scriptPrime Minister Crop Insurance Scheme | सूची में पिता के रूप में महिला का नाम लिखा तो कहीं जाति ही बदल दी, सैकड़ों किसानों की बीमा राशि अटकी | Patrika News

सूची में पिता के रूप में महिला का नाम लिखा तो कहीं जाति ही बदल दी, सैकड़ों किसानों की बीमा राशि अटकी

नाम, रकबे आदि में विसंगति से सैकड़ों किसानों को नहीं मिली वर्ष 2019 की फसल बीमा राशि, बैंक और कृषि विभाग के चक्कर लगा रहे किसान

हरदा

Updated: October 27, 2020 09:01:05 pm

गुरुदत्त राजवैद्य, हरदा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए हितकारी तो है, लेकिन इसका लाभ देने के दौरान दस्तावेज तैयार करने के दौरान लापरवाही बरती जाती है। हर बार इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है। वर्ष 2019 की खरीफ फसल का बीमा लाभ देने के दौरान भी ऐसा ही हुआ। जिले के सैकड़ों किसानों को अब तक बीमा राशि नहीं मिल सकी। वे कभी बैंक जाते हैं तो कभी कृषि विभाग के कार्यालय। अफसरों से गुहार लगाने पर सूचियों को खंगाला गया तो सामने आया कि किसी के पिता के रूप में महिला का नाम दर्ज है तो किसी की जाति या गौत्र ही बदल दिया। रकबा, आधार नंबर, पटवारी हल्का नंबर आदि में विसंगति के मामले भी सामने आए हैं। किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव मोहन विश्नोई ने बताया कि ऐड़ाबेड़ा के किसान रमेश कि पिता का नाम मयाराम है। इसकी जगह किसी हरसुख का नाम दर्ज है। रमेश का खाता नंबर सही होने के बावजूद राशि नहीं आई। कुकरावद गांव के किसान विजय टाले के पिता के रूप में राहुल जाट का नाम लिखा है। वहीं एक महिला कृषक का नाम छोड़कर पति परमानंद के साथ पिता का नाम रामनारायण बताया जा रहा है। कुकरावद के किसान आत्माराम पिता जयकिशन गुर्जर के स्थान पर आत्माराम पिता केसरबाई लिखा है। जिले में इस तरह के कई मामले हैं जिनके नाम, गौत्र, जाति, पटवारी हल्का, आधार कार्ड आदि में गड़बड़ी होने से किसानों को अब तक बीमा लाभ नहीं मिल सका है। ऐसे किसान बैंक और कृषि विभाग के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही
बीमा राशि नहीं मिलने की 1400 शिकायतें
कृषि विभाग के मुताबिक वर्ष 2019 की बीमा राशि नहीं मिलने की करीब 1400 शिकायतें हैं। इनमें से करीब 600 विभाग के कार्यालय में की गई। वहीं शेष सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज हैं।
शासन का रवैया सख्त, बैंकों से 31 तक बुलाई जानकारी
बताया जाता है कि कृषि विभाग ने किसानों की शिकायतों से बीमा कंपनी को अवगत कराया था। शासन स्तर पर भी यह मुद्दा गरमाया। इसके बाद संचालनालय संस्थागत वित्त मप्र के संयुक्त संचालक सतीष गुप्ता ने 18 राष्ट्रीयकृत बैंकों के वरिष्ठ प्रबंधकों को पत्र लिखकर बीमा लाभ से छूटे किसानों की जानकारी देने के निर्देश दिए। इसके लिए 31 अक्टूबर की समयसीमा तय की गई है। गुप्ता ने पत्र में स्पष्ट किया है कि तय समय तक जानकारी नहीं देने पर ऐसे किसानों को बीमा राशि के भुगतान की जिम्मेदारी संबंधित बैंकों की होगी।
शुरुआत में 44 पटवारी हल्कों की रुकी थी बीमा राशि
ज्ञात हो कि शासन ने 18 सितंबर को किसानों के खातों में वन क्लिक पर वर्ष 2019 की बीमा राशि जमा की थी। शुरुआत में जिले के 57620 किसानों के खातों में 109 करोड़ रुपए देने का दावा किया गया था। हालांकि बाद में 38 हजार 803 किसानों को ही 93 करोड़ 59 लाख 82 हजार 979 रुपए ट्रांसफर किए जाना बताया गया। कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 44 पटवारी हल्कों के आंकड़ों में तकनीकी त्रुटि रही थी। अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा उन्हें दोबारा बीमा कंपनी को भेजा गया था। इसके बाद यहां के किसानों को बीमा राशि मिल सकी थी। दूसरी ओर जिले के 33 पटवारी हल्के ऐसे रहे थे जहां थे्रसोल्ड उपज से वास्तविक उपज अधिक होने के कारण क्षति शून्य प्रतिशत बताई गई थी। इस वजह से यहां के किसानों को बीमा लाभ नहीं मिल सका।
इनका कहना है
विभाग से प्राप्त शिकायतों से बीमा कंपनी और शासन को अवगत कराया गया है। शासन के निर्देश पर बैंकों द्वारा किसानों के रिकार्ड में गड़बड़ी को सुधारने का काम किया जा रहा है। छूटे किसानों को राशि जल्द दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
- एमपीएस चंद्रावत, उप संचालक कृषि, हरदा

