जिले की 28 बसाहटों में पेयजल संकट, 50 में आंशिक असर

जिपं सामान्य सभा में अध्यक्ष ने पेयजल सहित अन्य विषयों की समीक्षा की

By: sanjeev dubey

Published: 16 May 2018, 09:00 AM IST

हरदा. जिले की 28 बसाहटों में पेयजल संकट गहराने लगा है। वहीं 50 बसाहटें इससे आंशिक रूप से प्रभावित हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा मंगलवार को जिला पंचायत की सामान्य सभा में यह जानकारी दिए जाने के बाद अध्यक्ष कोमल पटेल ने इन स्थानों पर विशेष ध्यान देते हुए लोगों को पानी उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए। जिपं सभाकक्ष में आयोजित बैठक में विभाग की ओर से बताया गया कि जिले में 4005 हैंडपंप में से 36 10 कार्यरत हैं। 395 हेण्डपंप जलस्तर कम होने से बंद हैं। 120 हैंडपंपों को राईजर पाईप लगाकर चालू कराया गया है। हरदा की 5, खिरकिया की १४ तथा टिमरनी की 9 बसाहटों में पेयजल संकट है। वहीं इन क्षेत्रों की क्रमश: २, १२ व ३६ बसाहटों में पेयजल संकट का आंशिक असर है। 121 नलजल योजनाओं में से 113 संचालित हंै, 18 के कार्य प्रगति पर हैं। लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान जिपं अध्यक्ष पटेल ने उन सड़कों के पुन: डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए जो 10 वर्षों से स्वीकृत हैं, लेकिन निर्माण नहीं हो सका। खनिज विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने विभाग को 15 दिन में सभी रेत खदानों के सीमांकन कर प्रतिवेदन देने को कहा।

 

पौधरोपण की कार्ययोजना बनाई
बैठक में शिक्षा विभाग एवं महिला सशक्तिकरण विभाग द्वारा बालिकाओं की स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के लिए इन्सीलेटर मशीनें लगाने संबंधी प्रस्ताव पारित किया गया। केंद्रीय विद्यालय के भवन निर्माण में आने वाली कठिनाइयों के संबंध में जिपं अध्यक्ष ने तीन दिन में प्रतिवेदन चाहा। बैठक में जुलाई में होने वाले पौधरोपण के लिए वन एवं उद्यानिकी विभाग ने कार्ययोजना पेश की। बैठक में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्वरोजगार योजना, खाद्य विभाग के कार्य आदि की समीक्षा भी की गई। इस दौरान जिपं उपाध्यक्ष मनीष निषोद, पूर्व मंत्री एवं सांसद प्रतिनिधि कमल पटेल, जनपद अध्यक्ष हरदा फुंदाबाई, जिपं सदस्य अनिता गौर, अर्चना, अंजना शाह, लक्ष्मण प्रसाद, विधायक प्रतिनिधि अखिलेश बांके के अलावा विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

जिपं में शिकायत शाखा का बोर्ड लगाएं
इसके पहले सामान्य प्रशासन समिति की बैठक में अध्यक्ष पटेल ने ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा संचालित योजनाओं को जनजन तक प्रचारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला पंचायत परिसर में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने, परिसर का सौंदर्यीकरण करने, ग्रामीणजनों की शिकायतों के निराकरण के लिए कार्यालय में शिकायत शाखा का बोर्ड लगाने के निर्देश दिए।

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