अपने विभाग को जिला संयोजक नहीं दे सके प्रभारी मंत्री लालसिंह आर्य

इंदौर से बैतूल जाने के दौरान कुछ देर रुके प्रभारी मंत्री लालसिंह आर्य इस बार भी आश्वासन ही दे पाए।

By: sandeep nayak

Published: 26 Jan 2018, 02:04 PM IST

हरदा। नेताओं के आश्वासन कितने विश्वसनीय रहते हैं यह जिले के प्रभारी मंत्री की कार्यप्रणाली को देखकर जाना जा सकता है। इंदौर से बैतूल जाने के दौरान कुछ देर के लिए यहां रुके प्रभारी मंत्री लालसिंह आर्य इस बार भी आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक की पदस्थापना को लेकर पिछली बार की तरह सिर्फ आश्वासन ही दे पाए। जबकि वे इस विभाग के ही मंत्री हंै।
दरअसल जिले में आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक का पद सितंबर 2016 से रिक्त है। यह पदभार प्रशासनिक अधिकारियों के पास रहता है। फिलहाल यह प्रभार संयुक्त कलेक्टर प्रियंका गोयल के पास है। प्रशासनिक अधिकारियों की व्यस्तता के कारण वे विभागीय योजनाओं के अमल पर पूरी तरह ध्यान नहीं दे पाते। लिहाजा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व पिछड़ा वर्ग के लोगों के लिए शासन की ओर से लागू विकास योजनाएं सहित अन्य व्यवस्थागत कामकाज की गति खासी धीमी रहती है। प्रभारी मंत्री जब पिछली मर्तबा यहां आए थे तब उन्होंने जिला संयोजक का पद जल्द ही भरने का आश्वासन दिया था। गुरुवार को आयोजित बैठक में भी जनप्रतिनिधियों और अफसरों द्वारा इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया गया। इस पर प्रभारी मंत्री ने फिर एक बार आश्वासन ही दिया।
भाजपा पदाधिकारियों से मुलाकात की : विश्राम गृह में प्रभारी मंत्री से भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी मुलाकात की। इस दौरान आर्य ने संगठन की विभिन्न गतिविधियों पर चर्चा की।

पुल के जीर्णोद्धार का मुद्दा उठाया
बैठक में टिमरनी विधायक संजय शाह ने रोलगांव में माचक नदी के पुल के जीर्णोद्धार का मुद्दा उठाया। लंबे समय से क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पर लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री केएन प्रजापति ने आश्वासन दिया कि जून तक यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा की सेतु निगम के अधिकारियों से इस बारे में चर्चा की गई थी।

50 लाख रुपए से अधिक के निर्माण कार्यो की समीक्षा
प्रभारी मंत्री आर्य ने बैठक में 50 लाख रूपए से अधिक के विभिन्न विभागों के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान विधायक संजय शाह, पूर्व मंत्री कमल पटेल, कलेक्टर अनय द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह, जिला पंचायत सीईओ केडी त्रिपाठी, अपर कलेक्टर बाबूलाल कोचले एवं विभिन्न विभागों के अधीकारी उपस्थित थे। समीक्षा बैठक में श्री आर्य ने जिले में जारी लोक निर्माण विभाग के 30, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के 3, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क के 36 , जल संसाधन विभाग के 7, विद्युत वितरण कंपनी के 8 , जनजातिय कार्य विभाग के 6 तथा नगरीय निकायों के 55 निर्माण कार्यों के बारे में विस्तार से पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने कहा है कि निर्माण कार्य समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने काम कब पूरा होना था, नहीं किया गया तो ठेकेदार के खिलाफ क्या कार्यवाही की गई आदि की भी पड़ताल की। उन्होंने कहा कि फंड की कोई दिक्कत हो तो बताएं। यह भी ध्यान रखा जाए कि काम के हिसाब से भुगतान हो रहा है कि नहीं।

sandeep nayak Desk/Reporting
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