आकाशीय बिजली से जान का खतरा, सतर्कता से बचाई जा सकती है जान

मजदूरों व किसानों के होते है अधिक मामले
प्रशासन कर रहा लोगों को जागरूक

By: gurudatt rajvaidya

Published: 29 Jun 2020, 08:02 AM IST

खिरकिया. बादल की गर्जना और बारिश के साथ कड़कती बिजली आमजन को बैचेन कर देती है। वर्तमान में मानसून ने क्षेत्र में दस्तक दे दी है। इस दौरान अक्सर बादलों में बिजली चमकती है, और जमीन पर गिरती है। इसकी चपेट में पेड़ पौधे, मवेशी एवं यहां तक कि मनुष्य भी आ जाते है। उनकी जीवनलीला समाप्त हो जाती है। विगत वर्षों में बारिश के दौरान आकाशीय बिजली से क्षेत्र में कई लोगों की मौत हो चुकी है। बारिश में किसान खेतों में जाने से डरते है। बिजली गिरने का कोई अनुमान नहीं होता है। इसके बचाव की जानकारी से अप्रिय स्थिति से बचा जा सकता है। जानकारी के मुताबिक देश में प्रतिवर्ष 2 हजार से अधिक लोग आकाशीय बिजली का शिकार हो जाते हैं। इसमें सबसे अधिक किसान और मजदूर शामिल है।
आखिर क्यों गिरती है बिजली-
आकाशीय बिजली क्यों गिरती है, कैसे गिरती है। यह जान लेना आवश्यक है। आसमान में बादलों का हवा के वेग से एक दूसरे से विरोधी दिशा में जाते हुए टकराना व इससे घर्षण उत्पन्न होना। घर्षण से विद्युत पैदा होती है और पृथ्वी पर पहुंचती है। इस विद्युतीय प्रवाह को बिजली का स्टैप्ड लीडर कहा जाता है। इसे देखा जा सकता है। मानव का शरीर विद्युत का अच्छा संवाहक होता है, इसलिए हमारा शरीर आसमानी बिजली के प्रवाह को स्वीकार कर लेता है। इसे बिजली गिरना कहते हैं। यह मनुष्य के सिर, गले और कंधों को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है। दोपहर के वक्त इसके गिरने की संभावना अधिक होती है। आकाशीय बिजली के गिरने से लोगों के साथ ही पशु-पक्षियों की मौत हो जाती है। हरे पेड़ गिर जाते हैं।
तहसीलदार ने जारी किया वीडियो संदेश-
आकाशीय बिजली से बचाव के कई उपाय है। इसके लिए प्रशासन आमजन को जागरूक कर रहा है। खेत में कार्य करने के दौरान किसान पेड़ो के नीचे खड़े होते है, ,इससे किसानो को बचना चाहिए, क्योकि सबसे अधिक बिजली पेड़ो पर ही गिरती है। आकाशीय बिजली से बचाव के लिए तहसीलदार अलका एक्का ने आम जनता के लिए वीडियो संदेश वायरल किया है। इस वीडियो में लोगों को इससे बचने के उपाय बताए गए हैं। इसमें बताया कि बादलों के गरजने के समय घर के अंदर ही रहें। बिजली पैदा करने वाली चीजों रेडिएटर, धातु के पाइप, स्टोव इत्यादि से दूर रहें। पेड़ के नीचे या खुले मैदान में जाने से बचें। अगर आप खुले मैदान में हैं तो जल्द ही किसी बिल्डिंग में जाकर खड़े हो जाएं। बिजली कड़कने या चमकने के दौरान मोबाइल का उपयोग नहीं करें। जहां तक हो इससे दूर रहें। आसमान के नीचे हैं,तो अपने हाथों को कानों पर रख लें, ताकि बिजली की तेज आवाज से कान के पर्दे न फटें। अपनी दोनों एडिय़ों को जोड़कर जमीन पर पर उकड़ू बैठ जाएं। एक दूसरे का हाथ पकड़कर बिल्कुल न रहें, बल्कि एक दूसरे से दूरी बनाकर रखें। छतरी या सरिया जैसी कोई चीज हैं तो अपने से दूर रखें, ऐसी चीजों पर बिजली गिरने की आशंका सबसे ज्यादा होती है।
इनका कहना है-
बारिश के मौसम में बिजली गिरने की संभावना अधिक होती है। इससे बचाव संभव है। लोगों को बचाव के उपाय के बारे में पता होना चाहिए। आमजन को आकाशीय बिजली से सुरक्षा को लेकर जागरूक किया जा रहा हैै।
अलका एक्का, तहसीलदार, खिरकिया

gurudatt rajvaidya Bureau Incharge
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