ऐसे में कैसे होगा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन

मंडी परिसर में समर्थन मूल्य पर चना खरीदी के लिए हो रहा दो उपार्जन केन्द्रों का संचालन
मंडी में रोकी जा रही किसानों की उपज, लेकिन समर्थन मूल्य केन्द्र पर लग रही भीड़
कलेक्टर ने पूर्व हटवाए थे मंडी से गेहूं उपार्जन केन्द्र

By: gurudatt rajvaidya

Updated: 16 May 2020, 10:32 AM IST

खिरकिया. कहने को तो कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए नगर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जा रहा है। भीड़भाड़ कम रहे इसके लिए निर्धारित समय तक बाजार खोला जा रहा है। लेकिन शहर के मध्य एवं मुख्य बाजार क्षेत्र में स्थित कृषि उपज मंडी में दो समितियों द्वारा समर्थन मूल्य पर चने की खरीदी की जा रही है। जबकि पूर्व में कलेक्टर द्वारा मंडी में हो रही समर्थन मूल्य पर खरीदी पर नाराजगी जताते हुए उपार्जन केन्द्रों को नगर से बाहर किया था। बावजूद इसके अब चना खरीदी मंडी परिसर में शुरू कर दी गई है। इससे कलेक्टर के आदेश की अवहेलना भी हो रही है। मंडी परिसर में भीड़ बढऩे से सोशल डिस्टेंसिंग व लॉकडाउन का पालन भी नहीं हो पा रहा है।

तीन में से दो समितियां मंडी में कर रही खरीदी-
तहसील अंतर्गत सेवा सहकारी समिति बारंगा, मोरगढ़ी एवं चौकड़ी द्वारा उपज क्रय की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र की सेवा सहकारी समिति चौकड़ी एवं मोरगढ़ी द्वारा उपार्जन केन्द्र मंडी में बनाया गया है। जबकि बारंगा समिति द्वारा सक्तापुर वेयरहाउस में खरीदी की जा रही है। जहां पूर्व से गेहूं खरीदी केन्द्र भी संचालित है। पहले ही निर्धारित संख्या में समितियों को चना खरीदी का कार्य दिया गया है। इससे एक केन्द्र पर हजारों किसान है। ऐसी स्थिति में एक ही परिसर में दो समितियों द्वारा खरीदी करने से बड़ी संख्या में किसानों की भीड़ लग रही है।

कोरोना संक्रमण की रोकथाम में हो सकती है चूक-
कोरोना के संक्रमण को देखते हुए यह पूर्व से निर्धारित है कि मंडी में व्यापारियों के नीलामी के अलावा समर्थन मूल्य पर खरीदी कार्य नहीं होगा। बावजूद इसके मंडी परिसर में केन्द्र का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा व्यापारियों द्वारा भी मंडी में खरीदी की जा रही है। पूर्व में 500 ट्रालियां तक मंडी में प्रतिदिन पहुंचती थी, लेकिन सोशल डिस्टेसिंग के चलते मंडी द्वारा भी 150 ट्रालियां ही प्रतिदिन बुलाई जा रही हंै। भीड़ से बचने से लिए किसानों की उपज रोकी जा रही है। जबकि समर्थन मूल्य पर चना खरीदी कार्य भी मंडी परिसर में शुरू कर दिया। मंडी प्रबंधन द्वारा टोकन के माध्यम से किसानों के उपज की नीलामी कराई जा रही है। जबकि समर्थन मूल्य पर मंडी परिसर में ही खरीदी होने से परेशानी बढ़ गई है। यह कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम में बड़ी चूक हो सकती थी।

कलेक्टर ने लताड़ लगाकर हटवाए थे केन्द्र-
समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए छीपाबड़ समिति द्वारा दो केन्द्र मंडी परिसर में संचालित किए जा रहे थे। जिस पर 18 अप्रेल को मंडी में निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर अनुराग वर्मा ने नाराजगी जताते हुए समिति को लताड़ लगाई थी। शहर के बाहर खुले स्थान पर लगाने केन्द्र संचालित कर खरीदी करने के निर्देश देते हुए तत्काल केन्द्रों को हटवाया था। लेकिन अब यहां समर्थन मूल्य पर दो समितियों द्वारा चना खरीदी की जा रही है। इनका कहना है-
सोशल डिस्टेंसिंग की व्यवस्था बनाने के लिए मंडी द्वारा प्रतिदिन 150 ट्रालियां ही बुलाई जा रही हंै। मंडी में समर्थन मूल्य पर चना खरीदी के दो केन्द्र संचालित हो रहे हैं। समिति वाले कहते है कि सहकारिता विभाग का आदेश है। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारी ही कुछ बता सकते हंै।
केडी अग्निहोत्री, सचिव, कृषि उपज मंडी खिरकिया

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