एक दशक बाद भी स्थापित नहीं हो सकी महाराणा प्रताप की प्रतिमा

एक दशक बाद भी स्थापित नहीं हो सकी महाराणा प्रताप की प्रतिमा

sanjeev dubey | Publish: Sep, 07 2018 12:15:51 PM (IST) Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

स्वतंत्रता दिवस तक स्थापित किए जाने की नपं ने किया था दावा

खिरकिया/छीपाबड़. छीपाबड में स्टेट हाइवे पर महाराणा प्रताप चौक पर वर्षो बाद भी प्रतिमा की स्थापना नहीं की जा सकी है। नगर परिषद द्वारा 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित करने की दावा गया था। लेकिन स्वतंत्रता दिवस भी बीतने के बाद भी बनाए गए चबुतरे पर प्रतिमा की स्थापना नहीं हो सकी है। सामाजिक लोगों द्वारा कई बार प्रतिमा की स्थापना के लिए नगर परिषद को मौखिक व लिखित रूप से ज्ञापन भी सौंपे जा चुके है। लेकिन हर बार आश्वासन देकर चलता कर दिया जाता है।

एक दशक से चबूतरे को प्रतिमा का इंतजार
स्टेट हाइवे पर स्थित छीपाबड-चारूवा-हरदा चौराहे को महाराणा प्रताप का नाम दिए जाने के बाद करीब एक दशक पूर्व यहां चबूतरे का निर्माण किया गया था। वर्तमान नगर परिषद द्वारा इस पर प्राथमिकता दिखाते हुए महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित करने पर जोर तो दिया गया, लेकिन इसमें भी लेटलतीफी की जा रही है। यह चौराहा हरदा की ओर से आगमन पर नगर प्रवेश करने पर पहला चौराहा पड़ता है। प्रतिमा स्थाापित नहीं होने से चौराहे का सौंदर्यीकरण भी नहीं हो रहा है।

लंबे समय से हो रहा मूर्ति निर्माण
नगर परिषद द्वारा मूर्ति का निर्माण भोपाल में कराया जाना बताया जा रहा है। गनमेटल से करीब साढ़े ग्यारह फीट उंची प्रतिमा का निर्माण किया जा रहा है। जिसका वजन करीब 12 क्विंटल है। चेतक पर सवार महाराणा प्रताप की मूर्ति काफी आकर्षक है। मूर्ति को तैयार करने में करीब 17 लाख रूपए खर्च किए गए। यहां सौंदर्यीकरण कराने एवं प्रकाश की व्यवस्था सहित अन्य कार्यो के लिए करीब 5 लाख रुपए अलग से खर्च किए जाना भी प्रस्तावित है। लेकिन इस कार्य में तेजी लाए जाने की आवश्यकता है।

इनका कहना है-
निर्माण मे विलंब तक चलते प्रतिमा स्थापित नहीं हो सकी है। शीघ्र ही प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
यशोदा पाटिल, अध्यक्ष, नपं खिरकिया

Ad Block is Banned