चुनावी वर्ष मे सबको सौगात, लेकिन स्कूली बच्चों को बढ़ी हुई पुस्तकों की कीमतों की मार

पुस्तकों की कीमत में १० से ४० प्रतिशत की हुई वृद्धि

By: sanjeev dubey

Published: 16 May 2018, 09:00 AM IST

खिरकिया. चुनावी वर्ष होने के कारण सरकार सभी वर्ग के मतदाताओं को लुभाने के प्रयास के तौर पर सौगाते दे रही है, वहीं स्कूली बच्चों को लिए शासन का पिटारा खाली है। यही कारण है कि उन्हें इस वर्ष किताबों की बढ़ती कीमत का बोझ उठाना पड़ेगा। मप्र पाठय पुस्तक निगम की पुस्तकों की कीमतों में गुणोत्तर वृद्धि कर दी गई है, जबकि स्कूली बच्चों का ध्यान रखते हुए मूल्यों में वृद्धि को रोका जा सकता था, जिससे कि बच्चों के पालकों को राहत होती। स्कूली बच्चे मतदाता नहीं है, जिसके चलते उनके लिए शासन द्वारा सोचा नहीं गया। मप्र पाठय पुस्तक निगम द्वारा इस वर्ष जहां कुछ कक्षाओं की पुस्तकों में बदलाव किया गया है, वहीं पुस्तकों के मूल्य में वृद्धि की गई। कक्षा पहली से लेकर दसवीं तक की पुस्तकों मे 10 से लेकर 40 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है, जिसका सीधा असर पालकों की जेब पर पड़ेगा। जानकारी के मुताबिक पुस्तकों के सेट पर 12 से लेकर 146 रुपए तक की वृद्धि हुई है।

स्कूली बच्चों के लिए क्यों नहीं सौगात -
शासन द्वारा जहां किसानों के लिए समर्थन मूल्य, प्रोत्साहन राशि, कर्मचारियों की आयु सीमा में वृद्धि व वेतनमान जैसे लाभ पहुंचाएं गए है, वहीं स्कूली विद्यार्थियों के लिए किसी प्रकार की कोई राहत नहीं दी गई है, जबकि स्कूली बच्चों को भी सौगात दी जा सकती है। शासकीय विद्यालयों में पढऩे वाले बच्चों को तो पुस्तके नि:शुल्क उपलब्ध करा दी जाएगी, लेकिन निजी स्कूलों में अध्ययन करने वाले बच्चों को पुस्तकों को बाजार से बढ़े हुए दामों पर खरीदना पड़ेगा। ऐसे में मूल्यों की वृद्धि पर पालकंों द्वारा नाराजगी जताई जा रही है।

पुस्तकों के सेट में इतनी हुई वृद्धि -
प्राथमिक शाला में कक्षा पहली के सेट की कीमत 120 से 132 रुपए , दूसरी कक्षा 154 से बढ़कर 16 8 रुपए, तीसरी कक्षा 18 2 से 198 , कक्षा चौथी के सेट 18 7 से 205, कक्षा पांचवी से 18 7 बढ़कर 205 रुपए हो गई। जिसमे क्रमश: 12, 14, 16 , 18 एवं 18 रुपए की वृद्धि हुई है। इसी तरह माध्यमिक शाला की कक्षा 6 वीं का सेट जहां 275 रुपए का था, जो अब 301 रुपए का हो गया। इसी तरह कक्षा सातवीं का 310 से बढ़कर 340 रुपए, कक्षा आठवीं 38 7 से 420 रुपए का हो गया है। जिसमे क्रमश: 26 , 30 एवं 33 रूपए की वृद्धि हुई है। हाईस्कूल में कक्षा 9वीं का सेट 419 से बढ़कर 46 0 रुपए एवं कक्षा 10वीं का 36 5 से 511 रुपए हो गया है। जिसमें क्रमश: 41 एवं 146 रुपए की वृद्धि हुई है। कक्षा 10वीं के सेट के मूल्य में सर्वाधिक वृद्धि की गई है, जो कि अप्रत्याशित है। ऐसे में कक्षा 10वीं की बोर्ड कक्षा की अन्य खर्चो के साथ पालक एवं विद्यार्थियों को पुस्तकों पर जेब खाली करनी पड़ेगी। बोर्ड परीक्षा होने के चलते शासकीय विद्यालय के विद्यार्थी कोचिंग भी जाते है, जहां भी उन्हें अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ता हैै।

इनका कहना है-
पाठय पुस्तक निगम की पुस्तकों की कीमत वृद्धि के संबंध में हमें जानकारी नहीं है। निगम स्तर से ही पुस्तकों के मूल्यों का निर्धारण किया जाता है।
उमाकांत वर्मा, बीआरसी, खिरकिया

sanjeev dubey
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