लगातार बारिश से नदी-नाले उफने, नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान से 25 सेमी ऊपर

- शहर की निचली बस्तियों में बाढ़ का पानी भराया
- ग्रामीण क्षेत्रों के नदी-नालों में बाढ़ से आवागमन बाधित रहा

By: gurudatt rajvaidya

Published: 23 Aug 2020, 08:02 AM IST

हरदा। जिले में लगातार बारिश से समूचा भुआणा अंचल तरबतर हो गया है। शनिवार दिनभर रुक-रुककर बारिश होते रही। इस दौरान तेज हवा भी चली। तेज बारिश से प्रमुख नदियों में बाढ़ की स्थिति रही। अजनाल नदी में बाढ़ आने से शहर की निचली बस्तियों में पानी भरा गया। हालांकि इस दौरान बड़ा नुकसान नहीं हुआ। नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने के कारण होशंगाबाद-खंडवा स्टेट हाइवे पर शनिवार सुबह 9 बजे से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। दोपहर करीब साढ़े 3 बजे पुल से आवागमन शुरू हुआ। ग्रामीण अंचल में भी बारिश होने से नदी-नालों के रपटे और छोटे पुल जलमग्न रहे। इस दौरान वाहनों की आवाजाही थमी रही।
कॉलोनियों के खाली प्लॉटों में भराया बारिश का पानी
शहर के विकास नगर समेत कई कॉलोनियों में नालियां नहीं होने से बारिश का पानी खाली प्लॉटों में जमा हो गया। कई जगह तालाब की स्थिति बनी। सड़कों पर पानी बहने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।
24 घंटे में ३.९२ इंच औसत बारिश हुई
जिले में बीते 24 घंटे (शनिवार सुबह 8 बजे तक) 99.6 मिमी (३.९२ इंच) औसत बारिश हुई। इस अवधि में हरदा में 91.4 मिमी, टिमरनी में 124.2 मिमी व खिरकिया में 83.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। जिले में 1 जून से अब तक 837.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। गत वर्ष की इसी अवधि की औसत वर्षा 833.4 मिमी है। अधीक्षक भू-अभिलेख ने बताया कि अभी तक हरदा में 826.5 (गत वर्ष 842.8 मिमी), टिमरनी में 935.2 (गत वर्ष 985.8 मिमी) व खिरकिया में 750.1 मिमी (गत वर्ष 671.6 मिमी) वर्षा दर्ज की गई है। जिले की सामान्य वर्षा 1261.7 मिमी है।
नर्मदा का जल स्तर खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर
हंंडिया. बरगी एवं तवा डैम के गेट खोलने से नर्मदा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। केंद्रीय जल आयोग के प्रभारी जेई राधेश्याम सोलंकी ने बताया कि शनिवार को 24 घंटे में नर्मदा के जलस्तर में 5 मीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। शुक्रवार को नर्मदा का जलस्तर 266.650 था जो शनिवार को बढ़कर 271.250 हो गया है। हंडिया में नर्मदा खतरे के निशान 271 मीटर से 25 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। उन्होंने बताया कि शाम 4 बजे तक नर्मदा का जलस्तर 15 सेंटीमीटर प्रति घंटे बढ़ा है। शनिवार सुबह तवा डैम से छोड़ा गया पानी 24 घंटे के बाद हंडिया तक पहुंचता है। रविवार को जलस्तर में और बढ़ोत्तरी की संभावना है।
नर्मदा का रौद्र रूप देखने उमड़ी भीड़
नर्मदा का रौद्र रूप देखने के लिए शनिवार को नर्मदा पुल पर लोगों को खासी भीड़ लगी रही। कई लोग सेल्फी लेने में व्यस्त थे। पुल पर बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा लगने से बार-बार जाम की स्थिति बनती रही। लोगों ने न तो मास्क लगाया था और ना ही वे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे थे। इस दौरान पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना रहा।
निचली बस्तियों तक पहुंचा पानी
करताना. क्षेत्र में पिछले 24 घंटे से हो रही लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए। इससे आधा दर्जन गांवों का सड़क संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया। गोदड़ी नदी कल शाम से ही उफान पर है। नदी पर पडऩे वाला पुल 4 से 5 फीट पानी में डूब गया। इससे नयागांव, गोदड़ी, काथड़ी का आवागमन बंद हो गया। गोंदागांव गंगेश्वरी और तजपुरा के बीच पडऩे वाली गंजाल नदी का पुल डूब गया। तजपुरा में नदी का जलस्तर बढऩे से मिडिल एवं हाइस्कूल के बीच की पुलिया पानी में डूब गई। तजपुरा की निचली बस्ती वाली सड़कें भी पानी में डूबी रही।
हरदा-मगरधा मार्ग पर 15 घंटे बंद रहा आवागमन
बालागांव. क्षेत्र में गुरुवार-शुक्रवार रात को हुई तेज बारिश से नदी नाले उफान पर आ गए। स्थानीय बस स्टैंड के नजदीक पंचायत के निचली बस्ती तक पानी भरा गया। इससे ग्रामीणों को खासी दिक्कतोंं का सामना करना पड़ा। हरदा-मगरधा मुख्य मार्ग में बालागांव एवं कनारदा नदी पर बने पुल से 15 घंटे आवागमन बाधित रहा। ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर रैलिंग विहीन पुलिया से पार होते हुए नजर आए। दो दिन पूर्व भी राहगीर रस्सी बांधकर पुल पार करते नजर आए थे। प्रशासन द्वारा बारिश से पूर्व नदी नाले उफान आने की स्थिति में अस्थाई बैरियर बनाए गए थे। जो टूटकर आड़े तिरछे हो गए। लगातार बारिश होने की वजह से सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई।

gurudatt rajvaidya Bureau Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned