अच्छी खबर- 15 दिन में बदली जलाशयों व तालाबों की सूरत, बारिश होने से हुए लबालब

इमलीढाना, आमाखाल जलाशय शत प्रतिशत व जामन्या में 82 प्रतिशत हुआ जलभराव

By: gurudatt rajvaidya

Published: 24 Aug 2020, 08:03 AM IST

खिरकिया. वर्षाकाल शुरुआत में बारिश की खेंच से जलस्त्रोतों में पानी की कमी बनी हुई थी। अब हुई लगातार बारिश ने जल स्त्रोतों में पानी की पूर्ति कर दी है। क्षेत्र के छोटे-बड़े सभी जलाशय व तालाब बारिश से लबालब भर चुके है। कुछ तो ओवर फ्लो भी होने लगे हैं। इससे किसानों की बारिश की कमी को लेकर कुछ चिंताएं भी कम हुइ है। पिछले दिनों में दो बार हुई अच्छी बारिश से जलस्तर में भी सुधार है। बारिश ने इस वर्ष पिछले साल के आंकड़े को भी पार कर लिया है। जानकारी के अनुसार विकासखंड के अंतर्गत आने वाले इमलीढाना, आमाखाल व जामन्या जलाशय पानी से लबालब भर चुके है। पिछली दिनों हुइ बारिश से जलाशयों मेें अधिक मात्रा में जल आपूर्ति हुई है। इस कारण कई लाख गैलन क्षमता वाले जलाशय ऊपर तक भर गए है।
आने वाले समय में किसानों को मिलेगा फायदा-
इमलीढाना व आमाखाल जलाशय में शत प्रतिशत जल भराव हो चुका है। वहीं जामन्या जलाशय में कुल क्षमता का 82 प्रतिशत जलभराव हुआ है। यही जलाशय 15 दिन पहले तक आधे भी भर नहीं सके थे। दो सप्ताह पहले इमलीढाना जलाशय करीब 60 प्रतिशत एवं आमखाल में 50 प्रतिशत जलभराव था। जामन्या जलाशय तो खाली ही था। ऐसे में बारिश की कमी के कारण जलाशयों में जलभराव नहीं होने से किसानों को चिंता बनी हुई थी, लेकिन अब पर्याप्त क्षमता के अनुसार जलभराव जलाशयों में हो चुका है। इससे आने वाले समय में किसानो को इसका फायदा मिलेगा। वनांचलों व आदिवासी ग्रामों के किसान रबी सीजन में सिंचाई के लिए इन्हीं जलाशयों पर आश्रित होते हैं।
जलाशयों के निकटवर्ती गांवों में जलभराव को लेकर कराई मुनादी
जलाशयों में जलभराव होने की स्थिति में अब इनके निकटवर्ती ग्रामों में भी मुनादी कराई जा रही है, ताकि लोग नदी व जलाशय से दूर रहें। जलभराव की स्थिति से भी सचेत रहे। जलभराव की स्थिति को देखते हुए पूर्व में जल संसाधन विभाग द्वारा तहसीलदार खिरकिया एवं सिराली को इस संबंध में लिखित सूचना दी गई। उनके द्वारा कोटवारों के माध्यम से गांवों में मुनादी कराई गई। ग्रामीणों को पानी व नदी से दूर रहने के लिए सचेत किया। आमाखाल जलाशय के निचले व करीबी क्षेत्र के गांव आमाखाल, खुटवाल, महेन्द्रगांव एवं इमलीढाना के इंजरूदमाल, सांगवा सुर्कलर, सांगवा माल, सोनपुरा आदि में मुनादी कराई गई है।
बारिश ने गत वर्ष के आंकड़ों को छोड़ा पीछे-
इस वर्ष बारिश पिछड़ती हुई नजर आ रही थी, लेकिन हाल ही में हुई जोरदार बारिश ने गतवर्ष के आंकड़ों को भी पीछे छोड़ दिया है। इस वर्ष औसत बारिश का ही अनुमान लगाया जा रहा था, लेकिन अब अच्छी बारिश की संभावना बताई जा रही है। इस वर्ष 22 अगस्त तक क्षेत्र में कुल 741.4 मिमी बारिश हो चुकी है, जो करीब 30 इंच है। जबकि गत वर्ष 22 अगस्त तक कुल 690.2 मिमी बारिश हुई थी, जो 27.5 इंच ही थी। अभी तक गतवर्ष से करीब 2 इंच से अधिक बारिश हो चुकी है।
इनका कहना है-
इमलीढाना एवं आमाखाल जलाशय में शत प्रतिशत जलभराव हो चुका है। इससे पानी ओवफ्लो होने लगा है। जामन्या जलाशय में 82 प्रतिशत जलभराव हुआ है। जलाशयों के निकटवर्ती ग्रामों में जलभराव को लेकर मुनादी कराई जा रही है।
बीएस चौहान, एसडीओ, जल संसाधन विभाग

gurudatt rajvaidya Bureau Incharge
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