ग्रीष्मकालीन मूंग के लिए न नहरों में पानी छोड़ा , न ही शुरू हुआ बैरल बॉक्स का निर्माण कार्य

धीमी गति से चल रहा लाइनिंग का कार्य
किसान जता रहे नाराजगी

By: gurudatt rajvaidya

Published: 05 May 2020, 08:03 AM IST

खिरकिया. जल संसाधन विभाग द्वारा नहर की लाइनिंग एवं बैरल बॉक्स के निर्माण को लेेकर क्षेत्र के किसानों को ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती के लिए पानी नहीं दिया गया। किसानों ने भी निर्माण कार्यों का जरूरी समझते हुए मूंग की खेती से अपने हाथ खींच लिए, बावजूद इसके अभी तक निर्माण कार्य में गति नहीं लाई जा रही हैं। लाइनिंग का कार्य कछुआ गति से चल रहा हैं। जबकि माचक नहर के हेड पर बनने वाले बैरल बॉक्स का निर्माण ही शुरू नहीं हुआ है। अब विभाग द्वारा लॉकडाउन के कारण बॉक्स का निर्माण नही होने की बात कही जा रही है। ऐसे में किसान स्वयं को ठगा महसूस कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि निर्माण एजेंसी एवं विभाग को निर्माण कार्य में गति लाकर ग्रीष्मकाल के दौरान कार्य पूर्ण किया जाना चाहिए। इससे अधूरे कार्य के नाम पर किसानों को सिंचाई के पानी से वंचित नहीं किया जाए।
बैरल बॉक्स का निर्माण कार्य नहीं हुआ शुरू-
माचक नहर के हेड गहाल में बैरल बॉक्स का निर्माण किया जाना है। लॉकडाउन के पूर्व से यह कार्य प्रस्तावित है। वर्तमान में निर्माण कार्य कराने की अनुमति मिलने के बावजूद हेड का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। हेड पर करीब दो किमी क्षेत्र में बैरल बॉक्स का निर्माण होना है। पूर्व में करीब 700 मीटर में बॉक्स का निर्माण किया जाना बताया जा रहा था, जबकि 1300 मीटर में कार्य शेष है। बॉक्स का निर्माण पूर्ण नहीं होने से नहरों में पानी नहीं दिया जा सकता। किसानों ने बताया कि अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं किया है। ऐसी स्थिति में बारिश प्राारंभ होने पर कार्य नहीं हो सकेगा। फिर रबी की फसलें आ जाएगी। ऐसे में आगामी ग्रीष्मकाल तक कार्य टलने पर यही स्थिति बनेगी।
लाइनिंग के कार्य की भी धीमी गति-
माचक नहर में 18 किमी का लाइनिंग कार्य शेष है। इसका कार्य विगत दिनों विभाग द्वारा शुरू करा दिया गया है,लेकिन इसमें गति नहीं आई है। इसके अलावा खिरकिया नहर में भी लाइनिंग का कुछ कार्य शेष है। वर्तमान में तीन मशीनों से लाइनिंग का कार्य हो रहा है, जबकि मजदूर बढ़ाए जाने की आवश्यकता है, ताकि ग्रीष्मकाल में ही नहर का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा सके। गौरतलब कि विकासखंड में नहर से सिंचिंत होने वाली भूमि का रकबा बड़ा है। माचक एवं खिरकिया नहर करीब 48 किमी में फैली हुई है। माचक नहर से 8100 हेक्टेयर एवं खिरकिया नहर से 2700 हेक्टेयर में सिंचाई होती है।
नहर का गेट कर दिया क्षतिग्रस्त, एफआईआर की मांग
नहर को क्षतिग्रस्त कर किसानों द्वारा पानी लिया जा रहा है। इसको लेकर जल संसाधन विभाग के एसडीओ बीएस चौहान ने पुलिस को लिखित शिकायत कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि ग्राम गहाल के समीप माचक नहर में 1-2 मई की रात्रि में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा बंद किए गए गेटों को पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त कर नहर में जल प्रवाह कर दिया गया। इन लोगों ने विभाग द्वारा बनाई गई व्यवस्था को भंग कर शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने अज्ञात लोगों का पता लगाकर कार्रवाई करने की मांग की है।
इनका कहना है-
लॉकडाउन के कारण मजदूर नहीं आ पा रहे है। बावजूद उसके व्यवस्था बनाई जा रही है। कार्य में तेजी लाने को लेकर संबंधित निर्माण एजेंसी को निर्देशित किया जाएगा।
बीएस चौहान, एसडीओ, जल संसाधन विभाग, खिरकिया

gurudatt rajvaidya Bureau Incharge
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