125 रुपए किलो तक पहुंचे तुअर दाल के भाव, सब्जियां भी थाली से दूर हो रही

- सब्जी और दालों के भाव बढऩे से गड़बड़ाया मध्यम, निम्न मध्यम और गरीब वर्ग की रसोई का बजट

By: gurudatt rajvaidya

Published: 08 Oct 2020, 08:02 AM IST

हरदा. कोरोना वायरस के संक्रमण काल में आवश्यक दैनिक उपयोग की वस्तुओं के भाव चरम सीमा पर पहुंच गए हंै। इससे मध्यम, निम्न मध्यम एवं गरीब वर्ग के उपभोक्ताओं की रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। वर्तमान में बाजार पूरी तरह से खुलने लगे हैं। इसके बावजूद महंगाई एवं आर्थिक तंगी के कारण अधिकांश लोग सिर्फ जरूरत का सामान ही खरीद रहे हैं। व्यापारी स्टॉक की कमी एवं पर्याप्त मात्रा में आवक नहीं होने की बात कहते हुए ग्राहकों से आवश्यक वस्तुओं की अधिक कीमत मांग रहे हैं। उनका कहना रहता है कि खाद्य सामग्री उन्हें ही महंगी मिल रही। ऐसे में लोगों को मजबूरी में मुंह मांगी कीमत चुकाकर खरीदारी करना पड़ रहा है। किराना एवं खाद्य सामग्री कारोबारियों का मानना है त्योहारी सीजन दीपावली पर भाव और भी बढ़ सकते हंै।
लोगों की थाली से दूर होती जा रही तुअर दाल
दालों के भावों में वर्तमान में सबसे अधिक तेजी बताई जा रही है। लॉकडाउन से पहले जो तुअर की दाल 75 से 80 रुपए प्रति किलो बिक रही थी, वही दाल अब 120 से125 रुपए प्रति किलो में बिक रही है। तुअर दाल के भाव में 40 से 45 रुपए की बढ़ोत्तरी होने से लोगों की थाली से दाल दूर होते जा रही है। चना दाल एवं बेसन के भाव भी 10 -15 रुपए तक बढ़ गए हैं। संक्रमण काल से पहले चना दाल 55 से 60 रुपए प्रति किलो बिक रही थी। उसी दाल के भाव अब 70 से 75 रुपए हो चुके हैं। मंूग एवं मसूर की दाल में भी 10 रुपए प्रतिकिलो की तेजी है। मूंग दाल 100 रुपए एवं मसूर दाल 80 रुपए प्रति किलो बिक रही है।
सोयाबीन तेल हुआ 100 रुपए लीटर
दाल व सब्जियों में तड़का लगाने के लिए उपयोगी सोयाबीन तेल का भाव भी 80 रुपए लीटर से बढ़कर 100 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है। इस वर्ष सोयाबीन की फसल खराब होने से व्यापारी तेल के भाव और अधिक बढऩे की संभावना व्यक्त कर रहे हैं। सनफ्लावर (सूरजमुखी) तेल के 15 लीटर जार के भाव500रुपए तक बढ़ गए हंै। जो तेल का डिब्बा 1600 रुपए में बिकता था, वह अब 2100 रुपए में मिल रहा है।
आटा के भाव में गिरावट, मैदा व रवा के भाव स्थिर
फिलहाल आटा मैदा एवं रवा के भाव स्थिर हंै। मंडी में गेहूं के भाव कम होने तथा स्थानीय स्तर पर फ्लोर एवं मैदा मिल चालू होने भाव में स्थिरता बताई जा रही है। दो माह पूर्व 120 रुपए में मिलने वाला आटा का पैकेट अब 110 रुपए में मिल रहा है। वहीं रवा मैदा पूर्व की तरह 35 रुपए किलो बिक रहे हैं। साबुदाना 80 रुपए एवं फलीदाना 90 रुपए के भाव पर स्थिर हैं।
हरी धनिया 200व आलू प्याज 40रुपए किलो बिक रहे
विगत दिनों हुई तेज बारिश एवं फसलों में बीमारियां लगने से सब्जियों के भाव भी आसमान छू रहे हैं। बाजार में कोई भी सब्जी 40 रुपए किलो से कम भाव में नहीं मिल रही है। आलू एवं प्याज के भाव भी40 रुपए किलो तक हो गए हैं। लहसुन 120 रुपए, हरी मिर्च 80 रुपए और हरा धानिया 200 रुपए किलो बिक रहे हंै। गिलकी, करेला 80 रुपए एवं कद्दू, लौकी, भिंडी, टमाटर, बैंगन का भाव 40 रुपए किलो है।
गेहूं, सोयाबीन और मक्का के भाव टूटे, मंूग और चना में उछाल
ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन की हड़ताल खत्म होने पर तेरह दिन बाद खुली कृषि उपज मंडी में अनुमानित आवक पिछली खरीदी वाले दिन से बेहद कम 3001 बोरा रही। मंडी में २३ सितंबर को 7814 बोरा की आवक हुई थी। वहीं भाव पर नजर डाली जाए तो गेहूं, सोयाबीन और मक्का के भाव कम रहे तो मूंग और चना में उछाल भी रहा। बुधवार को मंडी में मूंग के अधिकतम भाव 7751 रुपए प्रति क्विंटल रहे। गेहूं 1400 से 1826 (मॉडल भाव १४९४), चना ४७६१ से ५०७० (मॉडल भाव ४९०१), सोयाबीन १८०० से ३७५३ (मॉडल भाव २९४०), मूंग ३००१ से ७७५१ (मॉडल भाव ६४९०), उड़द २२०१ से ६३०० (मॉडल भाव ५८००), मक्का ८०० से ११४१ (मॉडल भाव ९११) तथा सरसों ४४९१ से ४४९१ (मॉडल भाव ४४९१) बिकी। वहीं 23 सितंबर को गेहूं १३७५ से १९५१ (मॉडल भाव १४६५), चना ३७०० से ५०११ (मॉडल भाव ४५५१), सोयाबीन २२२२ से ३८९० (मॉडल भाव ३३५०), मूंग ३३०१ से ७६५२ (मॉडल भाव ६१६३), उड़द ५८०० से ५८०० (मॉडल भाव ५८००), मक्का १०५२ से ११५३ (मॉडल भाव ११००) तथा सरसों ४२६० से ४४०० (मॉडल भाव ४३४१) के भाव बिकी थी।

gurudatt rajvaidya Bureau Incharge
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