छात्र ने अपनी ही शिक्षिका के साथ किया ऐसा काम...फिर मिली यह सजा

साथी छात्र ने डरा-धमकाकर शिक्षिका का अपहरण कर अपने साथ ले गया और अलग-अलग जगह पर रखकर उसके साथ दुराचार किया

By: rakesh malviya

Published: 04 Jan 2018, 09:30 AM IST

बैतूल. बीएएमएस की पढ़ाई के दौरान रीवा के साथी छात्र ने छात्रा का पीछा उस समय तक नहीं छोड़ा जबकि उसकी शादी हो गई। शादी के बाद शिक्षिका बन गई। साथी छात्र ने डरा-धमकाकर शिक्षिका का अपहरण कर अपने साथ ले गया और अलग-अलग जगह पर रखकर उसके साथ दुराचार किया। साथी छात्र के चंगुल से छूटी शिक्षिका ने इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई। न्यायालय में चले केस में साथी छात्र को शिक्षिका से दुराचार का दोषी पाते हुए दस वर्ष के कठोर कारवास की सजा सुनाई है।
पीडि़त शिक्षिका की ओर से पैरवी करने वाले शासकीय अधिवक्ता शशीकांत नागले ने बताया कि वर्तमान में गर्ग कॉलोनी हाईस्कूल में शिक्षिका इंदौर में बीएएमएस का कोर्स करने वर्ष 2001-2002 में गई थी। वहीं पर ग्राम डोंडा त्योथर रीवा निवासी भानु प्रताप सिंह बघेल भी बीएएमएस कर रहा था। जिससे शिक्षिका और भानु की पहचान थी। भानु शिक्षिका को परेशान करता था। जिससे शिक्षिका बीएएमएस की पढ़ाई छोडक़र वापस आ गई। जून 2002 में शिक्षिका की शादी बानूर में हो गई। वर्ष 2006 में वह शिक्षिका बन गई। इसके बाद शिक्षिका के दो बच्चे भी हुए। दिसंबर 2011 में भानु ने शिक्षिका को मोबाइल किया। इसके बाद वह 15 मार्च 2012 को बैतूल आ गया। शिक्षिका को गेंदा चौक स्थित रिमून होटल बुलाया। भानु शिक्षिका को धमकाकर अपने साथ ले गया। शिक्षिका को भोपाल, रीवा, कटखरी, कटनी, दल्ली छत्तीसगढ़ ले गया और उसके साथ दुराचार किया। 25 मार्च 2012 को वह भानु के चंगुल से छूटी और बैतूलबाजार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
विशेष न्यायाधीश अनिल गुप्ता की कोर्ट में चले प्रकरण में दोषी भानुप्रताप को दस वर्ष के कठोर कारावास और 5000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया है। दोषी को अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई गई है।

दुष्कर्म की वारदातें बढ़ीं
हरदा. पुलिस ने वर्ष 2017 में घटित अपराधों का ब्योरा सार्वजनिक किया। रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान लूट की वारदातों में कमी आई। वहीं दुष्कर्म के मामले बढ़े हैं। वर्ष 2016 के 16 के मुकाबले २०१७ में इसके 8 प्रकरण दर्ज किए गए। इसी तरह २०१७ में दुष्कर्म के ६० प्रकरण दर्ज किए गए। 2016 में इनकी संख्या 48 थी। वर्ष 2017 में हत्या के 18 , हत्या के प्रयास के 19, गृहभेदन के 79, साधारण चोरी के 18 4, अपहरण के 8 6 व बलवा के 16 प्रकरण दर्ज किए गए। वर्ष 2015 में भादंवि की विभिन्न धाराओं के तहत १६८८ प्रकरण दर्ज हुए थे। वर्ष २०१6 व २०१७ में इनका आंकड़ा क्रमश: १८७३ व २१९८ रहा।

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rakesh malviya Desk
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