ग्राम पंचायत नगावा माल में कागजों पर हुए लाखों के विकास कार्य

5 साल में विकास कार्यों के लिए निकाले 75 लाख, बनी मात्र 600 मीटर सीसी सड़क
जिम्मेदारों की मिलीभगत से अनियमितता करने का आरोप

By: gurudatt rajvaidya

Published: 29 Jun 2020, 08:04 AM IST

खिरकिया. ग्रामीणों को सुविधा एवं व्यवस्था मुहैया कराने व विकास कार्यों के लिए शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत ग्राम पंचायतों को राशि प्रदान की जाती है। लेकिन स्थानीय स्तर पर राशि का दुरुपयोग हो रहा है। जिस योजना पर राशि खर्च की जाना है, वहां खर्च तो हो जाती है, लेकिन कार्य नहीं हो पाता है। कुछ ऐसी ही स्थिति ग्राम पंचायत नगावामाल में हुई है। जहां के जनपद पंचायत सदस्य ने पंचायत पर अनियमितता, मनमानी और भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है। उन्होने ग्राम पंचायत के साथ जनपद पंचायत के अधिकारी कर्मचारियों पर मिलीभगत के आरोप लगाए है। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत नगावा माल में 14वां वित्त आयोग, पंच परमेश्वर, मनरेगा, कपिलधारा कूप, पौधरोपण, विधायक व सांसद निधि के कार्य कार्य अधूरे पड़े हुए है, जबकि इन कार्यों लिए आवंटित की गई राशि का भुगतान किया जा चुका है। ऐसे में ग्रामीणों को योजनाओ के माध्यम से मिलने वाली सुविधाएं नहीं मिल पा रही है।
पुलिया, छत चबूतरे सहित अन्य निर्माण कार्य पड़े अधूरे-
जनपद सदस्य मयाराम यादव ने बताया कि ग्राम पंचायत में 14 वां वित्त, पंच परमेश्वर योजना के अंतर्गत वर्ष 2015-16 से 2019 तक 75 लाख रुपए विकास कार्य के लिए निकाले गए है। इसमें गांव में महज 600 से 650 मीटर सड़क ही बन सकी है। शेष सड़कें जिला पंचायत, जनपद पंचायत, विधायक व सांसद निधि से बनी हुई है, इनके मद अलग है। इसके अलावा वर्तमान में गांव में पुलियाओं, छत चबूतरे सहित अन्य निर्माण कार्य अधूरे है। जबकि इनकी राशि का भी आहरण कर लिया गया है।
मृत ग्रामीणों के नाम पर निकाली मजदूरी की राशि-
कपिल धारा कुआं निर्माण के लिए पूर्व में स्वीकृत कार्य पूर्ण होने पर उन्हीं हितग्राहियो को दोबारा लाभ दे दिया गया। इसमें मनरेगा योजना अंतर्गत फर्जी मस्टर बनाते हुए जिन ग्रामीणों की मृत्यु हो चुकी है, उनके जॉब कार्ड पर भी मजदूरी की राशि निकाल ली गई है। शौचालय निर्माण में भी अनियमितता की गई। मनरेगा की पुलिया निर्माण की पूरी राशि निकाल ली गई, लेकिन मौके पर सही काम नहीं हुआ है। विधायक निधि एवं सांसद निधि से हुए कार्यों में अनियमितता कर जिम्मेदारों द्वारा पंचायत को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
कई बार की शिकायतें, न तो जांच और न ही कार्रवाई
ग्राम पंचायत के कार्यों में अनियमितता को लेकर जपं सदस्य मयाराम यादव ने कई बार शिकायत की, लेकिन अभी तक न तो जांच हो सकी है, और ना ही दोषियों पर कार्रवाई। पंचायत नगावा माल में विगत 2015-16 से 2019-20 तक 14वां वित्त आयोग, पंच परमेश्वर आयोग, मनरेगा, कपिलधारा के कुएं, वृक्षारोपण, सीसी रोड, नाली निर्माण, विधायक निधि, सांसद निधि के कार्यों में अनियमितता भ्रष्टाचार करने के संबंध में उन्होंने 1 जनवरी 2020 को कलेक्टर, जिला पंचायत सीइओ एवं जपं सीइओ को शिकायत की। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुुई। इसके बाद 10 जून को पुन: कलेक्टर, जिपं सीइओ एवं 9 जून को जपं सीइओ को लिखित एवं मौखिक शिकायत की। साथ ही टीम बनाकर मौके पर निरीक्षण कर तत्काल कार्रवाई भी की। लेकिन इस पर विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने जपं के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों पर भी मिलीभगत व सांठगांठ का आरोप लगाया है।
इनका कहना है-
मामलों की जांच के लिए कल मौके पर टीम भेजी गई थी। इसका पंचनामा भी बनाया गया है। इस दौरान शिकायतकर्ता उपस्थित नहीं हुई। शिकायतों की जांच प्रारंभ कर दी गई है।
शिवजी सोलंकी, सीइओ, जपं खिरकिया

gurudatt rajvaidya Bureau Incharge
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