विवाद में किसानों ने मंडी के सहायक समिति प्रबंधक को डंडों से पीटा

किसानों ने भी किया हंगामा, पुलिस ने दर्ज किया मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला

By: sanjeev dubey

Published: 16 May 2018, 01:59 PM IST

हरदा. कृषि उपज मंडी में सोमवार को डेढ़ क्विंटल कम चने के विवाद में किसान और उसके भाई सहित एक अन्य युवक ने केंद्र के सहायक समिति प्रबंधक पर हमला कर दिया। उसे बेस बाल के डंडों से पीटा। इसके विरोध में मंगलवार को समिति के कर्मचारियों ने पांच घंटे तक खरीदी नहीं की, इस पर किसान भी अक्रोशित हो गए और कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रशासन के दखल और पुलिस बल तैनात करने के बाद दोपहर दो बजे से पुना तुलाई शुरू हो सकी। पुलिस ने मारपीट करने वाले दोनों भाई और उसके अन्य साथी के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, मारपीट एवं गालीगलौच कर जान से मारने की धमकी देने का प्रकरण दर्ज किया है।

कट्टियों की संख्या को लेकर विवाद
सेवा सहकारी समिति नीमगांव के सहायक समिति प्रबंधक फरियादी सुरेशचंद्र विश्नोई ने बताया कि कृषि उपज मंडी के शेड एक में चना खरीदी उपार्जन केंद्र में सोमवार शाम को 6 बजे राहुल जाट निवासी गांव देवास अपने भाई धर्मेंद्र के नाम से चना बेचने के लिए आया था। उससे १०७ कट्टी चना 50-50 किलो ग्राम की खरीदी की गई थी और खरीदी का पंचनामा बनाया था, लेकिन राहुल ने कहा कि मेरी ११० कट्टी चना है। इस पर उन्होंने राहुल को खुद गिनने के लिए कहा। किंतु राहुल ने विवाद करते हुए धमकी देकर चला गया था। बाद में रात्रि 8 बजे लाल रंग की शिफ्ट कार से राहुल अपने भाई धर्मेद्र और राहुल पुनिया को लेकर आया। तीनों के हाथों में बेस बाल वाले डंडे थे। तीनों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। मौके पर उपस्थित सुभाष विश्नोई एवं एक अन्य बचाने लगे तो उनसे भी मारपीट करते हुए चोंटे पहुंचाई। सुभाष की पीठ पर गंभीर चोंटे आईं। घटना पर रोष जताते समिति सदस्यों ने तुलाई कार्य बंद कर दिया और थाने आ गए। फरियादी सुरेशचंद्र की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी राहुल जाट, धर्मेंद्र जाट, राहुल पुनिया के खिलाफधारा ३५३, ३३२, २९४, ५०६, ३४ का मामला दर्जकिया।

किसानों ने नारेबाजी की तो बाहर किया
उपार्जन केंद्र पर मारपीटकी घटना के बाद समिति सदस्यों ने खरीदी कार्यबंद कर दिया था। ट्रैक्टर ट्राली लेकर आए किसानों को जब नीलामी नहीं होने की जानकारी मिली तो वे आक्रोशित हो गए। मंडी में एकत्रित होकर किसान कलेक्ट्रेट में चल रही जन सुनवाईमें एसडीएम से शिकायत करने पहुंचे। किसानों द्वारा नारेबाजी की जाने लगी तो अधिकारियों ने उन्हें पुलिस कर्मियों के माध्यम से कार्यालय के अंदर से बाहर किया। काफी देर तक किसान कलेक्ट्रेट के गेट पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करते हुए। जिस पर एसडीएम ने आकर उन्हें 1 बजे के बाद उपज की तुलाई शुरू कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसान वापस मंडी लौट गए।

आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अड़े कर्मचारी
मप्र सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार तिवारी ने कर्मचारियों के साथ पुलिस अधीक्षक से मिलने के लिए गए। उन्होंने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। तिवारी ने कहा कि समर्थन मूल्य पर कृषि उपज मंडियों में उपार्जन केंद्रों पर चना की खरीदी की जा रही है। केंद्रों पर आए दिन किसानों द्वारा समिति के कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार किया जाता है।गत दिवस नीमगांव समिति के सहायक प्रबंधक के साथ हुई घटना इसका उदाहरण है। उन्होंने कलेक्टर एवं एसपी से जिले के समस्त उपार्जन केंद्रों पर सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था करने की मांग की। साथ ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का अनुरोध किया।

आश्वासन के बाद नहीं पहुंचे पुलिसकर्मी
महासंघ द्वारा कलेक्टर एवं एसपी से सुरक्षा मांग की गईथी। जिस पर अधिकारियों ने एक चार की गार्ड भेजने का आश्वासन दिया था, लेकिन शाम तक कोई भी पुलिसकर्मी नहीं पहुंचा। समिति के सदस्यों ने किसानों की समस्या को देखते हुए दोपहर 2 बजे से तुलाईकार्यशुरू कर दिया था।

इनका कहना है
कृषि मंडी में स्थित सेवा सहकारी समिति नीमगांव चना उपार्जन केंद्र पर तीन लोगों ने सहायक समिति प्रबंधक के साथ मारपीट की थी। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों के परिजनों द्वारा भी शिकायती आवेदन दिया है, जिसकी विवेचना की जा रही है। जांच के उपरांत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रमेंद्र कुमार, प्रभारी टीआई, हरदा

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