कभी मटमैला तो कभी केमिकल वाला पानी पीने को मजबूर जनता

pradeep sahu

Publish: Sep, 16 2017 05:27:01 (IST)

Harda, Madhya Pradesh, India
कभी मटमैला तो कभी केमिकल वाला पानी पीने को मजबूर जनता

आम लोगों को हो रही पेट संबंधी बीमारियों की शिकायतें

खिरकिया. जल आवर्धन योजना के तहत नागरिकों को दिए जा रहे पानी की गुणवत्ता को लेकर नागरिक सवाल उठा चुके हैं, लेकिन फिल्टर प्लांट से पानी की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा है। पूर्व में लगातार शिकायतों के बाद कुछ सुधार किया गया था, लेकिन अब पुन: वही स्थिति बन रही है। इन दिनों पानी में केमिकल की मात्रा अधिक होने से नागरिकों को पानी के उपयोग करने में परेशानियां आ रही है। जानकारी के अनुसार जल आवर्धन योजना के तहत नगर परिषद द्वारा नागरिकों को पीने का पानी दिया जा रहा है, लेकिन कभी मटमैला तो कभी पानी में केमिकल की मात्रा अधिक मिल रही है। फिल्टर प्लांट सही तरीके से कार्य नहीं कर रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद भी कोई सुधार कार्य नहीं किया जा रहा है। नागरिकों को शुद्ध पेयजल एवं योजना के क्रियान्वयन को लेकर पत्रिका द्वारा लगातार मामले को उठाया गया एवं योजना की स्थिति से नागरिकों व प्रशासन को अवगत कराया गया। जागरूक नागरिकों ने वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष शिकायतें भी कर चुके हैं।

  • बढ़ रही है बीमारियोंं की शिकायतें
    पानी की शुद्धता को लेकर नगर परिषद द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है जिससे नागरिक दूषित पानी पीने को मजबूर है। नागरिकों को उल्टी, दस्त, पीलिया, बुखार जैसी गंभीर बीमारियां हो रही है। जिसकी जानकारी चिकित्सा अधिकारियों को भी है। जल वितरण में नागरिकों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। पूर्व में की गई शिकायत के आधार पर जांच की थी, लेकिन उसमें कोई कमी नहीं मिली। ऐसे में सवाल यह उठता है कि यह अव्यवस्था कहां से हो रही है। परिषद की टंकियों के पानी का भी सैंपल लिया गया था, लेकिन उसकी जांच रिपोर्ट लंबा समय बीतने के बाद भी नहीं आई है।
  • पीने योग्य नहीं मिल रहा पानी
    नागरिकों ने बताया कि बारिश के दौरान पहले से ही पानी में कई अशुद्धियां आती है ऐसे में करोड़़ों रुपए खर्च कर जल आवर्धन योजना के तहत फिल्टर प्लांट का निर्माण किया गया है। जिससे भी पानी साफ व स्वच्छ नहीं मिल रहा है। नागरिकों ने बताया कि वर्तमान में मिल रहा पानी पीने योग्य नहीं है। कभी केमिकल की अधिकता तो कभी मटमैला पानी दिया जा रहा है। ऐसे में इस समस्या को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को ध्यान दिया जाना चाहिए। पूर्व पार्षद संदीप भदौरिया द्वारा भी जल आवर्धन के तहत मिल रहे अशुद्ध पानी को लेकर कलेक्टर को शिकायत भी की जा चुकी है। इस संबंध में खिरकिया नगर पंचायत सीएमओ एआर सांवरे ने बताया कि बारिश के चलते पानी में केमिकल की कुछ मात्रा अधिक डालनी होती है जो कि उसके पैमाने के अनुसार होता है। इससे पानी के स्वाद में कुछ अंतर लग रहा होगा।
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