mp assembly elections 2019 इस विधानसभा में किसानों की नाराजगी विधायकों को पहुंचा सकती है नुकसान

mp assembly elections 2019 इस विधानसभा में किसानों की नाराजगी विधायकों को पहुंचा सकती है नुकसान

pradeep sahu | Publish: Sep, 03 2018 07:30:00 AM (IST) Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

भाजपा और कांग्रेस के प्रति फिलहाल है बराबरी का रवैया

हरदा. पिछले विधानसभा चुनाव में जिन मतदान केंद्रों पर भाजपा व कांग्रेस आगे रही थी वहां की स्थितियों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। लोगों की समस्याएं जस की तस हैं। विकास के नाम पर सड़क, छत-चबूतरा निर्माण व टैंकर वितरण और स्वेच्छानुदान से काम तो हुए। लेकि कोई भी बड़ी सौगात क्षेत्र को नहीं मिली। जिन बूथों पर दोनों दलों को कम वोट मिले थे, उन्हें साधने के विशेष प्रयास नहीं हुए।
हरदा विधानसभा क्षेत्र - पिछले चुनाव में विस क्षेत्र के बूथ नंबर 80, 161 व 226 पर भाजपा को बढ़त मिली थी। हरदा शहर के तहत आने वाला केंद्र क्रमांक 80 हाल ही में नगर सीमा में शामिल हुआ है। इसके पहले यहां के मतदाता जिपं सदस्य के रूप में भाजपा समर्थित प्रत्याशी को चुनते आए है। क्षेत्र की मतदाता गायत्री गार्गव, भागेश बनबेरू और लता के मुताबिक विकास कार्य हो रहे हैं और स्थिति पहले से ठीक है। वहीं मतदान केंद्र क्रमांक 161 सिरकंबा में है। यहां हर बार भाजपा ही जीतती आ रही है। फिर भी गांव में कुछ खास विकास नहीं हुआ, इसका ग्रामीणों को भी मलाल है। फिर भी भाजपा को उम्मीद है लोगों का रुझान नहीं बदलेगा। इसी तरह खिरकिया ग्रामीण के मतदान केंद्र क्रमांक 226 के लोग कांग्रेस की निष्क्रियता से खफा है। दूसरी ओर जिन बूथों पर कांग्रेस को बढ़त मिली उनमें इस बार स्थिति आंशिक बदल के संकेत मिल रहे हैं। बूथ क्रमांक 33 हंडिया का है। यह क्षेत्र शुरू से ही कांग्रेस के पक्ष में रहा है। इस बार भी कोई बदलाव के आसार नहीं दिख रहे है। बूथ क्रमांक 76 व 107 हरदा के शहरी क्षेत्र का है। मुस्लिम बाहुल्य दोनों मतदान केंद्र पर इस बार भी कांग्रेस को ही बढ़त मिलेगी। बूथ क्रमांक 134 रन्हाईकला का है। यह गांव पूर्व विधायक नन्हेलाल पटेल का पैतृक गांव है। गुर्जर बाहुल्य इस गांव में हमेशा ही कांग्रेस को लीड मिलती है। बूथ क्रमांक 237 खिरकिया के ग्रामीण क्षेत्र का है। यहां कांग्रेस की स्थिति हर बार मजबूत रहती है, लेकिन इस बार गुटबाजी का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
विधानसभा क्षेत्र टिमरनी - विधानसभा सीट पर कभी कांग्रेस तो कभी भाजपा का कब्जा रहा। भाजपा यहां लगातार दूसरा चुनाव जीत चुकी है। यहां के मतदान केंद्र क्रमांक 42 छिदगांव मेल का है। यहां भाजपा को कांग्रेस से कहीं अधिक वोट मिले थे। वहीं बूथ क्रमांक 46 टिमरनी नगर का है। यहां भी भाजपा को सबसे ज्यादा वोट मिले थे। हालांकि यहां कुछ खास काम तो नहीं हुए लेकिन मतदाताओं के रुझान में विशेष अंतर नहीं है। विधायक संजय शाह लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहते है और कांग्रेस गुटबाजी में उलझी है।

इनका कहना है....
विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की जीत को दोहराया जाएगा। जिन बूथों पर पार्टी आगे रही थी वहां विधायक के द्वारा विकास कार्य कराए गए। इस बार भी यहां कांग्रेस को बढ़त मिलेगी। पार्टी चुनावी तैयारी में जुट गई है। बूथ लेवल एजेंट बनाए हैं। पेज प्रभारी भी बनाएंगे।
लक्ष्मीनारायण पंवार, जिलाध्यक्ष कांग्रेस हरदा

पार्टी बूथ लेवल तक काम कर रही है। पेज प्रभारियों की नियुक्ति तक की गई है। पिछले चुनाव में जहां पार्टी को सबसे ज्यादा वोट मिले थे वहां विकास कार्य कराने के प्रयास किए गए थे। इस बार भी यहां पार्टी को बढ़त मिलेगी।
अमरसिंह मीणा, जिलाध्यक्ष भाजपा हरदा।

जनप्रतिनिधि पुराने वादे पूरा करते नहीं और चुनाव के समय फिर नए वादे करते हैं। हरदा जिला बहुत सम्पन्न है। यहां भूमि, पानी, सड़क, बिजली, मजदूर से लेकर शिक्षित युवा काम करने वाले सब मिल जाएंगे लेकिन इतने सालों में भी कोई कारखाने की नींव ना डलना बड़ा दुखदाई है।
- संजीव मूंदड़ा, व्यापारी, हरदा।

विगत पांच वर्ष में हमारा जिला विशेष उन्नति नहीं कर पाया है। दोनों दलों की आपसी गुटबाजी ने आमजन को आहत किया है। शासन की योजना के नाम से खुद शाबाशी लूट रहे है। जो विकास हुआ वो भष्टाचार की भेंट चढ़ गया और जो विकास होना था वो आपसी खींचतान मे उलझ गया।
- शैलेन्द्र जोशी, अधिवक्ता, हरदा

जनप्रतिनिधि केवल राजनीति करते हैं, जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। वे और बेहतर कर सकते थे, जो नही किया। जिले में रोजगार, स्वास्थ्य, कृषि में उम्मीद अनुसार विकास नहीं हुआ। प्रमुख समस्याएं पूर्व की तरह यथावत हैं। हालांकि पूर्व के जनप्रतिनिधियों की अपेक्षा दोनों विधायक सरल हैं।
संध्या वायबार, समाजसेवी, खिरकिया

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