डैम से तवा बांयी तट नहर के गेट किए बंद

टेल क्षेत्र के कई किसानों को नहीं मिला तीसरा पानी; पर्याप्त पानी नहीं मिलने से गेहूं की पैदावर पर पड़ेगा असर

By: gurudatt rajvaidya

Published: 10 Feb 2018, 11:53 AM IST

टिमरनी. किसानों के खेतों में अभी तीसरा पानी भी पूरा नहीं हुआ और जल संसाधन विभाग ने गुरूवार को दोपहर 12 बजे तवा डेम से तवा बांयी तट नहर के गेट बंद कर दिए। इससे टेल क्षेत्र के कई किसानों को सिंचाई के लिए तीसरा पानी नहीं मिल सकेगा। जबकि अधिकांश क्षेत्रों नहरों में सिंचाई कार्य पूर्ण हो चुका है। यहां नहरों के सीपेज के पानी से स्टाप डेम, नदी नाले एवं तालाब में पानी भरा जा रहा है। ताकि आगामी दिनों में जल संकट से निजात पा सकें। आगामी एक दो दिनों में बहुत कम मात्रा में नहरों में पानी चल पाएगा।
अभी तवा डेम में है पर्याप्त पानी -
वर्तमान में तवा डेम में पानी का लेवल 1110 फिट है । गेट लेवल से ऊपर 82 एमसीएम पानी बचा है । यह पानी 2016 में मूंग फसल में दिए गए पानी का 40 प्रतिशत है । डेम में 367 एमसीएम पानी डेड स्टोरेज का है। इस प्रकार कुल मिलाकर वर्तमान में तवा डेम में 449 एमसीएम पानी है । जो बड़े से बड़े पेयजल संकट के लिए पर्याप्त है।
टेल क्षेत्र के किसानों की पैदावर पर पड़ेगा असर -
विकासखंड में टेल क्षेत्र के कई किसानों का दूसरा एवं तीसरा पानी नहीं मिला है। जिसके चलते गेहंू की फसल के उत्पादन पर असर पड़ेगा। हेड क्षेत्र के किसानों ने तीसरा पानी भी दे दिया है। जल उपभोक्ता संथा रूदलाय के उपाध्यस संतोष पटेल ने बताया कि रूदलाय के किसान रविशंकर राठौर, गाग्याखेडी के किसान जयनारायण सहित अन्य किसानों को सिंचाई के लिए दूसरा पानी नहीं मिला है। जिसके चलते फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। वहीं पैदावर भी 8 से 9 गुना ही हो पाएगी।
१०० दिनों तक चला नहर का पानी-
बाजनिया जल उपभोक्ता संथा के अध्यक्ष दीपचंद्र नावाद ने बताया कि पहले सिंचाई विभाग का कहना था कि किसानों को 65 दिन पानी दिया जाएगा। फिर 5 अक्टूबर 2017 की बैठक में सिंचाई विभाग का कहना था कि 90 दिन से ज्यादा पानी नहीं चल पाएगा। जबकि इस बैठक में संथा अध्यक्ष दीपचंद नवाद ने दावा किया था कि वर्तमान में उपलब्ध पानी 100 दिन से ऊपर चलेगा और चला भी।
सिवनी मालवा व इटारसी को मिला अधिक पानी-
नावाउ का कहना है कि सिवनी मालवा एवं इटारसी संभाग द्वारा अपने हक से बहुत अधिक मात्रा में पानी लिया । यदि हरदा जिले को पूरा पानी मिलता तो अभी 10 दिन नहरें और भी चल जाती। हंडिया शाखा नहर संभाग टिमरनी के साथ पानी बंटवारे में हमेशा हुआ पक्षपात है। जिले में 6 फरवरी को 1052 क्यूसेक की जगह 548 क्यूसेक 7 फरवरी को 203 क्यूसेक एवं ८ फरवरी को 1052 की बजाय 128 क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया।
52663 हेक्टेयर है सिंचित रकबा-
टिमरनी संभाग डिवीजन का कुल सिंचित रकबा 52663 हेक्टेयर है। जिसमें हरदा सब डिवीजन 12900 हेक्टेयर, अजनई सब डिवीजन 16054 हेक्टेयर, गुरदिया सब डिवीजन11535 हेक्टेयर एवं पचोला सब डिवीजन12174 हेक्टेयर है शामिल है।
इनका कहना है-
नहर में १० फरवरी तक पानी चलने का अनुमान था। लेकिन इससे पहले ही लेवल कम हो गया। ऐसे में पानी कैसे पहुंचेगा।
अरविन्द काशिव , उपयंत्री, नहर विभाग, टिमरनी

gurudatt rajvaidya Bureau Incharge
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