जमीन विवाद में हत्या करने वाले चार आरोपियों को आजीवन कारावास

gurudatt rajvaidya

Publish: Sep, 16 2017 07:05:51 (IST)

Harda, Madhya Pradesh, India
जमीन विवाद में हत्या करने वाले चार आरोपियों को आजीवन कारावास

जिला एवं सत्र न्यायाधीश शशिकला चंद्रा ने सुनाया फैसला

हरदा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश शशिकला चंद्रा ने हत्या के प्रकरण में फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपियों पर 5-5 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। छीपावड़ थाना क्षेत्र के पोखरनी में 23 अक्टूबर 2015 को जमीन विवाद में हत्या हुई थी।
लोक अभियोजक आलोक गोयल ने बताया कि 23 अक्टूबर 2915 की सुबह 8.30 बजे गोवर्धन उसका पुत्र शुभम एवं भाई का पुत्र मंगल घर के सामने बैठे थे। आरोपियों ने जमीनी विवाद को लेकर उनसे एक दिन पहले भी गालीगलौज व झगड़ा किया। घटना वाले दिन सुबह पहले आरोपी केदार सिंह ने आकर गालीगलौज की। गोवर्धन और उसके पुत्र ने गाली देने से मना किया तभी लखन सिंह एक लट्ठ लेकर आया और उसने गोवर्धन के सिर पर तथा शुभम के कंधे पर मारा। तभी वहां आरोपी धीरज आ गया और गालियां देने लगा। उसी समय आरोपी तेजू उर्फ शरद राजपूत ने आकर आरोपी धीरज को एक
रिवाल्वर दी जिससे धीरज ने गोवर्धन को गोली मार दी। गोवर्धन वहीं गिर गया। आसपास के लोग वहां पहुंचे तो चारो आरोपी वहां से भाग लिए। गोवर्धन की घटना स्थल पर ही मृत्यु हो गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। गोयल ने बताया कि न्यायालय द्वारा निर्णय मे मृतक के पुत्र शुभम एवं भाई के पुत्र मंगल के कथनों पर विश्वास करते हुए एवं सरकारी वकील द्वारा प्रस्तुत न्यायसिद्वांतों को आधार बनाते हुए आरोपी धीरज पिता केदार सिंह राजपूत को भादंवि की धारा-302 के आरोप मे आजीवन कारावास एवं 5 हजार रुपए के अर्थदंड तथा धारा-25 व 27 आम्र्स एक्ट में तीन-तीन वर्ष का कारावास तथा 1-1 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। आरोपी केदार सिंह पिता प्रहलाद सिंह, लखन पिता भागवत सिंह व तेजू उर्फ शरद राजपूत को गोवर्धन पिता रामसिंह राजपूत की हत्या करने में आरोपी धीरज का साथ देने के आरोप में भादंवि की धारा-302/34 आजीवन कारावास एवं 5-5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। आरोपी धीरज घटना के समय से ही जेल मे है, उसकी जमानत उच्च न्यायालय द्वारा भी निरस्त की गई है। विवेचना मे जब्तशुदा पिस्टल एवं मौके पर मिला जिन्दा कारतूस की बेलेस्टिक एवं एफ.एसएल जांच कराई गई। यह भी अपराध प्रमाणित करने मे सहयोगी रही।
ताले तोडक़र चोरी करने वाले आरोपियों को तीन-तीन साल का कारावास
हरदा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश शशिकला चन्द्रा द्वारा आरोपी श्याम पिता सुखराम कहार तथा राजेन्द्र उर्फ डेनी बछानिया दोनों निवासी खिरकिया को भादंवि की धारा-380 दोष सिद्ध पाकर तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं भादंवि की धारा-457 के आरोप में तीन-तीन वर्ष के कारावास एवं भादंवि की धारा-436 के आरोप में एक एक वर्ष के कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया गया। लोक अभियोजक आलोक गोयल ने बताया कि 23 अप्रैल 2015 को आरोपियों द्वारा आनंद नगर खिरकिया में दुर्गाप्रसाद गौर के निवास पर रात में मकान के शटर के ताले तोडक़र घर से सिलाई मशीन, एलईडी एवं सोने व चांदी के जेवरात व नगदी 11000 रुपए चुराए गए थे। वारदात के समय गौर बालागांव शादी में गए थे। आरोपियों ने बिस्तर में आग लगाकर नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने आरोपियों को पकडक़र उनसे पूछताछ की और चोरी गया सामान जब्त किया था। न्यायालय द्वारा साक्ष्य के आधार पर आरोपियो को दोष सिद्ध पाते हुए कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया।

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