चना खरीदी में गड़बड़ी करने वाले प्रबंधक का बेटा गिरफ्तार, 5 हजार क्विंटल के बने थे फर्जी बिल

- सहयोगियों के नाम सामने आने की संभावना
- एसपी ने पिता व दो पुत्रों पर घोषित किया था इनाम

By: gurudatt rajvaidya

Published: 03 Oct 2020, 08:03 AM IST

खिरकिया। सेवा सहकारी समिति चौकड़ी में समर्थन मूल्य पर चना खरीदी फर्जीवाड़े मामले में समिति प्रबंधक दिनेश बघेला के पुत्र बंटी उर्फ रोहित बघेला को शुक्रवार को छीपावड़ पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए लाया गया। मामला उजागर होने के बाद से ही समिति प्रबंधक अपने परिवार के साथ फरार था। पुलिस द्वारा समिति प्रबंधक के बेटे का पकड़कर थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। हालांकि बंटी द्वारा थाना पहुंचकर समर्पण किए जाने की चर्चा भी नगर में हो रही है।
सेवा सहकारी समिति चौकड़ी के प्रबंधक दिनेश बघेला के पुत्र बंटी को थाने लाने से मामले में कई खुलासे हो सकते हैं। वहीं अब समिति प्रबंधक की भी शीघ्र गिरफ्तारी हो सकती है। चौकड़ी का समिति प्रबंधक भले ही पिता हो, लेकिन अधिकांश कार्य उसके पुत्र ही देखते थे। इन्हीं की देखरेख और सहमति से फर्जी बिल बनाए जाने की बात भी सामने आ रही है। पुलिस द्वारा भी समिति प्रबंधक के बेटे से पूछताछ किए जाने की बात कही जा रही है। मामले में समिति प्रबंधक दिनेश बघेला, उसके दोनों पुत्र बंटी उर्फ रोहित एवं गब्बर उर्फ सुमित पर भी पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया था। बंटी गिरफ्तार हो चुका है, जबकि समिति प्रबंधक व उसका एक अन्य पुत्र अभी भी फरार हैं। बंटी को पकडऩे के पूर्व पुलिस द्वारा समिति के तुलावटियों से भी पूछताछ कर पता लगाने का प्रयास किया गया था।
भुगतान न मिलने पर किसान ने गटका था कीटनाशक
यह मामला समूचे जिले में छाया हुआ है। हाल ही में किसानों द्वारा भुगतान नहीं मिलने पर जहर पीने जैसे आत्मघाती कदम भी उठाए गए थे। इसके बाद मामला और गरमा गया। अब समिति प्रबंधक के बेटे के गिरफ्तार होने से मामले में कई खुलासे हो सकते हैं। समिति प्रबंधक की गिरफ्तारी होने पर फर्जीवाड़े में शामिल कई लोगों के नाम सामने आ सकते हंै।
5183 क्विंटल चना की हेराफेरी सामने आई थी
सेवा सहकारी समिति चौकड़ी द्वारा समर्थन मूल्य पर चना खरीदी में फर्जी बिल बनाकर शासकीय राशि के गबन किए जाने का प्रयास किया गया, लेकिन मामला उससे पहले ही उजागर हो गया। जांच में अधिकारियों द्वारा शुरू में 66 किसानों के नाम से 2804 क्विंटल उपज के फर्जी बिल होने की बात कहीं गई थी, लेकिन जांच के बाद यह उपज 5183 क्विंटल हो गई। यानि 2 करोड़ 52 लाख 67 हजार 125 रुपए मूल्य के चना के फर्जी बिल बनाए गए थे। सहकारिता विभाग ने इस मामले में खिरकिया एसडीएम के माध्यम से उन 38 किसानों से वसूली की कार्रवाई भी शुरू की है जिनके खातों में 54 लाख रुपए जमा हुए थे। इनमें से एक किसान 1 लाख 95 हजार रुपए वापस समिति के खाते में जमा करा चुका है। वहीं 147 किसानों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने के लिए छीपावड़ थाने को भी पत्र लिखा जा चुका है।
रिश्तेदार छोड़कर गया था थाना
खबर है कि बंटी को गुरुवार रात एक रिश्तेदार थाना छोड़कर गया था। इससे उसके सरेंडर करने की बात सामने आई थी। हालांकि पुलिस शुक्रवार शाम तक इससे इंकार करते रही कि आरोपी ने सरेंडर किया है।
समिति स्टाफ से पूछताछ की
बताया जाता है कि शुक्रवार को पुलिस ने सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी सतीष सिटोके के अलावा समिति के अन्य कर्मचारियों को थाना बुलाकर मामले से संबंधित पूछताछ की। इस मामले की जांच में सिटोके भी शामिल थे।
बेटे पर भी दर्ज हुआ चारसौबीसी का केस
पुलिस ने समिति प्रबंधक के बेटे बंटी निवासी पाहनपाट के खिलाफ भी भादंवि की धारा 420 व 406 के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। उसे शनिवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगा जाएगा।
इनका कहना है
पुलिस द्वारा रिश्तेदारों पर दबाव बनाने की रणनीति काम आई। इससे बंटी पकड़ में आ सका है। उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। अभी मामले में ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता।
- ज्ञानू जायसवाल, टीआई, छीपावड़ थाना

gurudatt rajvaidya Bureau Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned