खनिज विभाग के चेक पोस्ट दस दिन से बंद, अफसर कर रहे खानापूर्ति

खनिज विभाग का अमला रेत चोरी रोकने में नाकाम साबित हो रहा

By: बृजेश चौकसे

Published: 15 Jan 2018, 01:01 PM IST

हरदा. सरकार ने नर्मदा में रेत खनन रोकनेे के उपाय जरूर किए, लेकिन यह बेअसर हैं। नई रेत नीति के कारण बीते दस दिन से खनिज विभाग के चेक पोस्ट बंद होने से रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन जोरों पर है। विभाग भी सिर्फ रस्म अदायगी कर रहा है। उसके पास पहले से ही अमला नहीं, नई नीति के बाद स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिलने से वह खानापूर्ति कर रहा है। जिससे अवैध रेत कारोबार बेरोकटोक जारी है।
बीते साल मई में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में नर्मदा में अवैध खनन का मामला गर्माने के बाद शासन ने यहां खनन पर रोक लगाई थी। इसके बावजूद यह काम नहीं रुक सका। नर्मदा की खदानों से टै्रक्टर-ट्रॉली व डंपरों से अवैध परिवहन किया जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार हरदा के खंडवा रोड व हंडिया में बनाया गया चेक पोस्ट 1 जनवरी से बंद हो चुका है। यानि अब रेत चोरी रोकने का काम केवल खनिज निरीक्षक, एक सिपाही और दो नगर सैनिकों के जिम्मे है। राजस्व विभाग और पुलिस का अमला कभी कभार जरूर कार्रवाई करता है। सूत्र बताते हैं कि खनिज विभाग से जांच के अधिकार भी लिए जा सकते हैं, इसके चलते ही अमला रुचि नहीं ले रहा है। अब पंचायत और राजस्व विभाग यह काम करेगा।

कैमरों से 24 घंटे होती थी निगरानी
खनिज विभाग के चेक पोस्ट पर मप्र खनिज निगम का अमला 24 घंट तैनात रहता था। यहां लगे सीसीटीवी कैमरों से भी वाहनों की निगरानी होती थी। चेक पोस्ट बंद होने से अब खनिज से भरे वाहन बेरोकटोक निकलते हैं।
आठ महीने से नहीं खनिज अधिकारी
खनिज विभाग में बीते आठ महीने से अधिकारी ही नहीं है। पूर्व मंत्री कमल पटेल द्वारा जिले में अवैध खनन का मुद्दा उठाए जाने पर आरोपों से घिरे तत्कालीन खनिज अधिकारी मुमताज खान का तबादला होने के बाद से शासन ने अधिकारी की पदस्थापना तो की, लेकिन चार्ज किसी ने नहीं लिया। यह प्रभार कभी डिप्टी कलेक्टर तो कभी अपर कलेक्टर के पास रहा। फिलहाल अपर कलेक्टर बाबूलाल कोचले विभाग के प्रभारी अधिकारी हैं। वहीं कार्रवाई का जिम्मा केवल निरीक्षक के हवाले है।
नौ महीने में 12५ प्रकरण दर्ज
खनिज विभाग ने बीते 9 महीने में अवैध परिवहन के १२५ प्रकरण दर्ज किए। इनमें से ११५ को न्यायालय में प्रस्तुत करने पर २२ लाख १४ हजार ९९३ रुपए जुर्माना हुआ। वहीं इस अवधि में अवैध खनन के १३ प्रकरण ही दर्ज हुए।
मुखबिर तंत्र सक्रिय, कार्रवाई से पहले पहुंचती है सूचना
सूत्रों के मुताबिक रेत के अवैध खनन और परिवहन से जुड़े लोगों का मुखबिर तंत्र खासा सक्रिय है। विभाग के अमले के कार्रवाई के लिए निकलने से पहले ही संबंधितों तक यह खबर पहुंच जाती है। लिहाजा अमले के पहुंचने तक वहां ऐसा कुछ नहीं मिलता जिसे पकडऩे वे जाते हैं। विभाग का अमला दबी जुबान में यह बात स्वीकार भी कर चुका है।
जिले में रेत खनन के लिए यह हैं खदानें
संचालित
खदान रकबा (हेक्टेयर) नदी
- हंडिया २० नर्मदा
- मनोहरपुरा १० नर्मदा
- उंचान २२ नर्मदा
- छीपानेर १५ नर्मदा
- लछौरा १० नर्मदा
- गोला अ ८ नर्मदा
- गोला ब ६ नर्मदा
- मालपोन ६ नर्मदा
असंचालित
- खेड़ीनीमा अ १३ नर्मदा
- खेड़ीनीमा ब १४ नर्मदा
- सीगोन २१ नर्मदा
- लछौरा १५ नर्मदा
- साल्याखेड़ी १० नर्मदा
- बघवाड़ १६ गंजाल
- छिदगांव मेल ८ गंजाल
इनका कहना है
चेक पोस्ट चालू रखने के आदेश ३१ दिसंबर तक के थे। इसके बाद नए आदेश नहीं मिले। फिलहाल दोनों चेक पोस्ट बंद है। विभाग की टीम लगातार भ्रमण कर अवैध खनन व परिवहन को रोकने के लिए कार्रवाई कर रही है। इस काम में राजस्व व पुलिस अमले की भी मदद ली जाती है।
- अर्चना ताम्रकार, खनिज निरीक्षक हरदा

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बृजेश चौकसे
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