भुगतान नहीं होने से हम्मालों की हड़ताल, तौल कांटे बंद होने से धान खरीदी हुई बंद

हम्मालों को एक महीने का लगभग 5 लाख रुपए का होना है भुगतान, नाफेड ने नहीं दिया पैसा

By: sanjeev dubey

Published: 06 Jan 2020, 11:36 PM IST

इटारसी. रैसलपुर सोसाइटी केंद्र पर सोमवार को हम्मालों ने हड़ताल कर दी। हम्मालों को नाफेड द्वारा लगभग पांच लाख रुपए के मजदूरी का भुगतान होना है। यह राशि अभी तक नहीं मिलने से हम्माल नाराज हो गए। हड़ताल से तौल कांटे बंद होने से खरीदी प्रभावित हुई।
रैसलपुर सोसाइटी द्वारा नाफेड के सहयोग से धान की खरीदी की जा रही है। शासन के निर्देश पर दो दिसंबर से धान खरीदी शुरू की गई। नियमानुसार हर सप्ताह को मजदूरों को धान तौलाई का भुगतान करना चाहिए। हमालों ने जब सोसाइटी संचालक से भुगतान मांगा, तो सोसाइटी ने नाफेड से राशि मिलने पर ही भुगतान देने की कही। सोसाइटी ने इस संबंध में कई बार नाफेड को पत्र लिखा, लेकिन मजदूरों का भुगतान नहीं मिला।

मजदूरों में आक्रोश, तौल कांटे किए बंद
लगातार एक महीने से भुगतान नहीं मिलने से परेशान मजदूरों ने सोमवार को सुबह से तौल कांटे बंद करवा दिए और पैसा मिलने पर ही तौलाई शुरू करने का निर्णय लिया। इसके कारण धान की तौलाई नहीं हो पाई। अंत में राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के जिला अध्यक्ष हरपाल सिंह ने कलेक्टर सत्येद्र सिंह से फोन पर चर्चा कर नाफेड से भुगतान दिलाने का अनुरोध किया।

आज भी नहीं होगी तौलाई
हरपाल ने बताया कि कलेक्टर ने जल्दी ही भुगतान दिलाने का आश्वासन दिया है। फिलहाल मंगलवार को तौलाई होने की संभावना भी कम है। हरपाल ने बताया कि जब तक मजदूरों का भुगतान नहीं मिलेगा, तब तक तौल कांटे शुरू नहीं होने देंगे।

पांच लाख रुपए का है बकाया
किसान नेता हरपाल ने दावा किया कि पिछले दो दिसंबर से 6 जनवरी तक का लगभग पांच लाख रुपए का भुगतान मजदूरों को करना है। भुगतान के लिए सोसाइटी को नाफेड को पैसे देने चाहिए था, जोकि नहीं दिया है। जबकि मजदूरों को पैसा नहीं मिलने से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।

एक लाख क्विंटल की हो चुकी खरीदी
बताया जाता है कि सोसाइटी द्वारा अभी तक एक महीने में लगभग एक लाख क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। फिलहाल रोजाना लगभग 1500 से 2000 क्विंटल धान की आवक हो रही है। तौलाई के लिए लगभग 100 से अधिक मजदूर लगे हैं। सोसाइटी ने लगभग पांच बड़े कांटे तौलाई के लिए लगा रखे हैं।

वर्जन

मैं धान लेकर सोसाइटी में पहुंचा। वहां मैंने ट्रैक्टर खाली भी कर दी है, लेकिन मजदूरों ने मजदूरी का भुगतान न होने पर तौलाई नहीं की गई।
- राजेंद्र मालवीय, किसान पिपरियाकलां, इटारसी।

मजदूरों को भुगतान की राशि नाफेड से मिलनी है। राशि नहीं मिलने से मजदूर सोमवार से हड़ताल पर चले गए हैं। इस वजह से तौलाई नहीं हुई है, जिससे किसानों को परेशानी हुई।
- भूपेंद्र दुबे, संचालक, रेसलपुर सोसाइटी।

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