Amendment in Prime Minister Crop Insurance Scheme, indebted and non-indebted farmers can also be included
योजना से लाभ लेने के इच्छुक किसान दस्तावेज जमा कर सकते हैं

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Monsoon Alert : राजस्थान के आधे जिलों में कमजोर पड़ेगा मानसून, दो संभागों में ही भारी बारिश का अलर्टमुस्कुराए बांध: प्रदेश के बांधों में पानी की आवक जारी, बीसलपुर बांध के जलस्तर में छह सेंटीमीटर की हुई बढ़ोतरीराजस्थान में राशन की दुकानों पर अब गार्ड सिस्टम, मिलेगी ये सुविधाधन दायक मानी जाती हैं ये 5 अंगूठियां, लेकिन इस तरह से पहनने पर हो सकता है नुकसानस्वप्न शास्त्र: सपने में खुद को बार-बार ऊंचाई से गिरते देखना नहीं है बेवजह, जानें क्या है इसका मतलबराखी पर बेटियों को तोहफे में देना चाहता था भाई, बेटे की लालसा में दूसरे का बच्चा चुरा एक पिता बना किडनैपरबंटी-बबली ने मकान मालिक को लगाई 8 लाख रुपए की चपत, बलात्कार के केस में फंसाने की दी थी धमकीराजस्थान में ईडी की एन्ट्री, शेयर ब्रोकर को किया गिरफ्तार, पैसे लगाए बिना करोड़ों की दौलत

बड़ी खबरें

Gujarat News: जामनगर के होटल में लगी भयानक आग, स्टाफ सहित 27 लोग थे मौजूद, सभी सुरक्षितत्रिपुरा कांग्रेस विधायक सुदीप रॉय बर्मन पर जानलेवा हमला, गंभीर रूप से हुए घायलबांदा में यमुना नदी में डूबी नाव, 20 के डूबने की आशंकाCM अरविंद केजरीवाल ने किया सवाल- 'मनरेगा, किसान, जवान… किसी के लिए पैसा नहीं, कहां गया केंद्र सरकार का धन'SCO समिट में पीएम मोदी के साथ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की हो सकती है बैठकबिहारः 16 अगस्त को महागठबंधन सरकार का कैबिनेट विस्तार, 24 को फ्लोर टेस्ट, सुशील मोदी के दावे को नीतीश ने बताया बोगसझारखंड BJP ने बिहार के नए उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को गिफ्ट में भेजा पेन, कहा - '10 लाख नौकरी देने वाली फाइल पर इससे करें हस्ताक्षर'Karnataka High Court: एक्सीडेंट में माता-पिता की मौत होने पर विवाहित बेटियां भी मुआवजे की हकदार
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.