खिरकिया-पोखरनी बायपास मार्ग पर वन विभाग का अतिक्रमण

रेलवे की भूमि से करना पड़ रहा आवागमन, रेलवे ने लगाई रोक तो बंद हो जाएगा मार्ग

By: sanjeev dubey

Published: 07 Jun 2018, 11:47 PM IST

खिरकिया. नगर को सीधे स्टेट हाईवे से जोडऩे वाले खिरकिया पोखरनी बायपास मार्ग निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। लेकिन अब मार्ग के अस्तित्व को लेकर सवाल उठने लगे है। मार्ग पर वन विभाग द्वारा अतिक्रमण करने का आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाया जा रहा है। वन विभाग ने बाउंड्रीवाल का निर्माण कर अपने मार्ग को अपनी हद में भी कर लिया है। इससे बायपास मार्ग के कुछ हिस्स से वाहन चालक रेलवे की भूमि से आना-जाना कर रहे है। ऐसे में रेलवे द्वारा उनकी भूमि से आवागमन पर रोक लगाए जाने पर यह मार्ग पूरी तरह से बंद हो जाएगा। जिसको लेकर पोखरनी के ग्रामीणों द्वारा वन विभाग के अतिक्रमण से मार्ग को मुक्त कराने की मांग की जा रही है। जानकारी के अनुसार नगर के मुख्य चौराहे से जुड़ा खिरकिया पोखरनी बायपास बस स्टैंड से पोखरनी में स्टेट हाईवे से मिलता है। बस स्टैंड से वन विभाग के डिपो तक मार्ग का सीसी निर्माण है, इसके बाद वन विभाग द्वारा मार्ग को अपनी सीमा के अंदर करते हुए बाउंड्रीवाल का निर्माण कर दिया गया है। इससे मजबूरी में वाहन चालकों को बाउंड्रीवाल के बाजू से स्थित रेलवे की भूमि से आवागमन करतेे हुए आगे मार्ग पर मिलना पड़ता है, लेकिन अब रेलवे द्वारा इस पर रोक लगाए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसको ग्राम पंचायत पोखरनी में एसडीएम को मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए आवेदन भी दिया है।

नगर पंचायत को मुरमीकरण करने से रोका -
बायपास मार्ग आधा हिस्सा ग्राम पंचायत पोखरनी के क्षेत्र में आता है। जबकि कुछ हिस्सा नगर परिषद के अंतर्गत आता है। ऐसे में मार्ग कच्चा होने के कारण ग्राम पंचायत एवं नगर पंचायत द्वारा अपने अपने क्षेत्र मेंं मार्ग का मुरूमीकरण किया जाता है, ताकि बारिश में मार्ग से आवागमन बना रहे है। वर्तमान में नगर परिषद द्वारा मुरूमीकरण कराया जा रहा है, लेकिन रेलवे द्वारा उनके क्षेत्र की भूमि में आ रहे मार्ग के हिस्से पर मुरूमीकरण से नपं को रोक दिया गया है। ऐसे में भविष्य में आवागमन से भी रोक लगाई जा सकती है।

..तो बंद हो जाएगा मार्ग -
रेलवे द्वारा मार्ग से आवागमन पर रोक लगाईजाती है तो मार्ग पूरी से तरह बंद हो जाएगा। कुछ मीटर के क्षेत्र में रेलवे की भूमि से ही होकर गुजरना पड़ता है, जबकि वन विभाग की बाउंड्रीवाल के अंदर से सीधा है। जहां पर आमजन का आवागमन प्रतिबंधित है। ऐसे में रेलवे द्वारा मार्ग से आवागमन नहीं करने दिया जाता है, तो बायपास मार्ग बंद हो जाएगा। जिससे ग्रामीणों को स्टेट हाईवे से छीपाबड़ होकर ही आवागमन करना पड़ता है। जिसमें प्रतिदिन सैकड़ों वाहनो का आवागमन होता है। ग्राम पंचायत द्वारा मार्ग को वन विभाग के अतिक्रमण से मुक्त कराकर आवागमन के लिए खोले की मांग की जा रही है।

कई गांवों को जोड़ता है मार्ग -
पोखरनी से यह मार्ग होशंगाबाद खंडवा स्टेट हाईवे को जोड़ता है। जिससे नगर से लहाड़पुर, नीमखेड़ा, पिपलानी, चिकली, भवरली, कडोली, धनौरा, चीज रैयत, पलानी, दगडखेड़ी, बहेड़ी, बांदरिया सहित अन्य गांवों तक पहुंचा जा सकता है। इस मार्ग के बंद होने पर नागरिकों को करीब 9 किमी का फेरा लगाकर पोखरनी पहुंचना पडग़ा। जिसमे समय भी अधिक लगेगा, वहीं ईंधन भी अधिक खर्च होगा।

इनका कहना है-
मार्ग पर वन विभाग का अतिक्रमण है, जिससे रेलवे की भूमि से आवागमन करना पड़ रहा है। रेलवे अपनी भूमि से आवागमन पर रोक लगाता है तो मार्ग पूरी तरह बंद हो जाएगा। मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है।
विद्याबाई झंवरसिंह, सरपंच, पोखरनी

मार्ग पर वन विभाग का अतिक्रमण होने संबंधित ग्राम पंचायत का आवेदन प्राप्त हुआ है। वन विभाग एसडीओ को जांच कर प्रतिवेदन दिए जाने के निर्देश दिए है।
वीपी यादव, एसडीएम खिरकिया

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