बड़े ने छोटे भाई को किडनी दान देकर बचाई जान

विधायक एवं सांसद की पहल पर पीडि़त को मिलेंगे दो-दो लाख की मदद

By: sanjeev dubey

Published: 19 Jan 2019, 07:00 AM IST

खिरकिया. वर्तमान समय में जमीन जायदाद को लेकर भाई-भाई का नहीं होता है। जमीन के टुकडों को लेकर विवाद हो जाते हंै, वहीं एक भाई ने दूसरे भी में अपने शरीर का अंग देकर अनुकरणीय कार्य किया है। राम एवं भरत एक आदर्श उदाहरण से कम नहीं। नगर के भजनलाल विश्नोई ने अपने भाई दीपक विश्नोई को किडनी दान की। छोटे भाई दीपक विश्नोई की दोनों किडनी सिकुडऩे के कारण काम करना बंद कर दी थी। पिछले 2 सालों से दीपक क्रोनिक किडनी डीसीज नामक बीमारी से जूझ रहा था। किडनी सिकुड़ जाने के कारण पहले माह में एक बार डायलिसिस करवाना होता था। जिस पर ही दीपक का जीवन टिका हुआ था, लेकिन पिछले 8 महीनों से सप्ताह में 3 बार डायलिसिस कराना होता था। ऐसी स्थिति में खर्च भी बढ़ता जा रहा था और सेहत में भी सुधार नहीं था। अपने छोटे भाई के जीवन की चिंता लेकर बड़े भाई भजनलाल ने बड़प्पन दिखाकर अपने स्वास्थ्य की फ्रिकन करते हुए किडनी दीपक को देने के लिए तैयार हो गए।उन्होंने चिकित्सकों से मिलकर किडनी ट्रांसप्लांट करने की बात कही, जिसके बाद गुजरात के मूलजीभाई यूरोलॉजिकल हॉस्पिटल में 15 जनवरी को उन्होंने अपने भाई को किडनी दे दी, जिसका ट्रांसप्लांट सफल रहा।

लोगों को भी दिया भाइयों ने संदेश
३० वर्षीय दीपक वैवाहिक है। उनकी 5 और 3 वर्ष की दो बेटियां हैं। किंतु कम उम्र में ही दीपक की किडनी खराब हो गई। जिस पर उनके बड़े भाई उनके लिए जीवनदान बने। भजनलाल छोटे भाई से उम्र में 4 वर्ष बड़े हैं।उन्होंने न सिर्फ किडनी दान कर अपने बड़े होने की जिम्मेदारी उठाई बल्कि संदेश भी दिया कि अगर दो भाइयों के बीच प्रेम, लगाव यदि सच्चा हो तो मौत के मुंह से भी खींचकर ला सकते हंै। उल्लेखनीय हैकि मुख्यमंत्री सहायता कोष से विधायक एवं पूर्व राजस्व मंत्री कमल पटेल के प्रयास से दो लाख की राशि स्वीकृत हो चुकी है। वहीं सासंद ज्योति धुर्वे द्वारा प्रधानमंत्री सहायता कोष से भी दो लाख रुपए की मंजूरी की प्रक्रिया पूर्णकी जा चुकी है।

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