किसी का पहली तो किसी का सातवीं बार में लगा हज यात्रा का नंबर, संक्रमण के कारण नहीं जाने का मलाल

जिले से हर वर्ष औसत 35 लोग जाते थे हज यात्रा पर, इस बार एक भी नहीं जा सकेगा

By: gurudatt rajvaidya

Updated: 24 Jun 2020, 12:41 PM IST

हरदा। कोराना वायरस के संक्रमण काल में इस बार मुस्लिमजन हज यात्रा नहीं कर सकेंगे। यह खबर मिलने के बात वे लोग खासे मायूस हैं जिनके नंबर कई बार आवेदन करने के बाद आए थे। उन्हें इस बात का मलाल है कि पहली बार नंबर लगा लेकिन वक्त ऐसा आया कि मक्का नहीं जा सकेंगे। अब यहीं बैठकर सलामती की दुआ मांगेंगे। जिला हज कमेटी के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद रफीक ने बताया कि जिले से 30 लोगों का कोटा तय है। अन्य लोग भी अपने खर्च पर जाते हैं। यानि औसत 35 लोग हर साल हज यात्रा पर जाते हैं। इसी कड़ी में छह महीने पहले 40 व्यक्तियों ने फॉर्म भरे थे। कुर्रा निकल चुका था। चार महीने पहले हज यात्रा पर जाने वालों के नाम तय हो गए थे। इन्होंने पैसे भी जमा कर दिए थे, लेकिन संक्रमण के चलते यात्रा निरस्त हो गई। सभी यात्रियों के पैसे वापस मिलेंगे।
अगली बार फिर प्रयास करेंगे
मानपुरा निवासी मोहम्मद अकरम ने बताया कि पत्नी के साथ यात्रा पर जाने के लिए पहली बार फॉर्म भरा था। नंबर भी लग गया, लेकिन अब नहीं जा सकेंगे इसका मलाल है। अगली बार फिर फॉर्म भरेंगे।
दोनों के नाम आने से उत्साहित थे
शहर कोतवाली के पास रहने वाले अब्दुल हक कुरैशी ने बताया कि साल साल से प्रयास कर रहे थे। दो साल पहले अकेले उनका नाम आया तो यात्रा निरस्त की थी। इस बार पत्नी अनीशा बी और उनका भी नाम आ गया तो खुशी हुई, लेकिन यात्रा निरस्त होने से अब मायूस हैं। एक बार फिर दोनों के फॉर्म भरेंगे।
दो साल से भर रहे थे फॉर्म
चूड़ी बाजार में रहने वाले इरफान खान ने बताया कि पत्नी अफरोजा बी के अलावा परिवार के अन्य दो लोगों के नाम तय हो गए थे। बाद में खबर मिली कि यात्रा निरस्त हो गई है। इससे मायूस हुए। हज यात्रा करने के लिए एक बार फिर प्रयास करेंगे।

gurudatt rajvaidya Bureau Incharge
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