तिनका-तिनका जोड़कर बनाया था आशियाना, पलक झपकते ही उजड़ गया

सर्वे टीम को अपनी व्यथा बता रहे बाढ़ पीडि़त

By: gurudatt rajvaidya

Published: 07 Sep 2020, 08:03 AM IST

हंडिया. नर्मदा में आई बाढ़ से गावं के करीब एक दर्जन परिवार बेघर हो गए है। बाढ़ का सर्वे करने पहुंचे पटवारी सुभाष मसकोले, सरपंच प्रतिनिधि प्रवीण वर्मा एवं टीम को ग्रामीण प्रकाश कसेरा, देवीसिंह भिलाला, सुगनसिंह ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि तिनका-तिनका जोड़ के २० साल में जैसे तैसे मकान खड़ा किया था। जो अचानक नर्मदा में आई भीषण बाढ़ से पलक झपकते ही ढह गया। गांव की संजनाबाई, सुगनसिंह, देवीसिंह, प्रकाश कसेरा ने टीम को बताया कि उनका पूरा मकान बाढ़ के चलते पूरी तरह से टूट कर जमीन पर गिर गया है। इससे बर्तन, कपड़े एवं इलेक्ट्रॉनिक सामान दीवार में दब जाने से पूरी तरह से नष्ट हो गए है। इसके अलावा गांव में करीब आधा दर्जन मकान आधे से अधिक ढह गए है। मकानों का शेष बचा हिस्सा भी जर्जर हालत में हैं। जो कभी भी गिर सकता है। इससे हादसा हो सकता है।
बीपीएल कार्ड होने पर भी नहीं मिला आवास योजना का लाभ -
गांव के प्रकाश कसेरा का मकान गिरने की जानकारी मिलने पर सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य गिरीश गंगोले उन्हें एवं उनके परिवार को स्कूल के एक कक्ष में ठहराया है। देवीसिंह एवं सुगनसिंह को ग्राम पंचायत भवन के कक्ष रहने की व्यवस्था की गई है। देवीसिंह, सुगन सिंह एवं प्रकाश ने बताया कि उन्हें आज तक प्रधानमंत्री सहित किसी भी आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। जबकि उनके पास गरीबी रेखा का कार्ड भी है। बावजूद उन्हें शासन की आवास योजना से वंचित रखा गया है। यदि हमें प्रधानमंत्री आवास योजना लाभ नहीं मिला तो उनके परिवार के फुटपाथ पर आने की नौबत आ जाएगी।

gurudatt rajvaidya Bureau Incharge
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