हादसे को न्योता दे रहा है रेलवे फुटओवरब्रिज

ब्रिज में लगे लोहे एंगलों में जंग, रैंप का प्लास्टर उखड़ गया, सीढिय़ों में से दिखने लगा आर-पार, विभाग की अनदेखी से हो सकता हैहादसा

By: sanjeev dubey

Updated: 18 Feb 2020, 12:25 AM IST

हरदा. स्थानीय रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर से दो, तीन को जोडऩे वाले फुटओवरब्रिज (एफओबी) की हालत जर्जर हो गईहै। लगभग ७० साल पुराने इस ब्रिज में कईजगह लोहे की गर्डर, एंगलों में जंग लग गया है। वहीं प्लास्टर उखड़ रहा है, सीढिय़ां टूट गई हैं, जिनमें से आर-पार दिखने लगा है। रेलवे अधिकारियों की अनदेेखी के कारण किसी दिन भोपाल के एफओबी जैसी घटना हो सकती है। यहां पर रोजाना अप-डाउन रेलवे प्लेटफार्म पर करीब ३६ ट्रेनों का स्टॉपेज होता है। वहीं प्रतिदिन १२०० यात्री आना-जाना करते हैं। रेलवे स्टेशन पर आने-जाने के लिए एकमात्र फुट ओवरब्रिज है।जिस पर से प्रतिदिन सैकड़ों यात्रियों का आवागमन होता है।

यात्रियों के निकलने पर हिलती हैं सीढिय़ां
आजादी के बाद लगभग १९५७ में स्थानीय रेलवे स्टेशन के रेलवे प्लेटफार्मों को जोडऩे वाला फुटओवरब्रिज बनाया गया था। किंतु इसका समय-समय पर मेंटनेंस नहीं किया गया। यही कारण है कि आज इसकी हालत खस्ताहाल हो गईहै। लोहे के एंगलों पर बने ब्रिज का रैंप भी कमजोर हो गया है। रैंप के नीचे लगी लोहे की प्लेटें भी जंग खा चुकी हैं।जगह-जगह से प्लास्टर उखड़ रहा है। रैंप में लगी लोहे प्लेटों के बीच में से प्लास्टर निकलने से प्लेटफार्म का हिस्सा दिखने लगा है।दोनों प्लेटफार्मों तक बने ब्रिज की सीढिय़ां कई जगहों से उखड़ गईहैं। यात्रियों के निकलने के दौरान सीढिय़ों के हिलने लगती हैं। इससे यात्रियों में हादसे की आशंका बनी हुईहै।

लोहे में लगे जंग छुपाने के लिए पोता रंग
रेलवे फुट ओवरब्रिज में लगे एंगल और प्लेटें पूरी तरह से जंग में तब्दील हो गई है। हाथ लगाते ही लोहेे के सड़े हुए टुकड़े हाथ में आ जाते हैं। पूरा ब्रिज इसी हालत में पहुंच गया है। किंतु रेलवे के अधिकारियों ने खराब हुए लोहे को छुपाने के लिए उस पर सिल्वर रंग की पुताई करवा दी है। किंतु इसके बावजूद सड़े हुए लोहे की परतें गिरती जा रही हैं। लगातार कमजोर हो रहे एफओबी से हादसे की आशंका बढ़ती जा रही है, क्योंकि टे्रन से उतरने के बाद बड़ी संख्या में यात्री इसके उपर से निकलते हैं। एक साथ कई यात्रियों का वजन इस पर पडऩे से रैंप क्षतिग्रस्त होकर गिर सकता है।

रेलवे लाइन में से निकलते हैं लोग
रेलवे स्टेशन के बाजू स्थित फाइल वार्ड और रेलवे कॉलोनी के लोगों को एक छोर से दूसरे छोर पर सुरक्षित निकलने के लिए एफओबी की व्यवस्था नहीं है। ऐसी स्थिति में लोगों को रोजाना रेलवे लाइन पार करके आना-जाना करना पड़ रहा है। प्रतिदिन सुबह बच्चों को सेंटमैरी, रेलवे स्कूल में छोडऩे के लिए परिजनों रेलवे लाइन में से अथवा खड़ी हुईमालगाड़ी के नीचे से निकलना पड़ता है। इस दौरान सुपर फॉस्ट ट्रेनों के निकलने से हादसे की आशंका बनी रहती है। यहां के नागरिकों ने भोपाल डीआरएम, जबलपुर रेलवे महाप्रबंधक से नए फुटओवरब्रिज बनाने की मांग की थी।

फाइलों में ही अटका पड़ा नया फुटओवरब्रिज
सूत्रों के अनुसार रेलवे के अधिकारियों ने आम नागरिकों को रेलवे लाइन में से निकलने की समस्या से निजात दिलाने के लिए नया फुटओवरब्रिज का प्रस्ताव बनाकर भोपाल भेजा गया था। इसके लिए आरपीएफथाने के बाजू से स्थित जगह को चिन्हित किया गया था। लगभग दो साल पहले भेजा गया प्रस्ताव फाइलों में ही अटका हुआ है। अधिकारियों ने रेलवे साइकिल स्टैंड से लेकर फाइल वार्ड में फिल्टर हाउस की दीवार तक एफओबी का नक्शा बनाकर मंडल को भेजा था। किंतु अब तक इस पर निर्णय नहीं लिया गया है।

इनका कहना है
गत दिवस रेलवे फुटओवरब्रिज का निरीक्षण किया गया था।जल्द ही इसका सुधार कार्य शुरू किया जाएगा। पुराने फुटओवरब्रिज के बाजू से नया एफओबी बनाने की स्वीकृति मिल गई है। निर्माण संबंधी कार्रवाईकी जा रही है।
केके महाजन, रेलवे सीनियर सेक्शन इंजीनियर, हरदा

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