो पुलिया के समीप पानी भरा रहने के कारण बारिश के दौरान को मार्ग बंद हो जाता है। वहीं बाकी दिनों में जीव-जंतु का भय बना रहता है। वाहन चालकों लिए तो पानी से वाहन निकाल पाना टेढ़ी खीर है। बताया जाता है कि पूर्व में मार्ग निर्माण को लेकर प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था, लेकिन इस पर अब तक स्वीकृति नहीं मिली है। इस पर जनप्रतिनिधियों के भी ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। हाल ही में विधायक कमल पटेल ग्रामीणों के बीच पहुंचे थे, जहां पर ग्रामीणों ने मार्ग निर्माण की मांग की थी, जिस पर उन्होंने मार्ग निर्माण कराए जाने का आश्वासन भी ग्रामीणों को दिया था।

 

स्टेट हाइवे से लगाना पड़ता है 10 किमी का फेरा
अधिकांशत: पोखरनी सहित खंडवा जिले के पिपलानी, लहाड़पूर, नीमखेड़ा सहित क्षेत्र के ग्रामीण इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। इस मार्ग की लंबाई लगभग 2 किमी है। है। स्टेट हाइवे से तहसील मुख्यालय पहुंचने के लिए करीब 10 किमी अधिक का फेरा लगाना पड़ता है। जबकि इस मार्ग से महज 2 किमी की दूरी तय कर खिरकिया पहुंचा जा सकता है। यह मार्ग बायपास मार्ग भी होशंगाबाद-खंडवा राजमार्ग को भी जोड़ता है। मार्ग की बदहाली के चलते यदि ग्रामीण स्टेट हाइवे से होकर खिरकिया पहुंचते हैं। समय, धन और ईंधन तीनों का व्यय बढ़ता है, वहीं स्कूली बच्चों को पहुंचने में अधिक समय लगता हैं। वर्तमान में स्कूली बच्चे बायपास मार्ग से पैदल ही खिरकिया स्कूलों तक पहुंच जाते हंै, लेकिन स्टेट हाइवे से होकर पैदल स्कूल आना-जाना असंभव है, जिसके चलते ग्रामीणों एवं स्कूली विद्यार्थियों द्वारा जान-जोखिम में डालने से भी नहीं कतराते हैं।

नागरिकों ने कहा...
मार्ग की स्थिति काफी खराब हो चुकी है, जिससे आवागमन में परेशानियां आती हैं। पूर्व में कई बार दुर्घटना भी हो चुकी है, लेकिन कोई भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
कमलेश चौहान, ग्रामीण, पोखरनी

मुख्य मार्ग से नगर जाने के लिए करीब 10 किमी का फेरा लगता है, जिससे समय और ईंधन भी लगता है। वहीं स्टेट हाइवे पर भारी वाहनों का आवागमन रहता है, जिससे दुघर्टनाओं का भय रहता है। इस मार्ग का निर्माण किया जाना चाहिए।
मिथिलेश वैष्णव, ग्रामीण पोखरनी

इनका कहना
खिरकिया से पोखरनी तक बायपास मार्ग निर्माण के लिए पूर्व में प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। जिस पर स्वीकृति नहीं मिली है। स्वीकृति मिलने पर ही मार्ग निर्माण संभव है।
सीआर रात्रे, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग, खिरकिया

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